Chapter 11 of 81

chapter 11

Love With My Beast Husband3,337 words~17 min read

अब आगे.......,    खुराना एंटरप्राइजेज........,    " तुम्हारी यह प्यारी सी बीवी.....,मेरे सर के साथ साथ मेरे कान भी खा गई है ,मुझे आराम की जरूरत है अक्ष ....,वैसे तुम कैसे झेल रहे हो इस लड़की को ? यह लड़की पिछले 20 मिनट में इतना बोल गई की जितना मैं 3 दिन में बोलता हूं ,और तुम्हे तो पूरा साल लगता होगा | "  रात्रि का मुंह बन गया था | वह मासूमियत से सर्वाक्ष को देखने लगी | रवीश की बात सुन सर्वाक्ष भी अब उसे ही देख रहा था | तभी वह बोली,""_ मैने इन्हे इतना भी नही पकाया अक्ष....| "   सर्वाक्ष ने बस सर हिला दिया | फिर वही ड्रा में रखे हुए ,रात्रि के बनाए हुए ड्राइंग पेपर्स निकाल कर उसे दिखाते हुए अपने भारी सी आवाज में पूछा ,""_ यह सब तुमने डिज़ाइन किया है ? "   "  हुंह.....? " रात्रि उसके हाथ में से पेपर्स ले कर देखने लगी | उसने ही वह सब लाइब्रेरी मे बैठ कर टाइम पास के लिए डिजाइन किया था |         रात्रि बोली,""_ मैंने यह सारे डिजाइंस सिर्फ टाइमपास के लिए बनाया था अक्ष,यह आप क्यों रखे है ? "   " What...?time .... ,टाइम पास के लिए....? " रवीश हैरानी से रात्रि को देखते हुए थोड़ा हकला कर पूछा,जो डिजाइन रात्रि ने टाइम पास के लिए बनाया था वह सारे डायमंड मार्केट में करोड़ में भीख जाने वाले थे |    रवीश को इस तरह चिल्लाता देख रात्रि उसे ही हैरानी से देखने लगी थी | वही सर्वाक्ष का भी हाल रवीश जैसा ही था | तभी रवीश बोला ,""_ क्या आप जानते हैं...? अगर यह डिज़ाइन हीरे के बाजार में लॉन्च होता है... तो एक एक सेट का कीमत भी मिलियन में होगी | "    तभी सर्वाक्ष ने भी कहा ,""_ he is right Ratri....| "    रात्रि ने बेफिक्री से रवीश से कहा ,""_तो फिर इसे लॉन्च कर दो..., अगर आप चाहें तो मेरे पास कई और डिजाइंस हैं....रूको....| "     बोलते हुए रात्रि अपने बैग में से दो तीन बुक निकाल कर उन दोनो को देते हुए बोली,""_ इसमें और भी डिजाइंस है देखिए .....| "   सर्वाक्ष और रवीश एक एक पेज भी पलटाते हुए देखने लगे | उन्हे रात्रि पर प्राउड फील हो रहा था | वही रवीश उसका तारीफ़ करते हुए बोला ,""_ wow......all are just amazing......| "    रात्रि की चेहरे पर हल्की सी मुस्कान आ गया | वही सर्वाक्ष उसके गाल को टैप करते हुए बोला ,""_ pritty cool...| "     रात्रि का चेहरा इस वक्त खिलखिला हुआ था |वह अपने मन में बोली,""_  यह सारे डिजाइंस अमेजिंग होना ही था अक्ष.... आख़िरकार मैं अपने पिछले जीवन में फेमस फैशन डिजाइनर जो रही थी | "      रात्रि अपने पहले जन्म में एक फेमस फैशन डिजाइनर थी | उस वक्त भी सर्वाक्ष रात्रि पर प्राउड फील करते हुए उतना ही तारीफ़ किया था जितना वह अब कर रहा था लेकिन अफसोस उस वक्त रात्रि ने उसका कदर नही किया था, बल्कि वह उसे घमंड में जवाब दिया करती थी |      लेकिन इस जिंदगी में वह ऐसा कोई गलती नही करने वाली थी | वह इस वक्त सर्वाक्ष का तारीफ सुन रही थी | वैसे तो वह आदमी तारीफ़ कुछ ज्यादा नही बोल रहा था लेकिन उसकी आंखो में वह अपने लिए प्राउड वाली भाव ही देख पा रही थी |     वही सारे डिजाइंस देखने के बाद रवीश के चेहरे पर सिल्ली स्माइल 😁😁 आ गया था | वह अपने दांत दिखाते हुए रात्रि को देख पूछा ,""_ क्या मैं यह बुक अपने साथ ले जा सकता हूँ ?     रात्रि का हाथ उसके मुंह पर आ गया  🤭 | वह अपना सर हिलाते हुए बोली,""_ले लो भाई,... अगर आप चाहो तो..., मेरे पास घर पर भी बहुत सारी स्केच बुक्स हैं..., आप उन्हें भी ले सकते हो | "     रवीश के मुंह में लड्डू फ़ूटने लगे थे | वही सर्वाक्ष रवीश को देख अपना सर ना में हिलाया | फिर रात्रि को देखा ,उसके गोद में बैठी हुई वह लड़की अभी अभी खिले हुए किसी लाल गुलाब की तरह लग रही थी |     सर्वाक्ष धिरे से अपने हाथ को उसके शर्ट के अंदर ले जा कर उसके खुले कमर को सहलाने लगा | रात्रि एक दम से सिहर गई ,वह सर्वाक्ष को बेचैनी से देखते हुए, उसके हाथ कसके पकड़ कर आंखो से ही इशारा कर बोला,""_ यह क्या कर रहे है आप ? सामने रवीश भाई है ? "   सर्वाक्ष तो बेशर्मों में से था | वह बिना कुछ कहे अपने हरकत जारी रखा | वही रात्रि की सांसे अटक गए थे | वह कसमसाते हुए फिर रवीश को देखी ,वह तो उसके बनाए हुए ज्वेलरी डिजाइन को देखने में busy था |       रात्रि जल्दी से सर्वाक्ष के गोद में से उठने लगी लेकिन हड़बड़ी में टेबल का नोक जोर से उसके कमर पर लग गया | और इसी के साथ उसके मुंह से दर्द भरा चिक निकल गया |      " अअह्ह्ह्ह्ह ....अक्ष..... अह्ह्ह्ह....| "     रात्रि करहाते हुए अपने आंखे खींच ली | वही सर्वाक्ष हड़बड़ा कर चेयर को पीछे मूव कर रात्रि के कमर को सहलाते हुए बेहद सख्ती से मगर चिल्लाते हुए बोला ,""_ क्या जरूरत थी तुम्हे इस तरह उठने की ? हां ? देखो लग गई ना ? "   रवीश हैरानी से रात्रि को देख रहा था | जो अपना चेहरा भींच कर दर्द सहने की कोशिश कर रही थी | लेकिन उससे दर्द बर्दाश्त ही नही हो रहा था ,वह करहाते हुए छटपटा रही थी और लगतार उसके आंखो के कोने से आंसू बहने लगे थे |     सर्वाक्ष उसे गुस्से से देखते हुए उसका कमर सेहला रहा था | लेकिन रात्रि का दर्द भरा चेहरा देख उसे अंदर ही अंदर बहुत दर्द मेहसूस हो रहा था | वही रवीश जल्दी से उठ कर सर्वाक्ष से बोला ,""_  भाभी को ज्यादा लगी होगी अक्ष,तुम उसे ले कर सीक्रेट रूम में जाओ , मैं अभी डॉक्टर को कॉल करता हु | "    आह....नही...भाई...., मैं ठीक हु.....| " रात्रि करहाते हुए धीमी आवाज में बोली | सर्वाक्ष ने उसे जल्दी से अपने गोद में उठा कर सीधे केबिन में बनाए हुए रूम में चला गया |    सर्वाक्ष का गुस्सैल औरा और गुस्से से चिल्लाता देख रात्रि बिना आवाज किए ही रोते हुए सहने की कोशिश कर रही थी | लेकिन उसे बहुत दर्द मेहसूस हो रहा था,तो उसके मुंह से चिक निकल ही रहा था | और रात्रि का  पकड़ भी सर्वाक्ष के शर्ट में इतना कस गया था की अब तक उसके शर्ट के दो तीन बटंस टूट भी गए थे |     सर्वाक्ष उसके मासूम चेहरे पर बिखरी हुई दर्द का भाव ही देख रहा था | वह जल्दी से उसे बेड पर आराम से सुला कर उसके शर्ट को ऊपर सरका कर देखा ,कांच का वह नोक उसे ज्यादा ही जोर से लगा था | वहा कोई खून तो नहीं बह रहा था लेकिन हा वह जगह बहुत लाल हो गया था |     रात्रि की एक हाथ अभी भी सर्वाक्ष के शर्ट में कस गया था तो दूसरा बेडशीट में ...| सर्वाक्ष उसके हाथ से अपना शर्ट छुड़वा कर रूम में बाहर गया |    वही उसके जाते ही रात्रि की आंखो से आंसू बहने लगे थे | वह रोते हुए, हल्के से करहाते हुए बोली,""_ अह्ह्ह्ह्ह,यह बहुत दर्द कर रहा है | "     तभी रूम का डोर ओपन हुआ | सर्वाक्ष जल्दी से उसके पास आ कर उसके कमर पर हल्के हल्के से ice पैक रख कर दबाने लगा | रात्रि हल्के से करहाते हुए सर्वाक्ष को देखी,हमेशा के तरह अभी भी उसके चेहरे पर कठोर भाव ही थे | लेकिन रात्रि का रोना सर्वाक्ष को बहुत तकलीफ दे रहा था, लेकिन वह अपने इमोशंस को दिखा नही रहा था |     थोड़ी देर बाद रात्रि शांत हुई | वही सर्वाक्ष बिना उसकी ओर देखे ही थोड़ा सख्ती से पूछा ,""_ अब तुम्हारा दर्द कैसा है ? "    रात्रि धीमी आवाज में बोली,""_ अब ठीक है अक्ष...| "    सर्वाक्ष अपना सर घुमा कर उसे एक नज़र देखा फिर उठ कर उससे बोला ,""_ थोड़ी देर और रेस्ट करो...,मै आता हु...| "   सर्वाक्ष जाने को मुड़ा की तभी रात्रि ने उसका हाथ पकड़ कर रोक लिया | सर्वाक्ष मुड़ कर उसे देखा ,रात्रि उसे अपने पास ही बैठने का इशारा कर रही थी | वह एक गहरी सांस लेते हुए उसके करीब आ कर बैठा |     वही रात्रि उठने को हुई,यह देख अक्ष गुस्से से थोड़ा तेज़ आवाज़ में बोला,""_ कहा न तुम्हे थोड़ी देर ऐसे ही रेस्ट करना है ? फिर उठ क्यों रही हो ? "   सर्वाक्ष को डांटता देख रात्रि का मुंह बिगड़ गया | वह उसका हाथ छोड़ कर वैसे ही लेटी रही | लेकिन मन ही मन वह सर्वाक्ष को कोस रही थी | यह इंसान उससे इतना प्यार करता है तो इतना उसके साथ रूड बिहेवियर क्यों कर रहा है ?  रात्रि अपने दोनो हाथ को आपस में ही उलाझा कर अजीब तरह से रब करते हुए वैसे ही लेटी रही | सर्वाक्ष उसके बगल में ही बैठा था | वह धीरे से उसके बालो में हाथ फिराने लगा | रात्रि अपने पलके उठा कर सर्वाक्ष को देखी, सर्वाक्ष बिना भाव के बस उसे देखते हुए उसके बालो पर उंगली फिराने लगा था | वह बोला ,""_ sleep ....| "   रात्रि ने अपना सर ना में हिलाया, आज कल जिस ट्रोमा से वह गुजर रही थी | उससे अब रात्रि सोने के लिए डर मेहसूस करने लगी थी | वह कुछ दिन से सुकून का नींद ले ही नही पा रही थी | जैसे ही वह आंखे बंद करती तो अपने ही दर्दनाक मौत दिखने लगता | उसका चिल्लाना,दर्द से रोते हुए छटपटाना वह चाह कर भी उस नज़ारे को अपने सपने में देखने से खुद को रोक ही नही पा रही थी |       वह सर्वाक्ष से बोली,""_ नही अक्ष...,मुझे नींद नही आ रही | "    सर्वाक्ष ने उसे कुछ नही कहा | वही सर्वाक्ष का इस तरह बालो मे उंगली फिराने से रात्रि कैसे धीरे धीरे नींद में चली गई उसे पता ही नही चला | उसे सोता देख सर्वाक्ष के होंठ मुड़ गए | वह हल्के से उसके नाक के नोक को टैप करते हुए बोला ,""_ मैडम को नींद नही आ रही थी, देखो अब कैसे सो गई | "   सर्वाक्ष की नजर फिर रात्रि की कमर पर गई जहा टेबल का नोक लगने से अब धीरे धीरे हरा पड़ रहा था | वह फिर हल्के गुस्से से रात्रि को घूरते हुए बोला ,""_ स्टूपिड गर्ल.....| "    सर्वाक्ष फिर झुक कर उसके कमर पर हल्के चूमा ,उसके होंठो का स्पर्श पाते ही रात्रि नींद में ही कसमसाने लगी |     Mmmmmmm.....| "     सर्वाक्ष एक नजर रात्रि को देखा ,नींद में ही उस लड़की की चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान आ गया था | सर्वाक्ष उसके शर्ट को ठीक करा | फिर उठ कर रूम से बाहर चला गया |   रवीश केबिन में ही था | वह बोला,""_ क्या हुआ ? "  " Nothing, she is fine now....| "  बोलते हुए जा कर सर्वाक्ष अपने हेड चेयर पर बैठ गया |     हॉस्पिटल.......               ध्रुव का कार आ कर हॉस्पिटल के सामने जोर से ब्रेक लगाते हुए रुक गया | वही ड्राइविंग सीट पर बैठे हुए ध्रुव जल्दी से बाहर आ कर दौड़ते हुए अंदर गया |        वह जल्दी जल्दी से एक ऑपरेशन थिएटर के पास जाने को हुआ की तभी उसे एक नर्स आवाज लगाते हुए रोक लिया |   "  डॉक्टर ध्रुव.....| "    ध्रुव मुड़ कर उसके ओर देखा | तभी वही वह नर्स उसके पास आ कर बोली,""_ डॉक्टर ध्रुव ...,अपको आने में देर हो गया तो कल ही अप्वाइंट हुई नए डॉक्टर ने आपके पेशेंट का ऑपरेशन किया , it's alright now...| "   ध्रुव सर्वाक्ष से मिलने उसके ऑफिस जाने लगा था लेकिन बीच रास्ते में ही उसे हॉस्पिटल से कॉल आया था , की उसे एक इमरजेंसी पेशेंट का ऑपरेशन करना है लेकिन उसके बदले किसी और ने उस पेशेंट का ऑपरेशन कर दिया था |      ध्रुव ने बस सर हिला दिया | तभी वहा से वह डॉक्टर गुजरी जिसके बारे में अभी अभी नर्स ने ध्रुव से कहा था |  वह नर्स उस लड़की को रोकते हुए बोली,""_ डाक्टर शालिनी....,यह सीनियर डॉक्टर है ध्रुव कश्यप...,आपने थोड़ी देर पहले इनके पेशेंट का ही ऑपरेशन किया था | "   वह लड़की हल्के से मुस्कुराते हुए ध्रुव के तरफ अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए बोली,""_ Hi Doctor....| ' ध्रुव ने भी उससे अपना हाथ मिलाते हुए बोला ,""_ हैलो....| "   उन दोनो के बीच बातचीत शुरू होने ही वाली थी की तभी शालिनी का फोन रिंग हुआ | उसने एक नज़र फोन के स्क्रीन पर शो हो रहे नाम को देखा ,फिर ध्रुव और नर्स को bye बोल कर वहा से चली गई | ध्रुव उसे बस जाता हुआ देख रहा था तभी वह नर्स बोली,""_ she is very pritty and kind doctor....| "      ध्रुव ने कुछ नही कहा | वह वहा से बाहर चला गया |             खुराना एंटरप्राइजेज......,         रात्रि गहरी नींद में थी | लेकिन वह हमेशा के तरह नींद में ही कसमसा रही थी | और बिना रुके बडबडा भी रही थी |   " अह्ह्ह्ह्ह...नही...,नही .....,अक्ष... अह्ह.. अक्ष.....| "    रात्रि सर्वाक्ष का नाम चिल्लाते हुए झट से अपने आंखे खोल कर उठ कर बैठ गई | उसका चेहरा पूरी तरह पसीना पसीना हो गया था | और वह ज्यादा ही घबरा गई थी | रात्रि थोड़ा तेज़ तेज़ सांस लेते हुए रूम में आस पास देखी, सर्वाक्ष उसके बगल में ही नहीं था |    रात्रि जल्दी से उठ कर बाहर चली गई |     कैबिन में ....    सर्वाक्ष इस वक्त अपने एक फीमेल एम्प्लॉय के साथ कुछ डिस्कस कर रहा था | वह लड़की उसे अपने लैपटॉप में कुछ दिखाते हुए कुछ कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के बारे में बता रही थी और सर्वाक्ष बस अपना सर हिलाते हुए उसकी बाते सुन रहा था | उसके चेहरे पर इस वक्त सीरीपस नेस था ,तो वही वह लड़की बेहद प्रोफेशनल हो कर उसे सब बता रही थी |    अचानक से सीक्रेट रूम का डोर धड़ाम से खुला | सर्वाक्ष और वह लड़की एक साथ रात्रि के तरफ देखे | रात्रि घबराएं हुए लग रही थी | सर्वाक्ष उठ कर उसके पास जाता उससे पहले ही रात्रि भागते हुए आ कर उसके गोद में बैठ के उसके गले गई |       वही सर्वाक्ष उसे अपने बाहों में झकड़ते हुए चेयर को दूसरी तरफ घुमाया ताकि वह लड़की उन्हे ना देख पाए | सर्वाक्ष रात्रि के पीठ को सहलाते भारी आवाज में मगर धीरे से पूछा,""_ what happened Ratri...? "   रात्रि अपने छोटू सा चेहरे को सर्वाक्ष के गर्दन में छुपा कर हल्के से रब कर रही थी | वह उससे इतना चिपक कर बैठी थी की उनके बीच हवा आने तक का भी जगह नहीं था |    वही वह एम्प्लॉय अपने आंखे फाड़े सर्वाक्ष के रिवॉल्विंग चेयर को देख रही थी | वह चेयर का बस बैक व्यू ही देख पा रही थी क्यों की सर्वाक्ष अब उसके तरह पीठ कर बैठा था |        रात्रि का हालत देख कर सर्वाक्ष को समझ आ गया था की जरूर रात्रि ने फिर से बुरा सपना देखा है | वह चुपचाप रात्रि का पीठ सहलाता रहा थोड़ी देर में रात्रि नॉर्मल हुई,फिर अपना चेहरा ऊपर कर सर्वाक्ष को देखी |        तभी अक्ष ने पूछा ,""_ are you ok now..| "   रात्रि ने हा में सर हिलाया | वही सर्वाक्ष एक राहत का सांस लेते हुए उसके माथे पर किस कर,उसके चेहरे को अपने सीने में छुपाया | सर्वाक्ष उससे बहुत कुछ जानना चाहता था, लेकिन उसे अब तक यह भी समझ आ गया था की वह लड़की उसे कुछ भी बताना नही चाहती है तो उसने भी उससे कुछ नही पूछा |    सर्वाक्ष फिर अपना चेयर घुमा कर उस एम्प्लॉय को देखा,जो अभी भी बुत बन कर वही खड़ी थी | सर्वाक्ष ने उससे कहा,""_ मिस सेजल...., बाकी के प्रोजेक्ट के बारे में तुम रवीश से डिस्कस कर लेना ...| "    उस लड़की का नाम सेजल था | वह अपना सर हिलाते हुए अपना फाइल ले कर बाहर चली गई | वही रात्रि की नजर सेजल पर ही टिकी थी | उसे ऐसा लग रहा था की उसने यह नाम अपने पिछले जन्म में भी सुना है | वह सोचने लगी |       सर्वाक्ष अपना सर सीट को टिका कर रात्रि को देखा ,वह लड़की उसके गोद में हो कर भी उसके पास नही थी | वह सख्ती से पूछा ,""_ अब तुम कहा खो गई ..? "    रात्रि अपने खयालों से बाहर आ कर सर्वाक्ष को देखी,फिर बिना कुछ कहे उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपा ली | सर्वाक्ष को उसके गरम सांसे अपने गर्दन में मेहसूस हो रहे थे | इससे वह धीरे धीरे बहक भी रहा था |     सर्वाक्ष अपने गाल को उसके सर पर टिकाते हुए धीरे से अपने ठंडे हथेली को रात्रि की कमर पर रख दिया | रात्रि एक दम से सिहर उठी | वह धीरे से अपना चेहरा ऊपर करने को हुई लेकिन सर्वाक्ष का गाल उसके गाल को छू रहा था और सर्वाक्ष का हाथ जो उसके कमर में था वह अब अपने रास्ता भटका रहा था |       रात्रि की सांसे अटक गए | वह सिहरते हुए सर्वाक्ष के शर्ट को कसके पकड़ ली | वही सर्वाक्ष उसके कमर में अपने लंबे लंबे उंगलियों को बेहद सेंशुअली घुमाते हुए रात्रि की गालों पर भारी से किस करा |       रात्रि धीरे से आहे भरते हुए अपना चेहरा ऊपर कर सर्वाक्ष को देखी | सर्वाक्ष अपने आंखो में बेहद नशा सा लिए धीरे-धीरे उसके होंठों के करीब जा रहा था लेकिन उसकी कमर पर सर्वाक्ष ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी |           वही रात्रि अब बेचैनी से सर्वाक्ष को देख रही थी | सर्वाक्ष ने धीरे से अपने ठंडे होंठ को रात्रि के कोमल सी गुलाबी लाल होंठों पर रख दिया | सर्वाक्ष के होंठो के स्पर्श मेहसूस करते ही रात्रि ने अपनी आँखें बंद कर लीं और उसके किस का रिस्पांस देने लगी | लेकिन रात्रि के दोनो हाथ सर्वाक्ष के कंधे को कसकर पकड़ लिया था | उसका पकड़ पल भर में ढीला पड़ रहा था तो पल भर में ही सर्वाक्ष के कंधे पर मजबूत हो रहा था क्यों की सर्वाक्ष के उंगलियां बेहद सेंशुअली उसके कमर के साथ हरकत कर रहे थे | वह हल्के से कांप भी रही थी |      कुछ ही मिनटों में रात्रि की सांसें फूलने लगे |   To be continued........

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