Chapter 36: chapter 36

Billionaire's Dark DesireWords: 30552

अब आगे ....  त्रिहांश का रूम...    त्रिहांश राज्ञा के बालो में हाथ फेरते हुए एक टक सीलिंग को देखते हुए लेटा हुआ था | उसके गहरी काली आंखो में इस वक्त नींद नही सिर्फ गुस्सा था |   राज्ञा उसके ऊपर लेटे लेटे ही सो गई थी | वही थोड़ी देर बाद त्रिहांश राज्ञा को आराम से अपने बगल लेटाया | फिर झुक कर उसके होंठो पर किस कर थोड़ी देर बिना भाव के उसे देखने लगा | उसके दिल में राज्ञा के लिए प्यार जैसा कोई भाव नही था लेकिन कुछ जरूर था जिसे प्यार का नाम नहीं दिया जा सकता था |   त्रिहांश उसे ब्लैंकेट से कवर कर ,उठ के रूम का लाइट आफ किया फिर क्लोसेट रूम में चला गया |     त्रिहांश क्लोसेट रूम में बनाए हुए वार्डरोब के सामने जा कर साइड में से एक बटन प्रेस किया, जिससे उसके सामने से वार्डरोब हट गया | अब वहा एक सीक्रेट door नजर आ रहा था |     त्रिहांश आगे जा कर उस सीक्रेट door पर एक पासवर्ड डाला जिससे वह door खुल गया | त्रिहांश फिर अंदर चला गया |     रूम में सिर्फ अंधेरा ही अंधेरा था | त्रिहांश जा कर एक रेड लाइट ऑन किया | उस रेड लाइट से रूम में थोड़ा थोड़ा रोशनी बिखरने लगा लेकिन रूम फैले हुए अंधेरे को वह मिटा पा रहा था |     त्रिहांश अपने नज़रे चारो और घुमाते हुए जा कर, सोफे पर फसर कर बैठा गया, तभी उसके कान में एक औरत की कर्कश आवाज सुनाई दिया ,""_उस पर खतरा मंडरारर है,उसे कुछ नही होना चाहिए.....| "    उस औरत की बात पूरा भी होता उससे पहले ही वहा त्रिहांश की बेहद खतरनाक हंसी गूंज उठी | उस अंधेरे कमरे में उसका हंसी बेहद भयानक लग रहा था अगर त्रिहांश के सामने इस वक्त राज्ञा होती तो वह थर थर कांप जाती |     अचानक से त्रिहांश अपनी हंसी को रोक कर, थोड़ा आगे झुक कर अपने नज़रे उठाते हुए सामने दीवार पर टिकाया,जहा से एक स्क्रीन दिख रहा था और उस स्क्रीन में से एक औरत का तस्वीर दिख रहा था | उस औरत का चेहरा बहुत ही डरवाना लग रहा था क्यों की उसके एक गाल पूरी तरह जल गया था तो दूसरे गाल पर किसी घाव का एक मार्क था जो काला पड़ चुका था | वह बेहद बदसूरत सी औरत थी |    उस औरत की नजर इस वक्त त्रिहांश पर था | वही त्रिहांश बेहद भारी आवाज में उससे बोला,""_ हर खतरा मेरा बुलावा है ,लेकिन उस तक पहुंचेगा नही ...| "   बोलते हुए त्रिहांश के चेहरे पर बेहद devilish smile आ गया | थोड़ी देर वह औरत त्रिहांश से बात कर वीडियो कॉल को कट की |     वही त्रिहांश अभी भी उस स्क्रीन को ही देख रहा था ,वह फिर अपने जेब में से एक सिगरेट निकाल कर लाइटर से जलाया फिर उसका कश लेते हुए अपना सर सोफे पर टिकाया |      अब लाल रोशनी की उस कमरे में सिगरेट का धूंआ उड़ने लगा था | वही त्रिहांश की होंठो पर बस एक ही नाम निकल रहा था,""_ मनाली ....hmm | "     त्रिहांश सिगरेट को नीचे फेंक कर ,उस सिगरेट को कुचलते हुए बेहद गुस्से से अपने दांत टटोरने लगा | गुस्से से उसके माथे पर नसे तक उभर कर आ गए थे | लेकिन यह गुस्सा किस लिए है ? किसके लिए है ? यह बताना फिल्हाल मुश्किल था |     थोड़ी देर बाद त्रिहांश उस सीक्रेट रूम से बाहर आ कर एक बटन प्रेस किया तो वापस से वार्डरोब अपने जगह आ कर सेट हुआ |      वही त्रिहांश फिर वाशरूम चला गया | थोड़ी ही देर में वह रूम में आया तो उसकी आंखे अचानक से छोटी हो गई | वह फिर आस पास देखने लगा , राज्ञा इस वक्त रूम में ही नही थी |   त्रिहांश door के तरफ देखा जो आधा खुला हुआ था | वह बड़बड़ाते हुए बोला,""_ यह लड़की इस वक्त बाहर क्यों गई ? "     त्रिहांश रूम से बाहर जाने को हुआ की तभी राज्ञा रूम के अंदर आई जो कुछ परिशान सी लग रही थी | त्रिहांश उसके पास जाते हुए पूछा,""_ कहा गई थी तुम ? वह भी इस वक्त ? "  राज्ञा अपना सर ऊपर कर त्रिहांश को देखी ,फिर हैरानी से उसके बाजू पकड़ते हुए बोली,""_ आप कहा गए थे ? मैं आपको ढूंढते हुए ही बाहर गई थी ? आप रूम में नही थे फिर कैसे अंदर ..? "    त्रिहांश अपने आंखे छोटी कर उसे घूर रहा था | वह फिर उसे बेड के पास ले जा कर सख्ती से बोला,""_रात बहुत हो गई है, चुपचाप सो जाओ | "   राज्ञा उसे ही हैरानी से देख रही थी | जब वह उठी थी तब त्रिहांश रूम में नही दिखा था | उसने पूरे रूम में उसे ढूंढा था l      राज्ञा बेड पर बैठते हुए उससे बोली,""_ मुझे नींद नहीं आ रही है त्रिहांश,मुझे नही सोना | "     त्रिहांश उसे थोड़ी देर देखा फिर अपना कंधा उछका कर उसके करीब आ कर बोला,""_ ठीक है ..चलो हम रोमांस कर लेते है | "   बोलते हुए त्रिहांश उसे बेड पर ढकेल कर उसके ऊपर आने को हुआ की तभी राज्ञा फुर्ती से साइड में हट कर खुद को ब्लैंकेट से कवर कर बोली,""_ नही नही त्रिहांश अब मुझे नींद आ रहा है | "      ब्लैंकेट में दुबक कर वह सो गई | कल दिन और रात दोनो वक्त त्रिहांश उसके साथ इंटीमेट हुआ था, जिससे उसके बदन में अभी भी दर्द था तो वह इस हाल में त्रिहांश को और टॉलरेट नही कर सकती थी |   वही त्रिहांश अपना सर ना में हिलाते हुए उसके बगल में लेट कर उसे एक ही झटके में अपने बाहों में खींच कर उसे अपने गले से लग कर सो गया |      राठौड़ निवास....  माया और सुधर्व मनाली गए हुए थे | वही अर्यांश अपने रूम में था उसे खबर नहीं था की उसके घर में इशान घुस कर आया है | क्यों की वह उर्मी की याद में खो गया था |       अहीरा का रूम...      इशान इस वक्त अपने गोद में बैठे हुए अहीरा को ही देख रहा था जो मुंह फूला कर दूसरे तरफ देख रही थी | उसका एक गाल बेहद लाल हुआ था ,शायद यह इशान की थप्पड़ के वजह से हुआ था |      इशान धीरे से उसके गाल सहलाने लगा तो अहीरा ने गुस्से से उसके हाथ को झटका दिया | वही इशान टेढ़ी नजरों से थोड़ी देर उसका चेहरा देखने लगा,गुस्से से आही का चेहरा बेहद क्यूट लग रहा था |      वह धीरे से उसके कंधे पर अपने टुडी टिका कर बोला,""_ तुम्हे पता है, सुबह से मैने भी कुछ नही खाया है |      आहिरा गुस्से से अपना कंधा उछकायी ताकि इशान उसके कंधे से अपना टुडी को हटाए | लेकिन इशान जरा भी हिला नही | वह कसके उसके कमर में अपना पकड़ मजबूत करते हुए बेहद धीमी आवाज में उसका नाम लिया,""_ आही...| "   अहिरा की बदन में एक दम से करेंट सा दौड़ गया | वह सिहरते हुए कसके इशान का हाथ पकड़ते हुए उसके तरफ देखती...इशान उसे बेहद प्यार से देख रहा था | वही आहिरा खुद को पिघलते हुए मेहसूस कर रही थी | वह जल्दी से उससे नज़रे हटा कर खाने की प्लेट को उठा कर खाने लगी ताकि इशान उसे ज्यादा तंग ना करते हुए यहा से जाए |     उसे इस तरह सिहरता देख इशान के चेहरे पर हल्के से स्माइल आई | वही अहीरा उसे घूरते हुए खाना चबा रही थी जिससे वह किसी पांडा के बच्ची लग रही थी |         थोड़ी देर में अहीरा ने अपना खाना खत्म किया फिर इशान के गोद में से उठने की कोशिश करते हुए बोलीं,""_ मैने खा लिया है अब जाओ |   इशान उसके चेहरे को अपने तरफ घुमा कर उसके आंखो में देख बोला,""_ अभी भी गुस्सा हो ? तुमने भी तो थप्पड़ मारा मुझे ..तो अब हिसाब बराबर ....| "   अहीरा बुरी तरह उसे घूरने लगी | वह फिर गुस्से से बोली,"" अब आप जा रहे है या मैं भाई को बुलाऊं ? "     इशान के चेहरे पर टेढ़ी स्माइल आ गई,वह झुक कर उसके होंठो पर किस कर बोला,""_ मै किसी से नहीं डरता आही | "           अहिरा छटपटाते हुए उसे खुद से दूर ढकेल कर उठ गई | वही इशान भी उठ कर उसके करीब जाने लगा | इशान को करीब आता देख आहिरा की कदम पीछे जाने लगी,वह गुस्से से बोली,""_क्यों तंग कर रहे है आप ? जाइए यहां से | "   बोलते हुए वह बेड से जा टकरा गई | वही इशान उसके बेहद करीब आ गया था | वह अहीरा को कमर से पकड़ कर उसके गालों पर भारी भारी से किस कर बोला,""_ I am sorry.. तुम्हे हर्ट करने का इरादा नही था आही, उस वक्त तुम बेवकुफो की तरह बीच रास्ते में भाग रही थी और वह ट्रक तुम्हे टकराने वाला था। | "   अहीरा हैरानी से इशान को देखने लगी | वही इशान उसके चेहरे को अपने हाथो में भर कर उसके माथे से अपना माथा जोड़ते हुए आगे बोला,""_ जान निकल रही थी मेरा उस वक्त...तुम्हे कुछ हो जाता यह ख्याल ही मुझे अंदर तक हिला कर रख दिया था इसीलिए गुस्से से तुम पर हाथ उठ गया,sorry | "   बोलते हुए इशान बेहद शिद्दत से उसके माथे पर kiss किया फिर वहा से चला गया | अहीरा बस उसे जाता हुआ देख रही थी | इशान के कहे हुए एक एक शब्द उसके दिल में अजीब सी बेचैनी पैदा कर दिया था | वह इशान के बारे में सोचते हुए ही जा कर बेड पर लेट गई |      सुबह का वक्त.....    त्रिहांश का रूम...      राज्ञा इस वक्त ड्रेसिंग टेबल के पास खड़े हो कर अपने बाल बना रही थी | लेकिन उसकी नजर त्रिहांश पर थी जो अभी भी सोया हुआ था | त्रिहांश इस वक्त पेट के बल लेटा हुआ था | जिससे उसका चेहरा बस एक तरफा कर ही दिख रहा था लेकिन बेहद हैंडसम लग रहा था |      राज्ञा त्रिहांश के करीब जा कर उसके गाल पर हाथ रख कर धीरे से त्रिहांश का नाम लेते हुए उसे जगाने लगी,   " त्रिहांश...त्रिहांश उठिए ना ? "    त्रिहांश नींद में ही राज्ञा को अपने करीब खींच कर, उसके इर्द गिर्द अपने बाहें डाल कर ,बस गुनगुनाते हुए बोला,""_ hmmmm ...| "   त्रिहांश का इस तरह खींचने से राज्ञा पूरी तरह त्रिहांश के बाहों में लिपट गई थी | उसके होंठ त्रिहांश के माथे को चूम रहे थे तो त्रिहांश के होंठ राज्ञा के सीने को... राज्ञा की धडकने तेज हो गए थे | वही त्रिहांश अभी भी अपने आंखे बंद कर लेटा था |          राज्ञा फिर खुद को संभालते हुए उससे बोली,""_ त्रिहांश...मुझे राशि को कॉल करना है | "    त्रिहांश राज्ञा को अपने बाहों में और जकड़ते हुए , उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपा कर बोला,""_ हां तो जा कर करो ना मुझे क्यों बता रही हो ? "     राज्ञा अपना सर उठा कर उसे घूर कर देखने लगी | त्रिहांश ने खुद उसके फोन को तोड़ कर चूर चूर कर दिया था और अब कह रहा है की जा कर कॉल करो, कहा से करे? कैसे करे ?     राज्ञा शिकयत लहजे में बोली,""_ आप कैसे भुल सकते है त्रिहांश ? कल आप ही ने तो मेरा फोन तोड़ा था | "    त्रिहांश ने कुछ नही कहा | तभी राज्ञा बोली,""_ मुझे आपका फोन यूज करना है | "    त्रिहांश ने अपने हाथो से फोन के तरफ इशारा कर बोला ,""_ hmmm | "   राज्ञा ने एक नजर साइड टेबल पर देखी,जहा त्रिहांश का फोन रखा गया था | राज्ञा वैसे ही फोन ले कर ऑन की लेकिन त्रिहांश ने पासवर्ड लगाया था |       राज्ञा फिर त्रिहांश के गाल सहलाते हुए पूछी,""_ password क्या है त्रिहांश  ?    " Lovey....!!!! " त्रिहांश बिना आंखे खोले उसे ऐसे ही जवाब दिया | वही राज्ञा का मुंह बन गया था | उसे अभी तक समझ नही आ रहा था की यह lovey कोन है ? वह त्रिहांश के मुंह से बार बार यह नाम सुन रही थी और उसने एक बार सुधर्व के मुंह से भी सुना था |     जब जब राज्ञा यह नाम सुनती थी तब तब उसने यह भी नोटिस  किया था ,की यह नाम यूज करते वक्त त्रिहांश की नजर उस पर ही होती थी, जैसे वह उसे ही आवाज लगा रहा हो ? और उस दिन सुधर्व के मुंह से भी राज्ञा ने यही नाम सुना था और तब सुधर्व उसे ही देख रहा था ,जैसे वह राज्ञा को ही आवाज लगा रहा हो ?     नाम राज्ञा का ही था, बस वह इससे अंजान थी | राज्ञा को यह नाम अपना सा लगते हुए भी अपना नही लग रहा था |     राज्ञा lovey नाम टाइप करती है तो फोन का लॉक खुल गया | राज्ञा फिर राशि का नंबर डायल करने को हुई लेकिन तभी त्रिहांश के फोन पर एक के बाद एक नोटिफिकेशन आने लगे और राज्ञा की हाथ उस पर क्लिक हो गई|    राज्ञा जल्दी से बैक होने लगी की तभी उसे एक वीडियो दिखा जिसमे गौतम खुराना नजर आ रहा था | और उसके नीचे लिखा था ,""_ बॉस वीडियो माया राठौड़ तक पहुंचा दिया है | "      राज्ञा ने वीडियो पर क्लिक किया, उसके सामने वह सारे नज़ारा दिखने लगा  जिसमे त्रिहांश बेहद हैवानगिरि दिखाते हुए गौतम को मार डाला था |    वही वीडियो का साउंड त्रिहांश का चेहरा एक दम से डार्क हो गया था | वह जल्दी से उठ कर राज्ञा के हाथ में से फोन ले कर उसे देखने लगा | राज्ञा अब हैरानी से त्रिहांश को ही देख रही थी |      वही त्रिहांश कसके अपने आंखे बंद कर गुस्से अपना माथा रब करने लगा ,तभी उसके कान में राज्ञा की रूंधली सी आवाज सुनाई दी,""_ आपने उन्हे मार डाला ? क्यों त्रिहांश ? "   त्रिहांश गुस्से से अपने आंखे खोल कर राज्ञा को देखने लगा जो अब रोने लगी थी | उसके आंखो से अब आंसू बिना रुके बहने लगे थे | वही उसे रोता देख त्रिहांश का जबड़ा सख्त हुआ | वह कसके राज्ञा का चेहरा पकड़ कर गुस्से से चिल्ला कर बोला ,""_ रो क्यों रही हो damid ? "  राज्ञा रोते हुए उसके पकड़ से छुटने के लिए तड़पते हुए बोली,""_ वह मेरे डैड है त्रिहांश और आपने.... अह्ह्ह्ह्ह "     " वह तुम्हारे कोई नही है ,समझी ? " गुस्से से त्रिहांश राज्ञा का चेहरा झटका कर चिल्लाया |     वही राज्ञा रोते हुए मुंह के बल गिर गई थी | वही त्रिहांश गुस्से से उसके बाजू पकड़ कर ,अपने करीब खींचा ,फिर बेहद कोल्ड वाइस में बोला,""_ अब एक और आंसू भी तुम्हारे आंखो से गिरा न तो गौतम के बीवी और बेटा दोनो में से कोई नही बचेगा | "     राज्ञा अपना सर ना में हिलाते हुए अपने आंसू पोंछने लगी ,लेकिन वह बह रहे अपने आंसू को रोक नहीं पा रही थी | वही त्रिहांश का गुस्सा बढ़ता जा रहा था | वह उसे छोड़ कर वाशरूम चला गया |    वही राज्ञा को वानी की फिकर हो रही थी | वह उठ कर रूम से बाहर चली गई |    हाल में इस वक्त सारे घरवाले बैठे हुए थे | वही वेदिका सबके लिए coffee और tea दे रही थी | तभी उन सबकी नजर राज्ञा पर गई ,जो रोते हुए बाहर की तरफ जा रही थी |     सारे घरवाले एक दूसरे को देख राज्ञा को देखने लगे | वही वेदिका,इशान,उर्मी ,इशा,सब राज्ञा को आवाज लगाते हुए उसके पास गए |   " राज्ञा.... राज्ञा क्या हुआ .? "       राज्ञा रुकी नही और वह ऐसे ही मैन door तक गई वह अभी बाहर कदम रखती तभी त्रिहांश के दो बॉडीगार्ड्स आ कर उसके सामने रुक गए | राज्ञा ना समझी में उन्हे देखने लगी,तो वह बॉडीगार्ड्स बोले ,""_ sorry ma'am आप बाहर नही जा सकते | "   राज्ञा की हाथो की मुट्ठी बन गई | वह उन पर चिल्लाते हुए बोली,""_ मुझे जाना है मतलब जाना है, हटिए मेरे रास्ते से...| "     राज्ञा की बात सुन वह दोनो बॉडीगार्ड ने कुछ नही कहा   और नाही उसे जाने रास्ता छोड़े | राज्ञा को अब बहुत गुस्सा आ रहा था | वही वेदिका राज्ञा को अपने तरफ घुमा कर उसके आंसू पोचेते हुए पूछी,""_ क्या हुआ बच्चा ? तुम इतना रो क्यों रही हो ? "    राज्ञा को बहुत रोना आ रहा था | वह कसके वेदिका के गले लगते हुए बोली,""_ आपका बेटा बहुत बुरे है मम्मा,बहुत बुरे... अअह्ह्ह्ह | "  राज्ञा अभी बोल ही रही थी की तभी उसे किसी ने अपने बाहों में खींच लिया | अचानक से ऐसा होने से राज्ञा जा कर उस इंसान के सीने से जा लगी |    वह अपना चेहरा ऊपर उठा कर उसे देखी,सामने त्रिहांश खड़ा था | जो गुस्से से उसे ही घुरे जा रहा था | राज्ञा फिर रोते हुए उससे बोली,""_ मुझे जाना......| "   वह आगे कुछ नही बोल पाई क्यों की त्रिहांश उसे लगभग अपने साथ खींचते हुए बहार चला गया था | सारे घरवाले यह सारा नजारा देखते हुए खड़े थे |  To be continued...........