Chapter 46: chapter 46

Billionaire's Dark DesireWords: 27147

   अब आगे ........    सारे घरवाले हैरानी से कभी अपने सामने खड़े त्रिहांश और राज्ञा को देखते तो कभी धीरांश को जो बिना भाव के राज्ञा को देख रहा था |      राज्ञा की नजर इस वक्त सब पर था | उसे समझ नही आ रहा था की सारे घरवाले उसे ऐसे क्यों देख रहे है ? वह त्रिहांश का हाथ को कसके पकड़ कर डरते हुए बोली""_ त्रिहांश..सब मुझे ऐसे क्यों देख रहे है ? कही उस अंजान आदमी ने उन गंदी तस्वीरों को इन्हे भी......| "  " Just shut up bivi....!!! "  त्रिहांश गुस्से से बोला ,तो राज्ञा का चुप हो गई | उस अंजान आदमी से उसे मैसेज आया था की अगर वह त्रिहांश को छोड़ कर नहीं जाती तो वह उन फोटोज को अजय या त्रिहांश को भेज देगा | त्रिहांश तो उस पर यकीन नही किया लेकिन क्या अजय उस पर भरोसा करेगा ? सबको इस तरह अपने तरफ देखता देख राज्ञा को लग रहा था की उसी अंजान आदमी का मैसेज के वजह से सब उसे ऐसा देख रहे है |    राज्ञा के मन में इस वक्त अजीब तरह के सवाल उठ चुके थे | और वह डर रही थी की कहीं उसके चरित्र पर दाग न लग जाए | वैसे उसे इतना तो पता था कि त्रिहांश उसके साथ है और उसके रहते हुए उस पर कोई सवाल नही उठाएगा?लेकिन फिर भी वह अपने ऊपर उठ रहे दाग को सुनने तयार नही थी |     त्रिहांश एक टक बिना भाव के धीरांश को देख रहा था | वह फिर इशा से बोला ,""_ इशा..भाभी को ले कर रूम में जाओ ..! "    इशा राज्ञा को ले कर रूम के तरफ जाने को हुई की  तभी माया अंदर आते हुए बोली,""_ क्यों  ? वह क्यों अंदर जाएगी  "   त्रिहांश की आंखे कसके बंद हो गए | और वह गुस्से से अपना माथा रब करते हुए इशा का नाम बेहद गुस्से से चिल्लाया  |    ""_ इशा.....सुना नही मैने क्या कहा ? "  राज्ञा को कुछ समझ नही आ रहा था की वहा क्या हो रहा है ? वह मुड़ कर माया को देख रही थी | लेकिन त्रिहांश का इस तरह इशा पर चिल्लाने से वह खुद ही इशा को ले कर रूम में जाने को हुई की तभी किसी ने उसका हाथ पकड़ लिया |       राज्ञा मुड़ कर देखी,माया ने ही उसका हाथ पकड़ कर रखा था | वही त्रिहांश बेहद गुस्से से धीरांश को देख रहा था |     माया राज्ञा के गले लगते हुए बोली,""_ मेरी बच्ची.....!!! "   राज्ञा अपने जगह में ही जम गई थी | और वह एक टक त्रिहांश को देख रही थी | वह फिर माया से अलग होते ही बोली,""_ कोन है आप ? "     अपने ही बच्ची के लिए वह अंजान थी | वह राज्ञा की गाल पर हाथ रखते हुए बोली,""_ मैं....|"    माया आगे कुछ भी कहती ,उससे पहले ही त्रिहांश राज्ञा और उसके सामने आ खड़ा | माया गुस्से से त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश बेहद सर्द मगर धीमी आवाज में बोला,""_ उसे यहा आपने बुला तो लिया लेकिन इसका मतलब यह बिलकुल नही हुआ की वह आपके पास ही आई है |   माया की हाथो की मुट्ठी बन गई | वह त्रिहांश को कुछ कहती उससे पहले ही त्रिहांश राज्ञा को कमर से पकड़ कर अपने सामने किया | राज्ञा को कुछ समझ नही आ रहा था | वह त्रिहांश को देखने लगी |         वही त्रिहांश धीरे से उसके लटो को उसके कान के पीछे सरकाते हुए बोला ,""_ तुम जानना चाहती हो ना वह अंजान आदमी कोन है ? कोन तुम्हारे कैरेक्टर पर कीचड़ उछाडना चाहता है ? "    राज्ञा हैरानी से त्रिहांश को देखने लगी | वह जानना चाहती थी लेकिन इस तरह सबके सामने नही | वही सारे घरवाले उन्हे ही सवालिया नजरों से देखने लगे | उन्हे बिलकुल समझ नही आ रहा था की त्रिहांश क्या कह रहा है ?        धीरांश का औरा बेहद सख्त था | वह त्रिहांश को देख गुस्से से बोला ,""_ क्या हो रहा है यहा ? "     त्रिहांश बेचारा सा चेहरा बना कर अपने फोन में राज्ञा के उन तस्वीरों को दिखाने लगा जिसमे राज्ञा के साथ त्रिहांश नही कोई आंजन लड़का था | वह सारे तस्वीरे एडिटेड थे | धीरांश वह सारे तस्वीरे देख कर राज्ञा को हैरानी से देखने लगा |     राज्ञा का चेहरा रोनी जैसा हो गया था | उसने अपना सर नीचे झुका ली | वही माया की चेहरे के हाव भाव बदल गए थे | त्रिहांश की नजर माया पर ही था | वह धीरांश से कहा,""_ यह सारे तस्वीरे एडिटेड है और इसे भेजने वाला...? "      त्रिहांश ने एक नजर माया को देखते हुए समर को आवाज लगाया | समर बाहर ही था और त्रिहांश की आवाज़ सुन वह एक लड़के के साथ अंदर आया | उस लड़के का हालत बहुत ही खराब था ऐसा लग रहा था की उसके साथ बहुत ही मार पीट किया हो |     सारे घरवाले हैरानी से उस लड़के के तरफ देखने लगे | वही त्रिहांश राज्ञा से बोला,""_ तुम्हे जिस नंबर से यह सारे बकवास  तस्वीरे आ रहे थे वह इसी लड़के का नंबर था | "     राज्ञा हैरानी से उस लड़के को देखने लगी | वह आज पहली बार उस लड़के को देख रही थी | वह उसे जानती भी नही थी तो फिर उस लड़के ने उसके साथ ऐसा क्यों किया ?क्या बिगाड़ा था उसने ?   माया की सिट्टी पिट्टी ही घूम हो गई थी | वही त्रिहांश के चेहरे पर बेहद शातिर मुस्कान आ गया था | वह राज्ञा से बोला ,""_भले ही तुम्हे इस लड़के के नंबर से वह सारे मेसेज आ रहे थे राज्ञा लेकिन यह सब कराने वाली मिसेज माया राठौड़ है | "     राज्ञा हैरानी से माया को देखने लगी | वही सबकी आंखे हैरानी से माया पर टिक गई,वहा खड़े हुए किसी भी इंसान को भरोसा नहीं हो रहा था की माया ने ऐसा किया है ? आज सबके सामने त्रिहांश माया को इतना नीचे गिरा दिया की वह अपने नज़रे उठा कर किसी को देख भी नहीं पा रही थी |      वेदिका,दिया,उर्मी,इशा,अहीरा ,इशान,अजय,विनोद आरव और आर्यांश, सुधर्व सब के सब हैरानी से माया को देखने लगे थे | माया का यह सच जान कर सबसे ज्यादा तकलीफ सुधर्व,अर्यांश और अहीरा को हो रहा था क्यों की वह तीनो अच्छे से जानते थे की राज्ञा उनकी ही परिवार का हिस्सा है फिर माया ने उसके साथ ऐसा क्यों किया ?क्यों ?   अहीरा माया के पास आ कर बोली,""_ मम्मा....आपसे  इतना गिरी हुई काम कैसे ..? ...वह भी अपने ही बेटी के साथ ? क्यों ?"   राज्ञा गुस्से से माया को देख रही थी लेकिन अहीरा की बात सुन वह ना समझी में अहीरा को देखने लगी | वही माया राज्ञा के करीब आ कर उसके दोनो बाजू पकड़ कर माफी मांगते हुए बोली,""_ मुझे माफ कर दे बच्चा..मैने यह सब जानबूझ कर नहीं मजबूरी में किया ? "  राज्ञा उसे खुद से दूर ढकेल कर गुस्से से बोली,""_ मजबूरी...किसी की चरित्र पर दाग लगाना मजबूरी कैसे हुआ मिसेज राठौड़ ? कोन है आप ? मैने क्या बिगाड़ा है आपका ..जेपी आप मेरे घर उझाड़ने लगे है ? ना आपसे इससे पहले मेरी मुलाकात हुई और नाही मैं आपको जानती हु ? फिर आपने मेरे साथ यह सब क्यों किया ? "   सुधर्व को माया पर बहुत गुस्सा आ रहा था | वही धीरांश माया को अपने तरफ घुमा कर बेहद गुस्से से चिल्लाते हुए बोला,""_ यह सब क्या बेहूदा हरकत है माया ? इस तरह करने से तुम्हे क्या मिला ? "     माया अब रो रही थी | वह बोली,""_ बाबा सा....त्रिहांश से  राज्ञा को अलग करने मुझे यही सही रास्ता लगा,तो मैंने.... | "     राज्ञा की आंखे हैरानी से बड़ी हो गई | वह माया के पास जा कर पूछी,""_ आप है कोन ? क्यों मुझे मेरे पति से दूर करना चाहते है ? क्यों  ?"    त्रिहांश अपने दोनो हाथ जेब में डाल कर एक टक माया को देख रहा था | माया की आंखो में डर,और बेचैनी के अलावा कुछ नही था | वह राज्ञा को खोने से जितना डर रही थी उतना ही राज्ञा की गुस्से से ...वह बिल्कुल नही चाहती थी राज्ञा कही उससे नफरत ना करने लग जाए ?     माया राज्ञा से बोली,""_ त्रिहांश तुम्हे इस्तेमाल कर रहा है बच्चा,वह तुम्हे नही तुम्हारे जिस्म को चाहता है और भी बहुत कुछ है जो उसे अपने मकसद को कामयाब बना सकती है बच्चा, इसीलिए मैं तुम्हे उससे अलग करने यह सब किया ,मेरा यकीन करो मैं तुम्हे बरबाद नहीं करना चाहती बल्कि तुम्हे त्रिहांश से अलग कर.... | "    राज्ञा का चेहरा बेहद गुस्से से भर रहा था | माया को बार बार त्रिहांश से अलग करने की बात करता देख उसकी हाथो की मुट्ठी बन गई थी |      वही माया गुस्से से त्रिहांश को घूरते हुए बोली,""_ यह आदमी तुमसे प्यार नहीं करता बच्चा,तुम इस्तेमाल हो रही हो तुम...तुम.... इसे तलाक दे दो..| "       " Just shut up मिसेज राठौड़...!!! " राज्ञा चिल्लाते हुए माया पर हाथ उठाती उससे पहले ही उसके हाथ को किसी ने पकड़ कर रोक लिया |       वही राज्ञा की इस हरकत से माया की आंखे हैरानी से बड़ी हो गई थी | वह हैरानी से राज्ञा को देखते हुए अपना कदम पीछे ले ली | वही राज्ञा गुस्से से उसे ही घूर रही थी | वह फिर अपना सर घुमा कर सामने देखती ,सामने त्रिहांश ही उसका हाथ कसके पकड़ कर बेहद गुस्से से घूर रहा था |       राज्ञा अपना हाथ पीछे लेने को हुई की तभी त्रिहांश उसे अपने करीब खींच दांत पीसते हुए बोला,""_ तुमने उन पर हाथ उठाने की हिम्मत कैसी की राज्ञा? "    राज्ञा को बहुत रोना आ रहा था | कोई उसका घर उजाड़ने हर मुमकिन कोशिश कर रहा है तो वह कैसे शांत रहे ? उसकी जिंदगी में अब त्रिहांश के अलावा कोई नही था भले ही त्रिहांश उससे प्यार नही करता था लेकिन उसके लिए वही सबकुछ था |     राज्ञा रोते हुए त्रिहांश को लिपट कर बोली,""_ इनकी हिम्मत कैसे हुई मुझे आपसे अलग करने इतना सबकुछ करने की ? मुझे पता है आप मुझसे क्या चाहते है और मुझे उससे कोई एतराज़ भी नहीं है तो तो यह कोन होती है यह सब करने वाली ? इन्हें क्या जरूरत है मेरे साथ ऐसा करने की ? कोन है यह त्रिहांश ? "    माया की आंखो से आंसू बहने लगे थे | उसने कभी नही सोचा था की राज्ञा इस तरह उस पर हाथ उठाएगी | वह रोते हुए सुधर्व को देखने लगी | सुधर्व बहुत गुस्से में लग रहा था वह बिना कुछ कहे घर से बाहर चले गए | वही त्रिहांश माया को देख रहा था | वह बोला ,""_ यह तुम्हारी मां है राज्ञा.. सगी मां | "  राज्ञा हैरानी से अपना सर ऊपर कर त्रिहांश को देखने लगी | वही त्रिहांश उसके आंसू पोछते हुए बोला,""_ तुम्हे उन पर हाथ नही उठाना चाहिए था ...!! "   राज्ञा हैरानी से माया को देखने लगी थी | वह फिर त्रिहांश से बोली,""_ यह मेरी मां कैसे हो सकती है त्रिहांश ? मेरे मां तो वाणी खुराना है | "   त्रिहांश एक गहरी सांस लेते हुए माया को देखा,फिर राज्ञा को ले कर रूम के तरफ चला गया | विनोद और अजय एक टक माया को देख रहे थे | वह लोग एक एक कर अपने अपने रूम के तरफ चल पड़े ,इस वक्त कुछ भी बात करना उन्हे सही नही लगा |       लेकिन धीरांश अहीरा और आर्याश अभी भी वही खड़े थे | उन तीनो की नज़र माया पर ही था |       वह माया के करीब आ कर बोला ,""_ तुम्हे ऐसा नहीं करना चाहिए था माया ....पहली मुलाकात में ही तुम उसकी नजरों में गिर गई | "     धीरांश गुस्से से वहा से बाहर चला गया | वही माया रोते हुए दडाम से नीचे बैठ गई | भले ही उसने गलत किया था लेकिन उसका इरादा गलत नही था | राज्ञा को वह त्रिहांश से आजाद करने गलत रास्ता चुना था जो अब उस पर ही भारी पड़ गया था |     अहिरा को माया का रोना देखा नही जा रहा था | वह जल्दी से उससे लिपटते हुए बोली,""_ मम्मा आप मत रोइए...मुझसे देखा नही जारा please मम्मा | "  आर्यांश के भी आंखे नम हो गए थे | वह बैठ कर माया को अपने गले से लगाते हुए बोला,""_ क्या हो रहा है मम्मा यहा ? आपने कहा त्रिहांश दी को इस्तेमाल कर रहा है ? क्या मतलब है आपका ? "   माया नम आंखों से उन दोनो को देख रही थी | वह बोली,""_ डिजायर बहुत ही बुरी चीज होती है अर्यांश ,बहुत ही बुरी चीज़.... उस बिगड़ैल बिलिएनर की डिजायर ने ही मुझसे मेरी बेटी को छीना.. राज्ञा...नही नही मेरी रव्या The Great बिलिएनेर त्रिहांश का डिजायर है...| "    माया रोते हुए एक एक शब्द भी बहुत ही मुश्किल से बोल रही थी | अर्यंश और अहीरा को कुछ समझ ही नही आया था | वह माया से आगे कुछ पूछते तभी माया उसके बाहों में ही बेहोश हो गई |    " मम्मा ......mom उठिए mom....| " माया का इस तरह बेहोश होता देख आहिर और आर्यांश दोनो ही हड़बड़ी में माया के गाल को थपथपाते हुए बोले ,लेकिन माया अब तक अपना होश खो गई थी |     भाई..मम्मा बेहोश हो गई है ,चलिए हॉस्पिटल चलते है | " अर्यांश माया को ले कर हॉस्पिटल के निकल गया |     त्रिहांश का रूम...,   राज्ञा रोते हुए त्रिहांश को देख रही थी | त्रिहांश का औरा बेहद सख्त और एक्सप्रेशन लेस था | वह उसके आंसू पोछते हुए गुस्से से बोला ,""_ रोना बंद करो राज्ञा....| "   " मुझे बहुत तकलीफ मेहसूस हो रहा है त्रिहांश,नीचे जो कुछ भी हुआ वह सब क्या है ? आपने कहा की माया राठौड़ मेरी मां है ? यह कैसा हो सकता है त्रिहांश ? " राज्ञा रोते हुए बोली |      वही त्रिहांश उसे अपने गोद में उठा कर बेड के पास गया फिर उसे ले कर ही बैठते हुए सर्द आवाज में कहा ,""_  तुमने सुना नही मैने क्या कहा ? रोना बंद करो | "     राज्ञा की आंखो से आज रुकने की नाम ही नही ले रहे थे | वह अपने आंसू पोछने की ना काम कोशिश करने लगी | वही त्रिहांश को बहुत गुस्सा आ रहा था लेकिन वह अपने गुस्से को काबू करते हुए उसके आंसू पोंछ कर राज्ञा की चेहरे को अपने सीने मे छुपाते हुए बोला ,""_ just relax wifey .....| "  राज्ञा अपने दोनो हाथो से त्रिहांश के चारों ओर लपेटते हुए बोली,""_ मुझे सच जनाना है त्रिहांश ? "       त्रिहांश राज्ञा को लेटा कर उसके ऊपर आ गया | राज्ञा सिसकते हुए उसे ही देख रही थी | वही त्रिहांश उसके माथे पर किस कर उसके गालों को सहलाते हुए कहा,""_ वानी खुराना से तुम्हारा कोई रिश्ता नही है ,तुम्हे जन्म देने वाली वानी नही माया राठोड़ है | "   क्या होगा आगे इस कहानी में ? जानने के लिए पढ़ते रहिए  Â