Chapter 42: chapter 42

Love With My Beast HusbandWords: 13283

  अब आगे ......,     रात्रि की बात मान कर रूही ने सारे चैकोलेट्स और गुलाब के बुके को उठा कर डस्टबिन में फेंक दिया l   वैसे उसे बिलकुल समझ नहीं आया था, कि रात्रि यह सब देख कर इतना गुस्से में क्यों आ गई ?और यह सारे बकवास चीज़े रात्रि को भेजने वाला कौन हो सकता है ? क्या उसे इसके बारे में रवीश को बताना चाहिए या नहीं ?      रूही यही सब सोच रही थी,क्यों की उसका रात्रि का पर्सनल असिस्टेंट होना सिर्फ रात्रि का काम केबिन में  करना नहीं था, बल्कि उससे जुड़ी हुई हर एक अपडेट को रवीश या सर्वक्ष दोनों में से एक को पहुंचाना था |      रूही मुड़ कर रात्रि के पास गई,बुके में भेजे हुए नोट पढ़ कर रात्रि का दिमाग ही हिल गया था l वह ठीक से अपने काम नहीं कर पा रही थी |    वही रात्रि को इतना चिढ़ा हुआ देख रूही पूछी,""_ क्या हुआ रात्रि ? आप इतना डिस्टर्ब क्यों लग रही है ? "    तभी रात्रि अपने जगह से उठते हुए उसे जवाब में बोली,""_ कुछ नही ...., मैं बस बाहर टहल कर आती हु | "    इतना बोल कर रात्रि केबिन से बाहर चली गई | वही ऑफिस के सारे एम्पलाइज अपने-अपने काम में लगे हुए थे,कुछ कुछ उसे देख ग्रीट भी कर रहे थे |    वही रात्रि सबको नोटिस करते हुए बाहर जाने को हुई कि तभी ऑफिस के सामने एक ब्लैक कार आ कर रुक गया |      कार में से ड्राइवर बाहर आ कर बैक सीट का डोर ओपन करा,तभी एक मिडल एज की औरत बाहर आई,दिखने में तो वह बेहद प्रोफेशनल और एरोगेंट नेचर वाली लग रही थी,उसके चेहरे बेहद सीरियस नेस था और उतना ही वह परफेक्ट बिजनेस वूमेन भी लग रही थी |     उस औरत के पीछे ही एक लड़की कार से बाहर आई,रात्रि अभी भी एक टक उस मिडल एज की औरत को ही देख रही थी | लेकिन जैसे ही रात्रि की नजर उस लड़की पर गई, उसकी मुंह से अपने आप ही उस लड़की का नाम निकल गया,""_ मनु...? "    उस लड़की का नाम मनस्वी था,यह वही लड़की है जिसके लिए रात्रि ट्रैफिक सिग्नल पर सर्वाक्ष से कार रुकवा कर,उसके पीछे भागी थी लेकिन उस दिन रात्रि को मनु नहीं मिली थी, लेकिन हा क्रियान्श जादव से उसकी मुलाकात जरूर हुई थी l     रात्रि की पिछले जन्म में मनु रात्रि को तब मिली थी जब रात्रि का धरती पर अखरी दिन था | तब तक युवान ने रात्रि को बेच दिया था,जिससे रात्रि ऐसे हवसी आदमियों के बीच फंसी थी, कि वह सारे उसे बस पल भर में ही नोच खाना चाहते थे | लेकिन उस हालत में उन दरिंदों के बीच फसी हुई सिर्फ मनु ही थी जो रात्रि को वहां से बचकर निकलने में मदद की थी |   मनु की मदद से रात्रि बचकर वहा से निकल तो गई थी ,लेकिन वह लोग रात्रि को अपने कैद में फिर से कर लिया था l लेकिन तब वहां रात्रि को बचाने का एक अनजान आदमी आया था , और रात्रि को वहां से बचा भी लिया था l अगर उस दिन रात्रि के पास वह अंजान आदमी नही आता तो उस वक्त रात्रि उन दरिंदों की बिस्तर पर होती,मरते वक्त वह अपने ही बदन से गिन्न खा कर मर जाती |     वह अंजान आदमी उसका अत्याचार होने से बचा तो लिया था लेकिन उस वक्त रात्रि का मौत तय था ,वह बच कर निकलते निकलते ही मर गई थी | लेकिन वह उस वक्त सर्वाक्ष से एक बार मिलना चाहती थी या यू कहे की वह उसी के पास भागे जा रही थी, लेकिन वह सर्वाक्ष तक पहुंचती उससे पहले ही उसके और सर्वाक्ष के बीच उसका मौत आ खड़ा था |    रात्रि के लिए वह आदमी अनजान इसीलिए था कि रात्रि ने उस आदमी को चेहरा देखा ही नहीं था,वह उस वक्त मास्क में था | बस रात्रि ने यह नोटिस किया था कि उस आदमी के लेफ्ट हैंड पर एक बड़ा सा टैटू था  जिसका शेप ट्राइंगल था लेकिन उस ट्रालंगल में भूरी आंख का चित्र था |     रात्रि अपने ही सोच में गुम हो कर अपने पिछली जिंदगी के बारे में सोच रही थी |        वही वह लड़की मनु,अपने सामने खड़ी उस मिडल एज की औरत से बोली,""_ विभा ma'am...., मैने डिजाइंस के सैंपल उन्हे भेज दिया है ,बस विनोद सर के आते ही वह लोग सॉर्ट आउट कर देंगे | "   मनु की बात सुन वह औरत जिसका नाम विभा राठौर था | उसने बस हां में सर हिलाया,फिर सीधे ऑफिस के अंदर चली गई | वही साइड में खड़ी रात्रि अभी भी एक टक मनू को ही देख रही थी, जो अब विभा के पीछे-पीछे अंदर जा रही थी |          तभी रात्रि ने अभी अभी मनु की कही हुई बाते रियलाइज हुई,वह अपने मन में बोली,""_ डिजाइंस..? कही यह वही फेमस डिजाइनर तो नही जिसके बारे में अक्ष ने मुझसे कहा था ,की मुझे उनके साथ एक मीटिंग अटेंड करना है ? "   विभा और मनू सीधे सर्वाक्ष के कैबिन के तरफ चले गए |   सर्वाक्ष का कैबिन.....,     सर्वाक्ष इस वक्त अपने हेड चेयर पर बैठ कर काम कर रहा था l तभी केबिन  में उसके असिस्टेंट आते हुए कहा ,""_ बॉस ..., मिसेज विभा राठौड़ आई है | "    सर्वाक्ष अपना सर हिलाते हुए उसे उन्हे अंदर भिजवाने का इशारा किया तो वह  एसिस्टेंट बाहर जा कर विभा और उसकी असिसेंट मनू को अंदर भेजा |   विभा अंदर आई,यह देख सर्वाक्ष उठ कर उसके तरफ अपना हाथ बढ़ाते हुए कहा ,""_ हेलो मिसेज राठौड़..| "    विभा सर्वाक्ष से हाथ मिलाते हुए बोली,""_ हेलो मिस्टर खुराना...,कहा है आपकी बीवी मैं उसे देखने के लिए बेचैन होते जा रही हू, बुलाइए उसे...| "  रात्रि के डिजाइन किए हुए जुलैरी हाई प्राइस में भीख रहे थे | हर कोई रात्रि से इस वक्त मिलना चाहता था,उससे अपने कंपनी के तरफ से काम करने ऑफर करना चाहता था ,लेकिन सर्वाक्ष गिने चुने को ही रात्रि के साथ मीटिंग अरेंज करने का सोचे जा रहा था l और उनमें से ही एक विभा राठौड़ थी, जो रात्रि के तरह ही फेमस ज्वेलरी डिजाइनर है |     विभा रात्रि से मिलने पिछले एक हफ्ते से सर्वाक्ष को कॉल कर रही थी,और अब जा कर वह माना भी था |     विभा को रात्रि से मिलने इतना उतावला होता देख सर्वक्ष हल्के से मुस्कुराते हुए बोला ,""_ just a Minute Misses Raathod..|    सर्वाक्ष रात्रि को कॉल करने को हुआ की उसकी नजर सामने ग्लास पर गई,जहा रात्रि चुपचाप खड़ी थी l    सर्वाक्ष फिर कैबिन से बाहर आ कर देखा ,रात्रि अपने दोनो हाथो को आपस में ही उलझा कर अजीब से रब करते हुए खड़ी थी |    सर्वाक्ष की आइब्रोज आपस में ही जुड़ गए ,वह ना समझी में रात्रि के करीब जाते हुए पूछा,""_ तुम यहां क्यों खड़ी हो ? "     रात्रि उसे देख थोड़ा अटक अटक कर बोली,""_ अक्ष.....,वह मै...? "       तभी सर्वाक्ष उसका हाथ पकड़ते हुए कहा,""_ अच्छा यह सब छोड़ो...,चलो ,मुझे तुम्हे किसी से मिलवाना है | "   बोलते हुए सर्वाक्ष रात्रि को ले कर अपने कैबिन में चला गया l  To be continued.....  Â