Chapter 61 of 81

chapter 61

Love With My Beast Husband2,766 words~14 min read

  अब आगे .....    ध्रुव का हॉस्पिटल......,   " भाभी हमसे कुछ छुपा रही है अक्ष,जब तक यह हमे कुछ नही बताएंगी,तब तक हम इनका अच्छे से इलाज़ नही कर पाएंगे | "   ध्रुव रात्रि को एक इंजेक्शन लगाते हुए सर्वाक्ष से कहा | वही सर्वाक्ष बिना भाव के बस रात्रि को देख रहा था l वह फिर रात्रि के बेहद करीब जा कर उसके बगल में ही बैठते हुए कहा ,""_ रात्रि का इस तरह बार बार पैनिक करने से रात्रि और बच्चे,दोनो के हेल्थ पर कोई असर तो नही होगा न ध्रुव ? "    सर्वाक्ष का सवाल सुन ध्रुव थोड़ी देर चुप रहा,फिर उससे कहा ,""_ अभी तो इनका प्रेगनेंसी का स्टार्टिंग पीरियड है अक्ष,अभी तो कोई असर नहीं हुआ है लेकिन आगे कुछ कह नहीं सकते | "    इतना बोल कर ध्रुव ने रात्रि के लिए कुछ मेडिसिन लेने बाहर चला गया l    वही सर्वाक्ष रात्रि के बालो में हाथ फिराते हुए एक तक रात्रि को ही देखने लगा था l रात्रि इस वक्त बिलकुल बेजान सी लेटी हुई थी l उसके मासूम सा चेहरा पूरी तरह पीला पड़ गया था l     सर्वाक्ष बिना भाव के रात्रि को जितना गहराई से देखने लगा था ,उतना ही उसे बार बार कार में रात्रि का चिल्लाना याद आ रहा था l रात्रि को इससे पहले भी बहुत बार पैनिक अटैक हुआ था l लेकिन तब रात्रि का चिल्लाना उतना दर्दनाक नही था जितना आज था l        आज  ..? आज रात्रि का चिल्लाना बेहद भयानक था l वह ऐसे चिल्ला रही थी ,जैसे उसे कोई मौत के मुंह में ढखेल रहा हो ? वह सच में अपने मौत का पल याद कर ही दर्द से चिक उठी थी l उसे चिकता देख सर्वाक्ष का रूह रूह तक कांप उठा था l सीने में दिल के नाम पर पत्थर रखे हुए उस गैंगस्टर का दिल आज अपनी बीवी की हालत देख कर ना जाने कितने टुकोडो में टूट कर रोया था l     रात्रि का वह डर और घबराहट से भरी चहरे को अब सर्वाक्ष को अपने सपने में भी देखने के लिए मंजूर नहीं था l वह उसका डर और घबराहट मिटाना चाहता था,जो चीज रात्रि को परिशान कर रही थी,? वह इस दुनिया से ही मिटाना चाहता था ,लेकिन क्या है वह बात ? जो रात्रि उसे आज तक भी बताने से इतराते जा रही थी l     सर्वाक्ष रात्रि के ऊपर झुक कर उसके गालों पर बेचैनी से चूमते हुए कहा ,""_ तुम्हे मुझे इस तरह तड़पाना अच्छा लगता है क्या ? पिछले दो घंटे से तुम ऐसे ही लेटी हो ,तुम्हे ऐसे बेहोश देख में कितना अंदर ही अंदर टूट रहा हु,तुम्हे इसका अंदाज भी है ? "  बोलते हुए सर्वाक्ष बारी बारी से उसके गालों पर चूमते ही जा रहा था | की तभी सर्वाक्ष को मेहसूस हुआ की रात्रि के हाथ उसके सीने में सरक रहे है l वह अपना सर ऊपर कर रात्रि को देखा ,रात्रि अपने आंखे टिमटिमाते हुए अब उसे ही देख रही थी |       सर्वाक्ष बिना कुछ कहे एक तक रात्रि की आंखो में देखने लगा l उस लड़की की खूबसूरत आंखों में आज वह पहली बार अजीब सा खालीपन देख रहा था | ना कोई डर अब उसके आंखो में नजर आ रहा था और नाही कोई भावनाएं |          सर्वाक्ष उसके गाल को अपने हाथो में भरते हुए धीमी मगर ठंडे लहजे में कहा ,""_ क्या छुपा रही हो मुझसे ? उस सुनसान जगह में ऐसा कुछ नही था ,फिर भी तुम डर गई क्यों ? क्या बात है रात्रि ? क्यों बार बार तुम्हारा हालत ऐसे हो रहा है ? किससे डर रही हो तुम ? "    सर्वाक्ष के इतने सारे सवाल सुन रात्रि थोड़ी देर उसके आंखो में देखती रही,फिर उससे नज़रे हटा कर बिना कुछ कहे उसके शर्ट के बटंस से खेलने लगी l      रात्रि का चेहरा अचानक से फूला हुआ लगने लगा, जैसे वह उससे नाराज़ हो गई हो l वही सर्वाक्ष उसका रिएक्शन देख, उससे अलग होते हुए थोड़ा चिड़ कर कहा ,""_ ठीक है,मत बताओ कुछ भी ,बताओगी भी क्यों ? तुमने तो आज मुझे अच्छे से समझा दिया था की तुम्हारी नजरो में मेरी और मेरी बातो का एहमियत क्या है ? "   सर्वाक्ष फिर उससे नज़रे हटा कर ऐसे ही बड़बड़ाने लगा l वही रात्रि एक टक उसे ही देख रही थी l वह फिर उठ कर बैठते हुए बोली,""_ मुझे घर जाना है | "   सर्वाक्ष अपना सर घुमा कर उसके तरफ देखने लगा | रात्रि का चेहरा अभी भी फूला हुआ था | और वह उसे बेहद नाराजगी से ही देख रही थी |    सर्वाक्ष के बाहें तन गए l यह लड़की आखिर उससे चाहती क्या है  ? रावी और युवान के साथ रात्रि जो कुछ भी करने वाली थी, वह सब कुछ उसने सर्वाक्ष को रात में ही बताया था,लेकिन सर्वाक्ष ने तभी उसे मना किया था की वह ऐसे रिस्क नहीं ले सकती और पुलिस स्टेशन में भी उसने रात्रि को दुबारा वार्न किया था की ऐसे कोई कदम मत उठाओ जिससे युवान और रावी पलट कर उस पर ही वार करे ? लेकिन रात्रि ने उसकी एक नही सुना था l जब वह उसे डांटा तो रात्रि को उसे मनाना चाहिए था लेकिन यह लड़की खुद ही नाराज हो कर उसका शिकयत दादू दादी से करने लगी थी l   और अब सर्वाक्ष अपनी नाराज़गी को भूल कर उससे यह जानना चाह रहा था की वह उस सुनसान रास्ते को देख ऐसा पैनिक क्यों कर गई ? क्यों चिल्लाते हुए ऐसे बेहोश हो गई ? लेकिन इस लड़की को कुछ भी बताने का मूड ही कहा था ? वह तो अपना मुंह फुलाए बैठ गई थी |    सर्वाक्ष बुरी तरह रात्रि को घूरने लगा था l वही रात्रि का चेहरा रोनी जैसा चहरा बन गया l वह रोते हुए उसे शिकायत में कुछ कहने को हुई की तभी सर्वाक्ष जल्दी से उठ कर उसे अपने गोद में उठाते हुए चिड़ कर कहा ,""_ अच्छा ,ले जा रहा हु | "  रात्रि की चेहरे पर छोटी सी स्माइल आ गई | वह उसके कंधे पर अपना सर टिकाए एक टक सर्वाक्ष को देखने लगी l सर्वाक्ष के चेहरे पर इस वक्त कोई भाव नही था लेकिन रात्रि को अच्छे से समझ आ रहा था की वह उससे नाराज है l लेकिन वह अपने पिछले जन्म के कोई भी बात बता नही सकती थी l उससे ही नही वह किसी से भी बता नही सकती थी l     वही हॉस्पिटल के बाहर ध्रुव कार के पास ही खड़ा था l वह सर्वाक्ष और रात्रि के लिए कार का डोर ओपन करा तो सर्वाक्ष रात्रि को आराम से बैठा कर खुद भी उसके बगल में ही बैठ गया l    वही ध्रुव ड्राइविंग सीट पर बैठ कर कार को स्टार्ट करा l उनका कार अब खुराना मेंशन के लिए निकल पड़ा |    दूसरी तरफ......  खुराना एंटरप्राइजेज.....,    रूही भागते हुए ऑफिस के बाहर जा ही रही थी ,की तभी वह सामने आ रहे विभा और मनु से टकरा गई |      " अअह्ह्ह्ह्ह.....| "     रूही का इस तरह टकराने से विभा और मनु गिरते गिरते बच गए l वह दोनो फिर गुस्से से रूही को देखने लगे तो रूही बोली,""_ i am so sorry ma'am,I am so sorry | "   विभा और मनु,उसे बिना कुछ कहे सर्वाक्ष के कैबिन के तरफ जाने को हुए की तभी रूही उन्हे रोकते हुए बोली,""_ आप जिनसे मिलने जा रहे है वह इस वक्त ऑफिस में नही है और शायद आज आएंगे भी नही | "    विभा और मनु मुड़ कर रूही को ना समझी में देखने लगे | कल ही विभा ने रात्रि के साथ एक डील साइन करा था और आज उनका रात्रि के साथ मीटिंग भी था l लेकिन रात्रि और सर्वाक्ष का ऐसे ऑफिस ना आने का क्या मतलब है ?    तभी मनु ने रूही से पूछा ,""_ what you mean ? आज तो हमारा उनके साथ मीटिंग था ? "    रूही उसे जवाब में कुछ कहने को हुई की तभी वहा रवीश आते हुए कहा ,""_ सॉरी मिसेज राठोड़, मै आपको इनफॉर्म करना भूल गया था की आज कोई मीटिंग नही होने वाली है,वैसे आपने तो आज का न्यूज देखा ही होगा ,ऑफिस में कितना कुछ हंगामा हुआ था जिस वजह से बॉस और रात्रि को पुलिस स्टेशन जाना पड़ा, so...I hope you understand | "    रवीश अपनी बात अधूरा ही छोड़ कर विभा और मनु को देखने लगा l वही विभा अपना सर ऊपर नीचे करते हुए हिला रही थी l office आने से पहले उसने भी न्यूज देखा था की कैसे रावी सर्वाक्ष को फसाना चाहती थी ? लेकिन विभा को न्यूज पर भरोसा नही था l अपने टीआरपी के लिए न्यूज चैनल्स कुछ भी दिखाने लग जाते थे जिस वजह से वह ऑफिस आ कर ही सबकुछ जानना चाह रही थी l लेकिन ऑफिस में सर्वाक्ष और रात्रि को ना देख और रवीश की बात सुन उसे अब समझ आ गया था की उसने जो कुछ भी न्यूज में देखा वह सब सच है l     विभा बोली,""_ ठीक है मिस्टर रवीश,जब मीटिंग होगी तब आप हमे इनफॉर्म कर दीजिएगा l "  इतना बोल कर विभा मनु के साथ वहा से चली गई l वही रूही भी एक नजर रवीश को देख ऑफिस से बाहर जाने को हुई की तभी रविश उसका कलाई पकड़ कर उसे एक कोने में ले गया l   रूही उसके हाथ से अपना हाथ छुड़वाते हुए बोली,""_ क्या कर रहे हो तुम ? छोड़ो मुझे ? "   रवीश उसे ही बेहद थिकी नजरो से घूर रहा था l वह उससे पूछा ,""_ तुमने मुझे किस क्यों किया ? "    रूही रुक कर उसके आंखो में थोड़ी देर देखी,फिर उससे नज़रे हटा कर कहा ,""_ आपने भी तो किया था ,बस मैने हिसाब बराबर किया | "   रूही की बात सुन रवीश अपना सर टेढ़ा कर अपना गाल सहलाने लगा ,जिस पर थोड़ी देर पहले रूही ने थप्पड़ मारा था l रूही उसके और देख नही रही थी l लेकिन वह अपने चेहरे पर उसकी नजरे मेहसूस करते हुए,अपने निचले होंठ चबाते हुए नीचे फर्श को घूर रही थी l     तभी रवीश अपने दोनो स्लीव्स फोल्ड करते हुए उसके बेहद करीब जा कर कहा ,""_ थोड़ी देर पहले तुमने मुझे थप्पड़ मारा था याद है ? "    हूंह...? " रूही हैरानी से रवीश को देखने लगी l वही रवीश अपने दोनो हाथ रब करते हुए उसके गालों को ही देख रहा था जैसे सोच रहा हो की कौनसी गाल पर चांटा मारे ?    उसका इस तरह देखना रूही को समझ भी आ गया था l रूही जल्दी से अपने गालों पर हाथ रखते हुए बेहद मासूमियत से पूछी,""_ तुम मुझे मारना चाहते हो ? "   रवीश के होंठो पर टेढ़ी स्माइल आ गई l वह उसके करीब झुकते हुए कहा ,""_ तुम्हे हिसाब बराबर रखना है ना ? किस के बदलें किस और अब थप्पड़ के बदले थप्पड़ ...| "   बोलते हुए ही रवीश ने रूही के ऊपर हाथ उठा दिया l वही रूही की आंखे कसके भींच गए थे l डर से उसने अपना चेहरा तक एक तरफ झुका भी लिया था l वही रवीश का हाथ अब हवा में ही रह गया था l वह उसे मारने के इंटेंशन से अपना हाथ नही उठाया था ,बल्कि वह उसे बस तंग कर रहा था l     वही रूही को जब अपने गाल पर कुछ महसूस नही हुआ तो वह अपने आंखे खोल कर रवीश को देखने लगी l रवीश उसके इर्द गिर्द अपने दोनो हाथ रख कर एक तक उसे ही निहार रहा था l वह फिर उसके गालों पर अपने होंठ रख कर उसे सरकाते हुए, उसके कान के पास जा कर बेहद मैग्नेटिक आवाज में कहा ,""_ I love you..| "   रूही एक दम से सिहर उठी l वह धीरे से रवीश को खुद से अलग करते हुए कहा ,""_ I want to g...ummm | "   रूही का चेहरा शर्म से लाल हो गया था l वह उसे शरमाते हुए वहा से जाने के लिए कह ही रही थी की तभी रविश ने उसे अपने आपसे चिपका कर उसके होंठो पर अपना होंठ रख कर ब्लॉक कर दिया था l    रूही अपने आंखे बड़ी बड़ी कर रवीश को ही देख रही थी l वह फिर धीरे से उसके गले में अपने दोनो बाहें डाल कर उसके बालो में उंगलियां फिराने लगी l     खुराना मेंशन ......    सर्वाक्ष रात्रि को अपने गोद में लिए  रूम में आया l वही रात्रि अपना सर सर्वाक्ष के कंधे पर टिका कर एक टक उसी को देख रही थी | सर्वाक्ष का औरा बिलकुल ब्लैंक एक्सप्रेशन से भरा था लेकिन वह अभी भी उससे नाराज़ था l रास्ते भर उसने रात्रि से बात करना तो दूर उसके तरफ देखा तक नहीं था l यह तो बस रात्रि का नजरिया था लेकिन असल में सर्वाक्ष का पूरा ध्यान उस पर ही था l वह उसके नजरो में आए बिना ही उसे देख रहा था |     सर्वाक्ष रात्रि को आराम से बेड पर बैठा कर उसके माथे और गाल को छु कर देखा l रात्रि का बदन सर्वाक्ष को थोड़ा गरम हुआ लग रहा था l तो उसने उसके गाल और माथा छु कर चेक किया की कही रात्रि को बुखार तो नही ?  रात्रि बिलकुल ठीक थी l    सर्वाक्ष फिर अपने टाई का नॉट खोलते हुए ड्रेसिंग टेबल के पास जाते हुए उससे पूछा ,""_ क्या खाना चाहोगी ? "  " आपको ...!! " रात्रि ने जवाब में कहा तो सर्वाक्ष मिरर में ही रात्रि को देखने लगा l    वही रात्रि बार बार अपने अंगूठे के नाखून चबाते हुए मिरर में ही उसे देख रही थी l सर्वाक्ष उससे नजरे हटा कर अपना घड़ी उतारते हुए कहा ,""_ और कुछ...? "    रात्रि उठ कर उसके पास जाते हुए बोली,""_ mmm...., नही आप काफी है | "   सर्वाक्ष ने घड़ी को टेबल पर रखा ,फिर रात्रि को इग्नोर कर क्लोसेट रूम के तरफ जाते हुए कहां,""_ फिर तुम भूखे पेट ही सो सकती हो ,क्यों की जो तुम खाने मांग रही हो वह इस वक्त अविलेबल नही है | "   रात्रि की चेहरे पर टेढ़ी स्माइल आ गई थी | उसके पति का नाराज होने का आदा भी लाजवाब होते थे l उसके लुक ही काफी थे रात्रि को इस तरह बहका कर रखने लिए l रात्रि सर्वाक्ष के पीछे ही क्लोसेट रूम में चली गई l     वही सर्वाक्ष अपने शर्ट के बटन को खोलते हुए हल्के हल्के से स्माइल कर रहा था l लेकिन अचानक से उसने अपने चेहरे के एक्सप्रेशन ब्लैंक कर लिया क्यों की उसे मेहसूस हो रहा था की उसकी नकचढ़ बीवी दबे पौ उसके करीब आ रही है l      सर्वाक्ष अपने शर्ट उतार कर रात्रि के तरफ मुड़ा तो रात्रि सीधे आ कर उसके खुले सीने से टकरा गई l       दूसरी तरफ....  ऋजुल ठाकुर का विला .....,    ऋजुल के इस विला को इस वक्त किसी दुलहन की तरह सजाया जा रहा था | जैसे वहा आज कोई जश्न मनाए जा रहा हो |          वही हाल में इस वक्त एकांश फोन पर किसी से बात करते हुए इधर से उधर टहल रहा था l उसकी नजर बार बार ऋजुल के रूम के तरफ भी जा रहा था l    थोड़ी देर बाद एकांश कॉल को काट कर सीधे ऋजुल के रूम के तरफ चला गया l    क्या होगा आगे की कहानी में ? ऋजुल ठाकुर का विला सजाया क्यों जा रहा है ? उसका और रात्रि का आमना सामना कब होगा ? जब सर्वाक्ष को रात्रि और रिजुल के बारे में पता चलेगा तब क्या होगा ? जानने के लिए पढ़ते रहिए,"

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