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Chapter 13

chapter 13

क्यूट कपल

     दानियाल माहीन के बाज़ू में अपने दोनों हाथ रैक पर टिकाए खड़ा रहा उसका सर झुका था। "दानियाल खान ये क्या कर दिया तुमने" उसने अपने ख्यालों में खुद से सवाल किया जिसका जवाब उसे कहीं नहीं मिल रहा था। उसने अपना सर उठाया सामने आईने में उसने अपना चेहरा देखा । उसके रौबदार चेहरे पर पछतावे के बादल छाए हुए थे। वो देर तक बिना कुछ बोले आईने में खुद को देखता और कोसता रहा।   उनके पीछे आती दादी दोनों की गुफ्तगू सुन कर वापिस खाने की टेबल पर आ गई।"दानियाल क्या सोच रहे हो" उसने दानियाल के कंधे  पर हाथ रखा और बोली।"माहीन सॉरी" उसने माहीन को अपने दोनो हाथों के दरमियान कर लिया, उसका सर अभी भी नीचे था ।"क्यों"माहीन ने उसका चेहरा ऊपर किया और बोली।"तुम्हारे पीरियड्स कितने दिन लेट हुए हैं" दानियाल ने खुद को संभाला और पूछा।" About One week " माहीन ने सोच कहा।"तुम्हें डर लग रहा है" दानियाल ने पूछा।"नहीं" माहीन ने उसकी आंखों में देखते हुए कहा।"क्यों" दानियाल ने पूछा"तुम मेरे साथ हो " माहीन ने अपने बाज़ू उसके कंधों पर रख दिए।वो मुस्कुराया और उसके गले लगा कर बोला" ओके,  चलो सब वेट कर रहे होंगे"  दोनों हॉल में आ गए। सब ने माहीन की खैर खबर ली।"माहीन बेटा, ऐसा क्या खा लिया" दादी ने पूछा जैसे उन्होंने कुछ सुना ही न हो ।"नाश्ते में दावर ने सैंडविच बनाई थी" माहीन ने कहा।"हां, मैंने हेल्थी सैंडविच बनाई थी with half fry egg"दावर ने मज़े से कहा।"What, half fry. तुम्हें पता है न हाफ फ्राई अंडे मुझे डाइजेस्ट नहीं होते" माहीन  ने कहा और उसे गुस्से से लगातार घूरती रही।सब उसे दावर को घूरते हुए देख रहे थे। दानियाल के लिए ये माहीन का नया रूप था।"तू तो गया दावर" नसीर ने अपनी प्लेट साफ करते हुए कहा।दावर ने अपनी कुर्सी पीछे की और वहा से बाहर की तरफ भागा, माहीन भी उसके पीछे दौड़ी।"ओहो, अब ये दोनों लड़ने न लग जाए" दादी ने दानियाल को उनके पीछे लगा दिया।नसीर और फिज़ा भी शो का मज़ा लेने को उनके पीछे हो लिए।अपने फ़ोन से दावर पर निशाना साधे खड़ी माहीन को दानियाल ने पकड़ा" फ़ोन नहीं माहीन, फ़ोन टूट जायेगा""How about sleeper" माहीन ने अपनी चप्पल निकाल कर दानियाल से पूछा।दानियाल ने एक बार चप्पल को देखा और फिर दावर को और माहीन को अपनी गिरफ्त से छोड़ कर बोला" ये ठीक है।"माहीन ने उसे चप्पल दे मारी।"Wao good shot"पीछे खड़े नसीर ने कहा।दावर ने दूर से ही सॉरी कहा और घर चला गया।"अब बस करो" दानियाल ने कहा उसे झूले पर बैठाकर खुद उसके बाज़ू में बैठ गया।"मुझे इन‌्डाईजेशन की वजह से वोमेटिंग हो रही थी"  माहीन ने दानियाल के कंधे पर अपना सर टिका कर कहा।"अब चलो सो जाओ कल सुबह जल्दी उठना" दानियाल ने कहा।"क्यों " माहीन ने उसके कंधे से हट कर कहा। "कल हम हॉस्पिटल जा रहे हैं " दानियाल ने कहा।"लेकिन क्यों, वो उस स्टूपिड दावर की वजह से था।" माहीन ने कहा।"तुम्हारे पीरियड्स मैं इग्नोर नहीं कर सकता" दानियाल ने उसके करीब जाकर कहा।   " सुबह के चार बजे कौन हॉस्पिटल जाता है" माहीन ने हाफ्ते हुए पूछा और रुक गई।"हम हॉस्पिटल नहीं जा रहे" दानियाल दौड़ता हुआ आगे जाकर रुका।"हम आधे घंटे से दौड़ रहे है,  अब मैं नहीं दौड़ सकती" माहीन ने थके लहज़े में कहा वो जॉगिंग करते करते थक चुकी थी। "बस हम पहुंचने वाले हैं, आराम से वॉक तो कर सकती हो न" दानियाल ने कहा।"देखा बस हम थोड़ी दूरी पर थे" दानियाल ने एक खूबसूरत बंगलो के सामने रुक कर कहा।"ये हॉस्पिटल तो नहीं लगता" माहीन ने हैरान होकर पूछा।"हां, अंदर चलो " दानियाल ने कहा और दोनों अंदर चले गए।वहां एक खूबसूरत लड़की ने माहीन का ब्लड सैंपल लिया और  वो वापिस आ गए।"नासिर की क्लासमेट थी और अब मेडिकल पढ़ रही है। वो मुझे रिपोर्ट ईमेल कर देगी" इससे पहले वो माहीन के गुस्से की लपेट में आता उसने क्लियर कर दिया की उसका इस लड़की से कुछ लेना देना नहीं।"वो नासिर की क्लासमेट है तो तुम्हें हेल्प क्यों कर रही है" दानियाल के इतने डिटेल देने के बाद भी उसने सवाल किए ।"Wait" उसने माहीन का कंधे पकड़ उसे रोका  और बोला "उसका भाई मेरा फ्रंड है। उसको मेडिकल सीट दिलाने में मैंने हेल्प की थी और हां नासिर उसका सीक्रेट क्रश है। ऐसा मुझे लगता उसने मुझे बताया नहीं है। अब कोई और सवाल हो तो अर्ज़ करें जहांपनाह।""One last question"  माहीन ने कहा।"Why not" दानियाल ने कहा।"हम हॉस्पिटल भी तो जा सकते थे, तुम्हें डर है दानियाल खान का नाम खराब.........." दानियाल ने उसके होटों पर अपनी ऊंगली रख उसकी बात काटी" खुदारा ऐसे सवाल कर मेरा दिल न दुखाओ माहीन" दानियाल ने तड़प कर कहा और उसे गले लगा कर बोला" माहीन अफ़रोज़ तुम्हारी खातिर दानियाल खान का नाम और वजूद दोनों कुर्बान हैं।"    "कहां गई थी" किचन में मशरूफ दावर ने माहीन को को बाहर से आते देखा तो पूछा।"जॉगिंग दानियाल के साथ" माहीन ने पानी से ग्लास भरते हुए कहा।"वो ओवर प्रोटेक्टिव है, कहीं तुम्हें वो पसंद तो नहीं करता" दावर ने कहा।"हम दोनों एक दूसरे को पसंद करते हैं" माहीन ने कहादावर ने उसे हैरत से देखा और बोला" ओके नाश्ता कर लो""मैं दानियाल के साथ नाश्ता करूंगी" वो कहती हुई बाहर आ गई।"ओह, तुम इतनी बोल्ड तो अमेरिका में भी नहीं थी" दावर ने ऊंची आवाज़ में कहा।   "मॉम का फोन आया था, वो अगले हफ्ते आने वाली है" दानियाल के कमरे में दाखिल हुई माहीन ने कहा।"Suddenly, कैसे प्लान बन गया दोनों लोग का, अम्मी भी आने का कह रही थी।" लैपटॉप ने मशरूफ दानियाल ने कहा।वो पहली बार उसके कमरे में आई थी। कोने कोने का जायेज़ा लेना तो बनता था। कमरे की साफ सफाई और खुशबू पुरसुकून थी। कमरे का जायेज़ा लेके वो बेड पर बैठे दानियाल के बाज़ू में जा बैठी और बोली "बहुत बिज़ी हो" "नहीं, ज़्यादा नहीं" उसने लैपटॉप बिना बंद किए साइड में रख दिया।वो बिना कुछ बोले उसे देखता रहा। शर्म से उसका चेहरा लाल होने लगा।"तुम ब्लश कर रही हो" दानियाल उसके थोड़ा करीब होकर धीरे से कहा।"नहीं तो" वो थोड़ा पीछे हटी।"माहीन इज ब्लिशिंग" दानियाल ने उसके और करीब जाकर कहा।वो जल्दी से उठी लेकिन दानियाल के हाथ से दबे माहीन के दुपट्टे ने उसे दानियाल की बाहों में गिरा दिया।"भाई नानी जान....." एकाएक कमरे ने दाखिल होते नासिर ने अपना रुख और  जुम्ला बदल दिया" मैंने कुछ नहीं देखा"  माहीन तो नैनो सेकेंड में वहां से निकल गई। "तुम नॉक कर के नहीं आ सकते" दानियाल ने कहा।"ओहो भाई, आप इतने बोल्ड कबसे हो गए" नासिर ने उसे छेड़ा।"नानी जान बुला रही हैं आपको" नासिर ने कहा और बेड पर लेट गया।दानियाल के कमरे से निकलते ही उसके ओपन लैपटॉप पर नोटिफिकेशन टोन बजा।नासिर ने नोटिफिकेशन टोन सुना और लैपटॉप की तरफ बढ़ा.....(आगे अगले पार्ट में)

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