Chapter 1: chapter 1

Billionaire's Dark DesireWords: 26718

      एक अंधेरे कमरे में इस वक्त एक 22 साल की लड़की घबराहट से पिला पड़ा हुआ अपने चेहरे को देख रही थी | रूम में छोटू सा रेड लाइट के अलावा किडकी से आ रही हल्की सी चांद की रोशनी भी गिर रही थी | उस रोशनी में ही उस लड़की की सुंदर सा मुकुड़ा धीरे धीरे पसीने से तरबतर होते हुए नजर आ रहा था |     वह जल्दी जल्दी से अपना पसीना पोछते हुए वही ड्रा में कुछ ढूंढने लगी | की तभी उसे अपने कान में किसी की गरम सांसे मेहसुस हुई | अचानक से उसकी आंखे हैरानी से चौड़ी हो गई | वह अपना सर ऊपर कर मिरर में उस इंसान को देखती उससे पहले ही उसे किसी ने कसके अपने आप से चिपका लिया |     वह लड़की जल्दी से छटपटाते हुए कुछ समझ पाती उससे पहले ही वह इंसान उसे दीवार को सटा कर उसके पूरे चेहरे पर अपना होंठ चलाने लगा | उस लड़की की सांसे अटक गए थे वह कुछ कर पाती उससे पहले ही उसके दोनो हाथ उस इंसान के हाथ में फस गए |    वह आदमी उसके दोनो हाथो को दीवार में दबाते हुए कभी उस लड़की के चेहरे को चूमते जाता तो कभी उसके गर्दन को | वह आदमी यह सब इतना जल्दी जल्दी में कर रहा था की वह लड़की उसके चेहरे तक ठीक से देख नही पा रही थी | लेकिन उस आदमी की बेहद मैग्नेटिक और husky voice को वह अच्छे से सुन पा रही थी |     वह लड़का तेज़ तेज़ सांस लेते हुए हाफ रहा था | तभी वह लड़की उस आदमी से छूटने की कोशिश करते हुए बोली,""_ अअह्ह्ह्ह छोड़िए मुझे अअह्ह्ह् .....| "      वह लड़की तेज़ सांस लेते हुए बस इतना ही बोल पाई थी की वह आदमी अचानक से उसे घुमा कर दीवार के तरफ पुश करते हुए अपने होंठो को उसके कान के पास ले गया | वह छटपटा रही थी लेकिन उस लड़के के पकड़ से आजाद होना उसके लिए ना मुमकिन सा लग रहा था |      वह लड़का अपने होंठो से उसके कान छूते हुए बेहद भारी मगर धीमी आवाज में फुसफुसा कर बोला ,""_ I am back राग्या  "   उस लड़की का नाम Ragya था | डर से घबराई हुई Ragya की धड़कने उस लड़के की बात सुनते ही रुक सी गए थे | वह अपने जगह में जम गई थी | वही वह लड़का धीरे से उसकी पतली सी कमर में अपने उंगलियां सरकाते हुए उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपाते हुए बेहद ठंडे लहजे में बोला ,""_ Let me touch you completely today, otherwise..? ,(आज मुझे पूरी तरह तुम्हे छुने दो वरना.......? )   बोलते हुए वह लड़का बेहद खतरनाक तरीके से हंसने लगा | उसका हंसी बेहद भयानक और डरवाना था जिसे सुन Ragya की रोंगटे तक खड़े हो गए थे | उसका मुस्कुराहट Raagya की बदन में अजीब सा डर से भरी हुई सनसनाहट पैदा कर रही थी | वह लड़का Ragya की गरदन में ही अपना चेहरा छुपाए हुए हंस रहा था जिससे Ragya खुद को सिहरने से रोक तक नही पा रही थी |     तभी Ragya अटकते हुए बोली,""_ नही मत छुओ अअह्ह्ह्ह्ह "     Raagya ने बस इतना कहा ही था की वह लड़का उसे अपने तरफ घुमा कर कसके उसके चेहरे को दबा कर पकड़ लेता है | Ragya की आंखे दर्द से भींच गए | वह करहाते हुए कुछ बोलने को हुई तो वह लड़का उसके होंठो पर अपने इंडेक्स फिंगर बेहद harshly रख कर बेहद सख्ती से बोला ,""_ शशशश !! Don't Say a single word Raagya,…!!!        बोलते हुए वह लड़का अपना सर बेहद गुस्से से ना में हिलाया | raagya की आंखे अब तक नम हो गए थे | वह बस अपने सामने खड़े हुए लड़के को देख रही थी जो एक beast से कम नही था | उसकी गहरी काली आंखे बेहद नशे से चूर हुए थे लेकिन अजीब सी तड़प से भरी हुई तलब जरूर नज़र आ रहा था |      वह अपनी नशीली नजर को राज्ञा की चेहरे पर टिका कर अपने हाथ को राज्ञा की पूरे बदन पर चलाने लगा था | राज्ञा सिहरते हुए खुद को उस आदमी से छुड़वाने की कोशिश कर रही थी लेकिन यह उसके लिए मुश्किल भरा काम था | वह पूरी तरह राज्ञा को दीवार को सटा कर उसके बदन को अपना बदन से चिपका कर खड़ा था | उन दोनो के बीच अब हवा आने तक के लिए भी जगह नहीं बचा था |       राज्ञा कसमसाते हुए उसके उंगली को अपने होंठो से हटाने अपना चेहरा इधर उधर घुमाने लगी | उसका इस तरह करने से उस लड़के ने अपने उंगली हटाई फिर उसके चेहरे को अपने तरफ घुमा कर पकड़ते हुए बेहद सख्ती से बोला ,"" _ Don't Move | "   राज्ञा नम आंखों से उसे देख बोली,""_ त्रि....हांश I Am Getting Hurt अःह्ह्ह्.....| "    उस लड़के का नाम त्रिहांश अग्निहोत्री था | राज्ञा आगे कुछ भी कहती उससे पहले ही त्रिहांश ने उसके चेहरे को पकड़ कर ही उसे बेड के पास ले जा कर पीछे के तरफ धकेल देता है तो राज्ञा जा कर बेड में गिर गई |      "  अअह्ह्ह्ह्हह......|" राज्ञा की मुंह से दर्द भरी चिक निकल गई |     वही त्रिहांश अपने शर्ट के स्लीव्स को फोल्ड करते हुए राज्ञा की बदन को बड़े ही नशीली नशीली नज़रों से देखने लगा | वह बार बार अपने होंठ पर बेहद सलीके से किसी प्यासे की तरह अपने जीव फेर रहा था |    त्रिहांश फिर धीरे से अपने शर्ट के बटन खोलते हुए राज्ञा के करीब बढ़ने लगा तो राज्ञा अपना सर ना में हिलाते हुए बोली,""_ नही नही त्रिहांश, छोड़ दीजिए aahhhhhhh....| "    राज्ञा अभी बोल ही रही थी की त्रिहांश उसके ऊपर आ गया | राज्ञा हैरानी से उसे ही देखने लगी थी | वह पीछे के तरफ सरकते हुए बोली,""_ please त्रिहांश, छोड़ दो, मुझे इस तरह touch मत करना...ummmmm...| "    राज्ञा अपनी बात पूरा करती उससे पहले ही त्रिहांश कसके उसके एक पैर पकड़ कर नीचे खींच लिया तो राज्ञा का चेहरा एक दम त्रिहांश के होंठो के बेहद करीब आ गया | वही त्रिहांश बिना देर किए ही उसके होंठो को अपने मुंह में भर कर सुकून से अपने आंखे बंद कर लिया |       राज्ञा को छूते ही उसका desire पूरा होते हुए नजर आ रहा था | उसका चेहरे पर भी बेहद सुकून सा मदहोश भरा भाव दिखने लगा था | लेकिन उसके नीचे दबी हुई वह नन्नी सी जान छटपटाते हुए ,रोते हुए उससे अलग होना चाह रही थी, लेकिन उसके ऊपर लेटे हुए उस बिगड़े हुए बिलियनेर की डिजायर के सामने उसका कुछ नही चलने वाला था |      राज्ञा जिस तरह त्रिहांश के बाहों में छटपटा रही थी बिलकुल उसी तरह उसके गुलाब की पंखुड़ी जैसे होंठ त्रिहान्श के दांतों की बीच फस कर छटपटा रहे थे | वह लड़का जी भर कर उसके होंठो को चूम रहा था ,उसका चूमना कुछ इस तरह था की वह सालों से अपने अंदर उठी हुई प्यास की तूफान को अब जा कर बुझा रहा हो | राज्ञा के वजह से उसके दिल में उठी हुई तड़प का तूफान अब जा कर शांत हो रहा हो | त्रिहांश बस भूखे शेर के तरह राज्ञा के होंठो को खा रहा था |   वही राज्ञा बुरी तरह उसके बाहों में छटपटा रही थी | उसे अपने होंठो में बहुत तेज दर्द हो रहा था क्यों की त्रिहांश उसके होंठो को चूमने के साथ साथ बेरहमी से काट भी रहा था |      थोड़ी ही देर में राज्ञा की सांसे अटकने लगे | वह जोर जोर से त्रिहांश के सीने में मारने को हुई तो त्रिहांश उसके दोनो हाथो को अपने हाथो में फसा कर बेड में दबाते हुए उसके होंठो को और जोर जोर से चूमने लगा |           राज्ञा का हालत खराब हो रहा था | उसे ऐसा लगने लगा की थोड़ी देर में उसकी सांसे रुक जाएंगे | वह छटपटाते हुए उससे अलग होने की थोड़ी देर कोशिश की लेकिन धीरे धिरे उसका दम घुटने लगा |    धीरे धीरे Ragya का हिलना डुलना कम होता मेहसूस कर त्रिहान्श जल्दी से उसके होंठो को छोड़ा तो राज्ञा जोर जोर से हाफते हुए उठ कर बैठ गई | इस तरह सांसे फूलने से उसका पूरा चेहरा लाल हो गया था | वह अपने सीने पर हाथ रख कर जोर जोर से सांस लेते हुए अपने आप को नॉर्मल करने लगी |      वही त्रिहांश अपने सर को कोहनी की सहारे रख कर एक टक राज्ञा की पीठ को देख रहा था | राज्ञा ने एक रेड कलर की sleeveless कुर्ती पहना था जो backside ज्यादा ही रिवेलिंग था |      वही त्रिहांश की जीव लगादार अपने होंठो पर गिला कर रहा था जिससे उसका desire डेंजरस लेवल पहुंच रहा था | वह धीरे से अपने हाथ आगे बढ़ा कर राज्ञा के पीठ पर अपने उंगलियां फेरने लगा तो राज्ञा एक दम से सिहर गई | वह जल्दी से उससे दूर हटने को हुई की तो त्रिहांश का पकड़ अचानक से उसके बाजू में कस गया |   राज्ञा दर्द से करहाते हुए अपना सर घुमा कर देखी | वह लड़का बेहद गुस्से से घूरने लगा था | वही Ragya उससे अपना बाजू छुड़वाते हुए कुछ कहती तभी वहा door कटकटाने की आवाज गूंजी |      " राज्ञा....... राज्ञा अभी बाहर आओ.....| " एक मिडिल एज के आदमी की बेहद गुस्से से भरी हुई कर्कश आवाज सुनाई दी तो राज्ञा की घबराहट और बढ़ गई | वह हड़बड़ाते हुए त्रिहांश को देख बोली,""_ त्रिहांश....आ आप जाइए.…| "    राज्ञा की आंखे अचानक से चौड़ी हो गई | क्यों की त्रिहांश ने एक ही झटके में उसके ड्रेस को फाड़ दिया था | राज्ञा खुद को ढकने की कोशिश करते हुए उस पर चिल्लाते हुए कुछ कहती तभी त्रिहांश बेहद सख्ती से उसके कमर को सहलाते हुए उसके ड्रेस को फिर से फाड़ा जिससे राज्ञा की पतला सा कमर अच्छे से रिवील होने लगा |      " राज्ञा.... तुम door क्यों नही खोल रही ? बाहर आओ अभी  | " बाहर खड़े  राज्ञा की पापा गौरव ने कहा |      राज्ञा अब बाहर आने की हालत में कहा थी ? | वह नम आंखों से त्रिहांश से कुछ कहती उससे पहले ही वह आदमी उसे बेड पर लेटा कर बेहद पगालों की तरह उसके जिस्म को देखते हुए छुने लगा |     राज्ञा डरते हुए कभी door को देखने लगी तो कभी त्रिहांश को | त्रिहांश तो इस वक्त पूरी तरह पागल लग रहा था | उसका ध्यान सिर्फ राज्ञा को touch करते हुए अजीब सा सुकून मेहसूस करने  में था | पता नही राज्ञा को छुने से उसे कोनसा सुकून मिल रहा था ? वह बस हर जगह अपने उंगलियां फिराते हुए राज्ञा को फील कर रहा था |      राज्ञा रोते हुए सिहर रही थी | वह बार बार उसके हाथ को अपने बदन से हटाने की कोशिश भी कर रही थी जिससे त्रिहांश इरिटेट हो रहा था |     राज्ञा बोली,""_ आ आप क्यों ऐसा अअह्ह्ह | "       राज्ञा की मुंह से दर्द भरी चिक निकल गई क्यों की त्रिहांश ने उसके कमर को कसके पकड़ कर दबा दिया था | Raagya करहाते हुए त्रिहान्श को देखी तो त्रिहांश दांत पीसते हुए बोला,""_ मुझे तुम्हे touch करना है, जी भर कर करना है so just shut your mouth otherwise..……| "        त्रिहांश गुस्से से बोलते हुए अपना फोन निकाल कर उसे कुछ दिखाता है तो Ragyaa हैरानी से उसे देखने लगी | वह फिर रोते हुए  अपना सर ना में हिला कर कुछ कहती उससे पहले ही त्रिहांश गुस्से से अपनी बात जारी रखते हुए बोला,""_ एक शब्द भी नही Ragya,तुम्हे तो अच्छे से पता है की मैं कितना बिगड़ा हुआ और बद्तमीज हु.| "     बोलते हुए त्रिहांश Ragya को अपने करीब खींच कर अपने होंठो को उसके गर्दन में रख दिया | वही Ragya की हाथ बेडशीट में कस गई थी | वह छटपटा रही थी रो रही थी लेकिन वह आदमी उसे छोड़ नही रहा था |    वही त्रिहांश Ragya को फिर से बेड पर धकेल कर उसके ऊपर झुक गया | Ragya नम आंखों से उस आदमी को देखने लगी जो बेशर्म की तरह उसके बदन को touch कर रहा था |    तभी रूम में Ragya का फोन रिंग होने लगा | Ragya ने एक नज़र फोन को देखा जो उसके पास ही पड़ा था | वह फिर त्रिहांश को देखी | त्रिहांश का पूरा ध्यान सिर्फ उसे टच करने में था | Ragya फिर फोन को देखने लगी |     "Pick up the call !!! "      त्रिहांश अपने होंठ ले जा कर Ragya के कमर में रखते हुए बोला तो Ragya सिहरते हुए उसे देखने लगी | उसका होंठ हल्के से ऊपर उठ गया था |    वही फोन लगादार बज रहा था और ragya पिक नही कर रही थी | यह देख त्रिहांश खुद ही pick करने को हुआ तो Ragya ने call cut कर दिया |       वही त्रिहांश की eyebrows सिकुड़ गए वह Raagya को कुछ कहता उससे पहले ही Ragya उससे अलग होने लगी |  त्रिहांश का चेहरा अचानक से गुस्से से भर गया | वह जल्दी से Ragyaa को अपने आप से चिपका कर अपने दांत पीसते हुए बोला,""_ कहा न हिलना नही .....| "    Ragyaa छटपटाते हुए बोली,""_ please.....|   Raagya का फोन फिर से बजने लगा | Ragya जल्दी से कॉल cut करने को हुई तो त्रिहांश ने उसका हाथ झटका कर call pick किया |       Raagya हैरानी से त्रिहांश को देखती फिर फोन को ,वह कुछ कहती तभी उधर से एक लड़के की आवाज आई,""_ Ragya call क्यों काटा ? "    Ragya बस डरते हुए त्रिहांश को देख रही थी | वही त्रिहांश उसे पूरी तरह अपने बाहों में भर कर अपने गाल से उसके गाल सहलाते हुए फोन के स्क्रीन को देख रहा था जहा चिराग नाम शो हो रहा था |     Ragya को कुछ भी जवाब ना देता देख उधर से चिराग बोला,""_ कल तुम्हे ठीक 10 बजे court पहुंचना है Ragya, मैं वही तुम्हारा इंतजार करूंगा | "         त्रिहांश को उसकी बात समझ नही आई तो वह Ragya के होंठो को सहलाते हुए पूछा,""_ वह तुम्हे Court क्यों बुला रहा है ? "    Ragyaa थोड़ी देर उसके आंखों में देखी फिर फोन ले कर call कट करते हुए धिरे से बोली,""_ आपका जानना जरूरी नहीं है | "    त्रिहांश उसके हाथ में अपना उंगली फसाते हुए थोड़ी देर उसे देखा फिर उसके ऊपर झुकते हुए बोला,""_hmmm You are right,,मुझे सिर्फ तुम्हारे जिस्म के बारे में जानना है,उससे मतलब है बाकी तुम भाड़ में जाओ मुझे कोई फरक नही पड़ता | "        बोलते हुए त्रिहांश Ragya की होंठो को अपने मुंह में भर कर kiss करने लगा | Ragya की आंखे कसके बंद हो गए थे | उसके आंखों की कोने से भी आंसू बहने लगे थे | वह चाह कर भी उस इंसान को रोक नही पा रही थी जो उसके बदन के साथ खिलवाड़ कर रहा था |             क्या है इस कहानी का राज ? क्यों त्रिहांश को सिर्फ Ragya के बदन से मतलब है ?  उसका क्या डिजायर है ? Ragya कोन है ? जानने के लिए पढ़ते रहिए ,       Â

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