Chapter 2: chapter 2

Billionaire's Dark DesireWords: 29539

  अब आगे .....,    त्रिहांश इस वक्त Ragya के ऊपर लेट कर उसके होंठो को चूमते जा रहा था | राज्ञा के दोनो हाथ बेडशीट में कस गए थे | क्यों की त्रिहांश उसके कमर को धीरे धीरे सहलाते हुए अपने उंगली को इधर से उधर सरकाने लगा था |         थोड़ी ही देर में राज्ञा की सांसे फूलने लगे तो वह त्रिहांश के बाहों में से छुटने के लिए छटपटाने लगी | वही त्रिहांश बेमन से  उसके होंठो को छोड़ कर उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपा कर उसे स्निफ करने लगा |      तभी Ragya जोर जोर से हाफ़ते हुए त्रिहांश को खुद से दूर धकेलने को हुई तो त्रिहांश गुस्से से उसके दोनो हाथो को अपने हाथो में फसा कर बेड में दबाते हुए घूरने लगा | वही Ragya पहले ही डरी  हुई थी और अब त्रिहांश का औरा एक दम से और सख्त और गुस्से से भरता देख वह और सहम गई |    वही त्रिहांश बोला ,""_ मुझे रोकना तुम्हारे बस में ही नहीं है Ragya,तुम्हे सिर्फ मेरे बाहों में मछलना है इससे ज्यादा कुछ नही समझी.....| "        त्रिहांश अपनी बात बीच में ही रोक कर गंदी तरह से हंसते हुए कसके ragya के कमर में अपना पकड़ कस देता है तो Ragya की मुंह से चिक निकल गई |       " अअह्ह्ह्ह्ह.....!!! "    दर्द से Ragya की आंखे भींच गए थे | वह करहाते हुए बोली,""_ राक्षस हो आप...!! छोड़िए मुझे .....अअह्ह्ह्ह्ह |      त्रिहांश गुनगुनाते हुए हंस कर Ragya के कमर को बेहद सेंशुआली touch करने लगा | वह फिर धीरे से अपने होंठ ले जा कर उसके कमर पर रख कर बोला,""_तुम्हारे जिस्म से आ रही खुश्बू को सूंघते हुए तुम्हारे जिस्म को चूमने की तलब, उफ्फ....सच में मुझे राक्षस बना दिया है राज्ञा,पता नही मेरे दिल और दिमाग में तुम्हारे जिस्म से खिलवाट करने की अजीब सा desire पैदा हो चुका है |       Ragya रूंधली सी चेहरा बना कर त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश की पागलपन से भरी हुई एक एक बात भी उसके रूह तक को कांपने पर मजबूर कर रहा था | वह कांपते हुए,रोते हुए, सिहरते हुए बस उस हैवान को देख रही थी जो उसके ऊपर लेटा हुआ था |      त्रिहांश की नजर ragya की आंखो में ही टिकी थी | लेकिन उसके दोनो हाथ राज्ञा बदन में बिना रुके इधर से उधर सरकते हुए अजीब सी सनसनाहट पैदा कर रही थी | Ragya सिहर रही थी लेकिन साथ में वह अभी भी रो भी रही थी |        त्रिहांश को Ragya का इस तरह रोने से या तड़पने से कोई फरक नही पड़ रहा था | क्यों की उस आदमी को raagya से कोई मतलब नहीं था | वह बेदिल इंसान उसके जिस्म को चाहता था और उसके जिस्म से खेल रहा था |       त्रिहांश अपने होंठ को कभी ragya के कमर तक ले जाता तो कभी उससे भी नीचे सरकता | ragya की दोनो हाथ बेडशीट में कस गई थी | त्रिहांश फिर एक दम से ऊपर आ कर Ragya के पूरे चेहरे पर अपने होंठ सरकाते हुए उसके होंठो तक ले आया |     Ragya रोते हुए बस सिहर रही थी | वही त्रिहांश उसके टुडी को हल्के से ऊपर उठा कर उसके होंठो पर अपना जीव फेरने को हुआ |     वही Ragya छटपटाते हुए अपना चेहरा इधर उधर करने लगी तो त्रिहांश कसके उसके चेहरे को पकड़ कर उसके होंठो पर अपना होंठ रख दिया | Ragya की आंखे भींच गए उसी के साथ उसके आंखों से आंसू भी चलके |     वही त्रिहांश उसे बेहद नशे से देखते हुए उसके होंठो को चूमते जा रहा था की तभी राज्ञा का फोन फिर से बजने लगा | अचानक से त्रिहांश के आंखे छोटी हो गई वह Ragya के होंठ को छोड़ कर ragya के फोन को घूरा ,फिर से ragya को चिराग का ही कॉल आ रहा था |    त्रिहांश एक नज़र अपने घड़ी में टाइम देखा | टाइम इस वक्त रात के एक बजने को हुआ था | त्रिहांश फिर पूछा,""_ यह आदमी बार बार तुम्हे कॉल क्यों कर रहा है ? "    Ragya की नजर भी इस वक्त फोन के स्क्रीन पर था | वह त्रिहांश को खुद से दूर सरकाते हुए अपनी दबी हुई आवाज में बोला ,""_ कहा न आपका जानना जरूरी नहीं है | "   Ragya की बात सुन त्रिहांश एक दम cold expresion देते हुए उसे घूर कर देखने लगा | वही Ragya जल्दी से फोन ले कर call pick करने को हुई की तभी त्रिहांश उसका फोन ले कर कॉल पिक किया |    उधर से चिराग बोला,""_ राज्ञा,sorry तुम्हे बार बार डिस्टर्ब कर रहा हु,वह क्या है न बात ही ऐसा है तो मुझे तुम्हे वापस कॉल करना पड़ा | "     चिराग इतना बोल कर चुप हुआ | वही राज्ञा कभी फोन के स्क्रीन को देख रही थी तो कभी त्रिहांश को |        वही त्रिहांश उसे गुस्से से बात करने का इशारा कर रहा था | Ragya ने बात नही की बल्कि त्रिहांश के हाथ से अपना फोन छीन कर कॉल कट करने को हुई तो उधर से चिराग बोला,""_ Ragya मैं यह कहना चाह रहा था की हम कोर्ट जाने से पहले मंदिर जाएंगे , पहले मंदिर में शादी करेंगे फिर कोर्ट चले जाएंगे क्या बोलती हो ? "      चिराग की बात सुन Ragya त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश बिना भाव के फोन के स्क्रीन को देख रहा था | Ragya जल्दी से कॉल कट कर त्रिहांश से बोली,""_ आ आप जाइए यहा से | "      त्रिहांश Ragya को थोड़ी देर देखा फिर उसके सीने पर हाथ रख कर उसे हल्के से पीछे के तरफ धक्का देता है तो Ragya बेड पर लेट गई | वही त्रिहांश उसके ऊपर आते हुए बोला,""_ hmmm तो तुम कल शादी करने जा रही हो ,Not bad ..!!! "   त्रिहांश बोलते हुए राज्ञा के ऊपर झुक कर उसे किस करने लगा | वही Ragya हैरानी से उसे ही देख रही थी | राज्ञा को लगा था की त्रिहांश को उसकी शादी से एतराज होगा लेकिन उसके चेहरे के एक्सप्रेशन देख कर Ragya को समझ आ गया की उस आदमी को उसकी शादी से कोई फरक नही पड़ा |     Ragya मन ही मन सुकून मेहसूस करने लगी | वही त्रिहांश उसके ऊपर लेट कर उसे फील कर रहा था | अब तक उसने Ragya के आधा कपड़े उसके बदन से अलग कर दिया था | Ragya उसे रोकने को कोशिश तो कर रही थी लेकिन रोकना उसके बस में नहीं था |    वह कल सुबह किसी और के होने वाली थी लेकिन आज वह किसी की बाहों में लिपटी हुई थी | आज उसके जिस्म को वह इंसान छू रहा था जो उसका कुछ नही लगने वाला था |       वही त्रिहांश पूरी तरह नशे में चूर हो कर राज्ञा को चूमते जा रहा था | राज्ञा के जिस्म के हर एक कोने में वह अपने होंठ चला रहा था जिससे Ragya अंदर ही अंदर खुद को मरते हुए मेहसूस कर रही थी | वह यह सब कभी नहीं सोची थी की उसके साथ ऐसा भी होगा ?   त्रिहांश उसके साथ वह सब कुछ कर रहा था जो एक पति अपने पत्नी के साथ करता था |      सुबह के 4 बजे की आस पास त्रिहांश रुक कर Ragya को देखा | Ragya तेज़ तेज़ सांस लेते हुए त्रिहांश को नम आंखों से देख रही थी | वही त्रिहांश उसके होंठो के बेहद करीब झुक कर बुदबुदाते हुए बोला ,""_ I want to touch you every moment, every part of your body,I just want to touch you .| (मुझे तुम्हे हर पल छूना है ,तुम्हारे बदन के हर एक हिस्से को छूना है ,बस तुम्हे छूना है राज्ञा )        Ragya हैरानी से त्रिहांश को देखने लगी थी वह फिर उसे खुद से दूर दखेलते हुए बोली,""_ अगर आपको बस छूना ही है तो वैश्य गली में जाइए त्रिहांश,आपको वहा हजार जिस्म मिल जाएंगे, अअह्ह्ह्ह्ह | "    " कहा न ? मुझे सिर्फ तुम्हारे जिस्म को छूना है सिर्फ तुम्हारे जिस्म को | "  त्रिहांश गुस्से से अपने बात को बार बार दौराते हुए बोला तो राज्ञा रोने लग गई |        Ragya को रोना भी आ रहा था और उतना ही गुस्सा भी आ रहा था और वह उसे गुस्से से ही देख रही थी लेकिन ना चाहते हुए भी उसके मुंह से दर्द भरी कराह निकल रही थी | क्यों की त्रिहांश उसके चेहरे को बेहद सख्ती से पकड़ कर दबाने लगा था |       त्रिहांश फिर उसका चेहरा झटका कर उससे अलग हो कर अपना शर्ट पहनने लगा | वही Ragya जल्दी से अपने आपको ब्लैंकेट से कवर कर उसे देखने लगी |    वही त्रिहांश बिना कुछ कहे वहा से जाने को हुआ लेकिन वह अचानक से रुक कर मुड़ के Ragya को देखा | Ragya खुद को ढकते हुए उसे ही देख रही थी | वही त्रिहांश की चेहरे पर टेढ़ी स्माइल आ गई|  वह धीरे से Ragya के पास आया फिर थोड़ा उसके ऊपर झुकते हुए बोला,""_ Wishing you a very Happy Marriage life Ragya|"      Ragya हैरानी से त्रिहांश को देखने लगी | वही त्रिहांश धीरे से अपने आंखे बंद कर उसके होंठो को फिर से अपने मुंह में भर कर किस करते हुए राज्ञा के सीने को सहलाने लगा | वही Ragya छटपटाते हुए उसे खुद से दूर दखलेते हुए आवाज करने लगी ,  Ummmmmm hmmmmm ....?? "       त्रिहांश पूरी तरह Ragya के होंठो को अपने मुंह में भर कर Ragya की ऊपरी हिस्से को सहलाए जा रहा था | जिससे Ragya का सिहरना तेज़ हो चुका था | उसका ब्लैंकेट भी उसके बदन से हट चुका था और उसके लिबास तो त्रिहांश पहले ही फाड़ कर फेंक दिया था |        राज्ञा को बहुत ही अनकंपर्टेबल फील हो रही थी | वह इस वक्त खुद को बहुत ही बेबस और लाचार मेहसूस करने लगी थी |    थोड़ी ही देर में त्रिहांश खुद ही उसके होंठो को छोड़ कर उससे अलग हो गया | वही ragya नम आंखों से उसे ही देख रही थी | तभी त्रिहांश फिर से झुक कर उसके होंठो को अपने अंगूठी से सहलाते हुए बोला ,""_ हजार बार चूम लूं इन होंठो को ,फिर भी मेरा प्यास बढ़ता ही जाता है ,इनका रस चकता हू तो नशा सा चढ़ जाता है,यह तुम्हारा जिस्म तुम्हारा नही मुझसा लगता है | "     बोलते हुए त्रिहांश Ragya को अजीब तरह से छूने लगा वही Ragya रोते हुए उसे ही देख रही थी | वह उसे रोकना चाहती थी खुद से दूर दखेलना चाहती थी लेकिन कुछ भी उसके बस में नहीं था | वह सहने के अलावा इस वक्त कुछ नही कर सकती थी |    थोड़ी देर बाद त्रिहांश रुक कर  Ragya को देखा फिर वहा से ऐसा चला गया जैसे वह वहा आया ही ना हो | पल भर में वह राज्ञा की नज़रों से गायब हो गया था |    वही Ragya रोते हुए अपने बदन को देखी | उसे अभी अभी ऐसा लग रहा था की त्रिहांश उसे अभी भी छू रहा है उसके बदन पर अपना हाथ चला रहा है | राज्ञा उठ कर miror के सामने जा कर रोते हुए अपने जिस्म को देखने लगी जो अभी अभी त्रिहांश मैला कर गया था |       वह फिर खुद को ब्लैंकेट से कवर कर अपना फोन ले कर किसी को कॉल की | रिंग तो हो रहा था लेकिन उधर से कोई कॉल पिक नही कर रहा था |    राज्ञा फोन को वही फेंक कर बाथरूम में भाग गई |     सुबह के 8 बजे के आस पास , राज्ञा का पापा गौरव रूम का door जोर जोर से कटकटाने लगा | राज्ञा अभी भी वाशरूम में बैठी  हुई थी | रात भर त्रिहांश ने उसके साथ जो कर गया था उससे वह सहम चुकी थी | वह इस वक्त अपने में ही सिमट कर शॉवर के नीचे बैठी हुई थी |      " यह लड़की कितनी बद्तमीज़ हो गई है ,कल से इससे बात करने मरे जा रहा हु और यह,रूम में घुस कर बैठ गई है | " बहुत देर बाद भी राज्ञा को दरवाज़ा ना खोलता देख गौरव गुस्से से भरसते हुए बोला |     वही  गौरव के बगल में ही खड़ी हुई उसकी बीवी वानी बोली,""_ गौरव आप इतना गुस्सा क्यों कर रहे है उस पर ,वह सोई होगी अभी बाहर आ जाएगी आ ..आप तब तक नाश्ता करिए चलिए | "    वानी गौरव का हाथ पकड़ कर डाइनिंग टेबल के पास ले गई | वही वाशरूम में शॉवर के नीचे बैठी हुई राज्ञा को गौरव और वाणी की बात अच्छे से सुनाई दी थी | वह जल्दी से उठ कर नहाई फिर क्लोसेट रूम में चली गई |            अग्निहोत्री मेंशन.....       " त्रिहांश....त्रिहांश बेटा उठ जाओ ? " बेड पर फैल कर सोए हुए त्रिहांश के सर पर हाथ फेरते हुए उसकी मां वेदिका ने कहा | तो त्रिहांश उसका हाथ हटा कर करवट बदलते हुए बोला ,""_ क्या है वेदु ? सोने दो न ? "   त्रिहांश का इस तरह करने से वेदिका लाचारी में उसे देखने लगी | वह फिर बोली,""_ त्रिहांश उठ जाओ तुम्हे देखने कोई आया है | "     रात भर राज्ञा के साथ वक्त बिताने से त्रिहांश को इस वक्त बहुत नींद आ रही थी | उसने वेदिका को कुछ नही कहा | वही वेदिका फिर से उसके बाजू पकड़ कर हिलाते हुए बोली,""_ त्रिहांश...उठ जाओ ना ? "     त्रिहांश इरिटेट हो कर उठ कर बैठ गया | फिर वह अपने आंखे छोटी कर वेदिका को देखने लगा तो वेदिका अपने दांत दिखाते हुए बोली,""_ वो..तुम्हारे डैड कब से तुम्हारा नीचे इंतजार कर रहे है .....!!! "   तो...? " वेदिका की बात को बीच में ही काटते हुए गुस्से से बोला तो वेदिका लाचारी में उसे देखने लगी | फिर वह जल्दी जल्दी में बोली,""_ तुम बस पांच मिनट के लिए नीचे आ जाओ त्रिहांश,कोई कब से तुम्हारा wait कर रहा है | "    वेदिका किसके बारे में बात कर रही है यह त्रिहांश को अच्छे से पता था | उसके चेहरे पर ना कोई खुशी का भाव आया था और नाही कोई उदासी | वह थोड़ी देर खामोश रहा फिर वेदिका से बोला ,""_ आ आप चलिए मै आता हू | "   " पक्का न ? " वेदिका उससे सवाल की तो त्रिहांश ने हा में सर हिला दिया |    वही वेदिका उठ कर त्रिहांश के माथे पर kiss की फिर बाहर चली गई | वही त्रिहांश घड़ी में टाइम देखा अब तक 9 बज गए थे | वह फिर उठ कर वाशरूम चला गया |     त्रिहांश थोड़ी देर बाद फ्रेश हो कर क्लोसेट रूम में गया फिर कैजुअल कपड़े पहन कर रूम से बाहर चला गया |               " नीचे मेहमान आए हुए राघव छोड़िए मुझे ,क्या कर रहे है आप ? "       त्रिहांश अपने रूम से बाहर निकल कर नीचे जा ही रहा था की तभी उसे अपने भाभी नव्या की आवाज सुनाई दी | त्रिहांश रुक कर आस पास नज़रे दौड़ाया तो उसे उसके थोड़ी ही दूरी पर एक couple दिखा जो त्रिहांश की भाभी और भाई राघव था |     वह दोनो इस वक्त बेहद करीब खड़े थे | यह देख त्रिहांश अपना सर ना में हिलाते हुए उन्हें इग्नोर कर सीढियों से उतर कर जाने को हुआ की तभी उसे राघव की बात ने रोक ली |       " क्या कर रहा हु मतलब ? मैं अपनी बीवी को छू रहा है ,जो मन कर रहा है वह हक से कर रहा हु ,इस तरह बीच में मेहमना आ गए तो मैं क्या करू ? मुझे तुम्हे touch करते हुए तंग करना है ummm| "   राघव नव्या को जवाब देते हुए उसे चूमने लगा था |   वही त्रिहांश की कदम अपने जगह में ही रुक गए थे | वह फिर अपने मन में बड़बड़ाते हुए बोला,""_ बीवी...? हक..? छूना...? "     त्रिहांश की आइब्रोज सिकुड़ गए उसे अचानक से Ragya याद आ गई थी | उसे यह भी अच्छे से याद था की सुबह 10 बजे Ragya की शादी चिराग से होने वाली  है |    वह बड़बड़ाते हुए बोला,""_ अगर Ragya ने उस लड़के से शादी की तो वह उसे ऐसे ही हक जताते हुए touch करेगा ? नही नही ,उसके जिस्म को मेरे अलावा कोई नहीं छुएगा,Damid....मेरे दिमाग में यह ख्याल क्यों नही आया | "       त्रिहांश रेलिंग को मुक्का मारते हुए टाइम देखा | दस बजने अभी बीस मिनट बाकी रह गया था | यह देख त्रिहांश जल्दी से बाहर जाने को हुआ की तभी उसे एक लड़की की स्वीट सी आवाज सुनाई दी |          त्रिहांश....!!! " त्रिहांश एक पल के लिए रुका लेकिन वह मुड़ कर उस लड़की को देखा नहीं | तभी वह लड़की उसके पास आने को हुई तो त्रिहांश उसे इग्नोर कर घर से बाहर निकल गया |     राज्ञा और त्रिहांश का क्या रिश्ता है ? क्यों वह राज्ञा का जिस्म चाहता है ? क्या त्रिहांश राज्ञा की शादी को रोक पाएगा ? राज्ञा चिराग से शादी क्यों कर रही है ? जानने के लिए पढ़ते रहिए    Â