Chapter 11: chapter 11

Billionaire's Dark DesireWords: 35505

  अब आगे......,    Ragya का होश में आने का त्रिहांश कब से wait कर रहा था | उसके लिए एक एक सेकंड भी साल लगते जा रहे थे | जब तक Ragya को होश नही आता तब तक वह अपने जगह से हिला तक नही था |    वही Ragya को करीब दो घंटे बाद होश आया | वह धीरे से अपने आंखे खोलती तो उसकी नजर त्रिहांश पर गई जो बेचैनी से उसे ही देख रहा था | वह जल्दी से Ragya के ऊपर झुकने लगा | Ragya उसे ही देख रही थी उसे इस वक्त जितना अपने जिस्म में लगी हुई चोट से दर्द हो रहा था उससे कही ज्यादा त्रिहांश के बारे में सोच कर दर्द हो रहा था | वह कैसे उसे उस तरह छोड़ कर जा सकता है ? अगर वह उसे नही चाहता तो उसे घर से बाहर ही फेंक देता ? वह तो खुद नही आई थी उसके पास ?      त्रिहांश Ragya के माथे को चूमने आगे बढ़ा तो Ragya ने अपना मुंह फेर लिया | यह देख त्रिहांश रुक गया | वह थोड़ी देर Ragya को देखा फिर उसके गाल पर हाथ रख कर उसके चेहरे को अपने तरफ घुमाया फिर उससे धीरे से पूछा,""_ अब तुम कैसे फील कर रही हो ? "     Ragya ने उसे कोई जवाब नही दिया और उससे नजरे हटा ली | त्रिहांश को पता नही क्यों अजीब सी बेचैनी मेहसूस होने लगी ,वह फिर पूछा,""_ क्या हुआ तुम बोल क्यों नही रही ? "       Ragya ने ना उसे कोई जवाब दिया और नाही उसे एक नजर देखा | वही त्रिहांश को समझ नही आ रहा था | वह फिर उठ कर डॉक्टर को बुलाया तो डॉक्टर आ कर Ragya को चेक किया फिर त्रिहांश से बोले,""_ hmm इन्हे रिकवर होने कम से कम 15 दिन तो लग सकते है ,आप इनका ख्याल रखिएगा | "        त्रिहांश ने हा में सर हिलाया फिर Ragya को देखने लगा | Ragya चुपचाप लेटी थी | वह फिर उसके बेहद करीब आ कर उसके गाल को सहलाते हुए उसके पूरे चेहरे को चूमते हुए बोला ,""_ तुमने तो मुझे डरा ही दिया था Ragya...!!! "      Ragya ने उसे एक नजर देखा फिर चुप हो गई | वही त्रिहांश जी भर कर उसे देखते हुए उसे छू रहा था | उसके होंठ इस वक्त Ragya के गर्दन से हो कर उसके सीने तक तो वापस चेहरे पर आ रहे थे | अजीब सी प्यास, लत और डिजायर से तड़प रहे त्रिहांश को उसके छुने से सुकून मेहसूस होने लगा था | लेकिन अंदर ही अंदर उसे अजीब सी बेचैनी भी मेहसूस हो रहा था | वह एक बार Ragya की आवाज सुनना चाह रहा था लेकिन Ragya तो कुछ बोल ही नहीं रही थी |        थोड़ी देर बाद रूम का door knock हुआ| त्रिहांश मुड़ कर सामने देखा | door के पास वेदिका,दिया और इशा खड़े थे | वह तीनो फिर अंदर आए |      त्रिहांश फिर Ragya को देखने लगा | तभी वेदिका आ कर Ragya के सर पर हाथ फेरने लगी | Ragya ने उसे देखने लगी |   वेदिका ने कहा ,""_ अब तुम अच्छा फील कर रही हो न बच्चा |    Ragya त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश भी उसे ही देख रहा था | Ragya फिर बिना कुछ कहे दूसरी तरफ देखने लगी | वही वेदिका थोड़ा अजीब लगा तो वह त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश को समझ नही आ रहा था की Ragya ऐसे क्यों बिहेव कर रही है ? वह चुप ही रहा क्यों की उसकी हालत हद से ज्यादा खराब था |      वेदिका,दिशा और इशा के साथ थोड़ी देर वही रुकी फिर जाते हुए त्रिहांश से बोली,""_ मैं Ragya के लिए कुछ हल्का सा खाना भेज देती हु खिला देना | "  त्रिहांश ने हा में सर हिला दिया | वही Ragya दूसरी तरफ देख रही थी | तभी त्रिहांश धीरे से पूछा ,""_ क्या हुआ है तुम्हे ? "     Ragya ने कुछ नही कहा | वही त्रिहांश को गुस्सा आ रहा था लेकिन वह खुद को शांत करते हुए Ragya का हाथ पकड़ कर धीरे से बोला,""_ तुम चिंता मत करो थोड़ी दिन तुम ठीक हो जाओगी | "        Ragya उसे देखने लगी फिर धीरे से उसके हाथ से अपना हाथ छुड़वा कर अपने आंखे बंद कर लेट गई | त्रिहांश उसे ही देख रहा था वह फिर एक गहरी सांस ले कर उसके बालो पर हाथ फेरते हुए बोला,""_ अभी मत सो जाओ, वेदु तुम्हारे लिए कुछ बना कर ला रही है खा कर सो जाना | "    त्रिहांश को खुद समझ नही आ रहा था की वह इस लड़की के लिए इतना क्यों दर्द मेहसूस कर रहा है ? वह उसके सर पर हाथ फेरते हुए उसे ही देख रहा था | Ragya का बिहेवियर उसे अजीब लग रहा था लेकिन उसने उसे ज्यादा तंग ना करने का सोच चुप हो गया |      थोड़ी देर में वेदिका रूम में आई | उसके हाथ में ट्रे था और उसमे कुछ हल्का सा गरम गरम सुफ से भरे हुए बाउल था | वेदिका आ कर साइड टेबल पर रखते हुए बोली,""_ Ragya को यह पिला देना त्रिहांश |    त्रिहांश ने हा में सर हिला दिया तो वेदिका थोड़ी देर Ragya को देखी फिर वहा से चली गई | उसके मन में बहुत सी सवाल उठे हुए थे जो वह त्रिहांश से पूछना चाह रही थी लेकिन त्रिहांश का सारा ध्यान Ragya पर था और उसे देख ऐसा लग रहा था की वह अब उसकी कोई बात सुनने वाला भी नही है |     त्रिहांश ने Ragya को आवाज लगाया ,""_ Ragya...Ragya उठो....| "   Ragya अपने आंखे खोल कर त्रिहांश को देखी | वही त्रिहांश उठ कर उसे आराम से उठा कर बैठाने को हुआ तो Ragya उसे हाथ दिखा कर रोक दी | त्रिहांश ना समझी में उसे देखने लगा तो Ragya,दर्द से करहाते हुए खुद ही उठ कर बैठ गई | वेदिका Ragya को ही देख रही थी उसे अब तक समझ आ गया था की Ragya किसी बात से रूठी है या त्रिहांश से कुछ तो गलत हुआ है जिससे Ragya ऐसे बिहेव कर रही है |    वही त्रिहांश को अंदर ही अंदर अब गुस्सा आ रहा था | वह खुद को शांत करा फिर सूफ का ट्रे ले कर Ragya के बगल में बैठ गया तो Ragya खुद ही अपने कांपती हाथ को आगे बढ़ा कर ट्रे लेने को हुई तो त्रिहांश थोड़ा गुस्से से अपने चबाते हुए बोला,""_ मैं खिलाऊंगा...!! "   Ragya ने एक नजर उसे देखा फिर बिना कुछ कहे अपना मुंह दूसरी तरफ फेर ली | वही त्रिहांश स्पून में से सूफ ले कर उसे थोड़ा फूंका फीर Ragya के मुंह के तरफ किया |    Ragya को उस पर बहुत गुस्सा आ रहा था लेकिन वह गुस्सा निकाल नही सकती थी या यू कहे की उसका कोई हक नही बनता था | वह अंदर ही अंदर घुट घुट कर तड़प रही थी | उसे पल पल ऐसा लग रहा था की वह मर जाती तो कितना अच्छा होता ? वह कम से कम किसी के इशारे तो नही जी सकती ?        Ragya इस वक्त अपना चेहरा दूसरी तरफ फेर कर बैठी थी | वह त्रिहांश की कोई भी बात नही सुन रही थी या यू कहे की वह उसे देखना भी पसंद नही कर रही थी | वही त्रिहांश स्पून को घूरते हुए उससे बोला,""_ मुझे गुस्सा दिला रही हो Ragya....!!! "      Ragya ने अब भी कोई रिएक्ट नही किया | वही पल पल त्रिहांश का गुस्सा बढ़ता जा रहा था | वह गुस्से से ट्रे को नीचे फेंक कर चिल्लाता उससे पहले ही वेदिका उसके कंधे पर हाथ रख कर अपना सर ना में हिलाई |       फिर त्रिहांश के हाथ से ट्रे ले कर Ragya के सामने रखते हुए बोली,""_ तुम खुद तो खालों .!! "   Ragya ने एक नजर उसे देखा फिर स्पून उठा कर खुद ही सुफ़ पीने लगी | वही त्रिहांश उसे घूरे जा रहा था | उसे पता नही क्यों उसे इस वक्त Ragya की बिहेवियर पर बहुत गुस्सा आ रहा था | वह उठ कर बाहर चला गया |    वही Ragya का एक हाथ में गोली लगी थी और दूसरे हाथ में चोट लगी थी | वह बहुत ही मुश्किल से खा पा रही थी यह देख वेदिका बोली,""_ मैं खिलाऊ...? "     Ragya रुक कर उसे थोड़ा नम आंखों से देखी | उसे अपने दोनो हाथो में तेज दर्द हो रहा था | जिससे उसके आंखो मे आंसु आ रहे थे |     Ragya ने अपना सर ना में हिलाया फिर खुद ही खाने लगी तभी वेदिका उसके पास बैठ कर पूछी,""_ क्या तुम त्रिहांश से नाराज हो ? "   Ragya रुक कर उसे देखने लगी | वही गुस्से से त्रिहांश बाहर निकल कर सीधे बाहर गया था | उसे पहले यह जानना था की Ragya का एक्सीडेंट कैसे हो गया ?   त्रिहांश को अच्छे से याद था की उसने अच्छे से ही कार पार्क कर आया था तो ऐसे कैसे वह कार पेड़ को टकरा कर फूल में गिर गई ?     त्रिहांश बाहर जा कर अपनी थीकी नजरों से सब कुछ देखते हुए फूल के पास गया | कार को इस वक्त फूल से उठाया जा रहा था | वही त्रिहांश समर को कुछ इशारा किया तो वह वहा से चला गया |      फूल के पास आरव,अजय,नितिन,और विनोद भी खड़े थे | विनोद आ कर त्रिहांश से पूछा,""_ car swimming pool में कैसे गिरा उस लड़की ने कुछ बताया ? "  विनोद का सवाल सुन कर त्रिहांश को Ragya का बिहेवियर याद आया | वह लड़की ना उसका चेहरा देख रही थी और नाही उससे बात करने अपना मुंह खोल रही थी | त्रिहांश ने कुछ नही कहा | वह एक नजर पेड़ को देखा फिर पूल को | उसे समझ नही आ रहा था की वह इस सिचुएशन को हैंडल कैसे करे  ?    वह वापस विला को अंदर जाने को हुआ की उसके पैर में कुछ चिपका तो वह झुक कर देखा |     उसके shoes पर इस वक्त एक ब्रेसलेट चिपका हुआ था | वह झुक कर उस ब्रेसलेट को उठा कर देखा | फिर कुछ सोचते हुए कुछ याद करने लगा |      " बॉस...!! " तभी त्रिहांश को समर का आवाज सुनाई दिया तो वह उसके पास गया |  समर अपना लैपटॉप ले कर उसके पास ही जा रहा था | वह बोला ,""_ बाहर की सीसीटीवी फुटेज खराब हो गया है ,इसलिए यहां का कुछ रिकॉर्ड नही हुआ | "       त्रिहांश ने एक नजर स्क्रीन को घूरा फिर उससे बोला ,""_ सारे बॉडीगार्ड्स कहा है ? "         त्रिहांश का इतना कहना ही था की समर वही खड़े एक बॉडीगार्ड को देख कुछ इशारा किया तो एक ही मिनट में सारे बॉडीगार्ड्स आ कर त्रिहांश के सामने आ कर रुक गए |    त्रिहांश गुस्से से बोला ,""_ यह सब कैसे हुआ ? "    सारे अपना सर नीचे झुका लिया क्यों की उनमें से किसी को नहीं पता था की यह कैसे हुआ ? क्यों की विला के चारों ओर सेक्टर में वह लोग काम करते थे और यह कार पार्किंग बाहर का हिस्सा नहीं था |          त्रिहांश की हाथो की मुट्ठी बन गई | वह चिल्लाते हुए बोला,""_ लगता है तुम लोगो को अपना काम करने का तरीका याद नही ? इसलिए इस तरह की लापरवाई हुई है तुम लोगो से अब तुम में से कोई भी ....!! "  त्रिहांश बोलते हुए एक बॉडीगार्ड का गन चीन कर सब पर तान देता है तो सारे हड़बड़ा गए | वह डरते हुए त्रिहांश को देखने लगे की तभी उनमें से एक आदमी बोला ,""_ बॉस बॉस..एक फीमेल सर्वेंट ने कहा की कार के पास ही एक घर का मेंबर खड़ा था | "   त्रिहांश की आइब्रोज सिकुड़ गए | वह गुस्से से उस बॉडीगार्ड के पास गया जो अटकते हुए उससे बोल रहा था | त्रिहांश सीधे उसके सीने पर गन तान कर बोला ,""_ घुमा घुमा कर बोलना है तो जान से जाओगे | "   त्रिहांश का इस तरह गन प्वाइंट करने से वह आदमी थर थर कांपने लगा उसे ऐसा लग रहा था की आज उसकी अखरी दिन है | वह जल्दी जल्दी से बोला ,""_ उस फीमेल सर्वेंट का नाम रमा है बॉस,उसी ने कहा की वह कार आगे जा रहा था और घर की एक मेंबर हंसते हुए देखते खड़ी थी | "    त्रिहांश गुस्से से चिल्लाया ,""_ कहा है वह सर्वेंट बुलाओ उसे ....? "    त्रिहांश तिलमिलाते हुए इधर उधर टहलने लगा | तभी सर्वेंट्स का हेड आ कर डरते हुए बोला,""_ बा बॉस वह औरत अभी अभी अपने घर गई है और हमारे आदमी उसे लाने....!!! "    त्रिहांश गुस्से से हवा में गोली चलाने लगा | उसका गुस्सा पारा चढ़ रहा था | Ragya किस हद तक उसकी जरूरत थी यह उसे ही पता था | वह भले ही उसके साथ रूड बिहेव करता लेकिन अंदर से उस लड़की के लिए वह इतना बुरा नही चाहता था की वह मर जाए |   त्रिहांश गुस्से से हवा में गोली गोली पे चला रहा था | वही मिनी हॉस्पिटल में वेदिका की सवाल सुन कर Ragya खाना छोड़ कर उसे ही देखने लगी थी | तभी उन दोनो को गन शूटिंग आवाज सुनी तो वेदिका घबरा कर उठ कर बाहर देखने चली गई |     वही Ragya उसके जाते ही स्पून वही रख कर अपने मुंह पर हाथ रख कर रोने लगी | वह त्रिहांश से वह इस हद तक गुस्सा हो गई थी की उसने अपने मन को समझा लिया था की वह उस इंसान का चेहरा भी नही देखेगी और कुछ बात नही करेगी | उसके जिस्म के साथ वह आदमी जितना खिलवाड़ करना चाहता है करे उसके बाद वह हमेशा के लिए ऐसे गायब हो जाएगी जैसे वह उन सबकी जिंदगी में थी नही |    Ragya रोते हुए बोली,""_दर्द देना आपकी आदत है त्रिहांश ,ठीक है मेरे जिस्म के साथ साथ मेरे दिल पर जितना दाग लगाना है लगाएगा,जो करना है करिए मुझे मरवा कर आपका डिजायर पूरा होता है तो ठीक है मेरे साथ वह भी कर लीजिएगा,अब में आपको कुछ नही कहूंगी आप को मेरे साथ करना चाहते है करिए क्यों की मैं जानती हु मैं आपको रोक नही सकतीं | "     Ragya रोते हुए अपना सर बेड पर टिका देती है | उसे बार बार वह पल याद आ रहा था जहा उसे त्रिहांश मरने के लिए छोड़ कर गया था | वह उस पल कितना डर गई थी जब कार पेड़ से टकरा गई तो उसे कितना दर्द हुआ था ? वह खुद को संभालते संभालते पूरी तरह जख्मी हो गई थी और अचानक वह कार पानी में भी गिर गया | सारे पल किस फिल्म की तरह एक एक बाद उसे याद आने लगे थे जिससे उसका तकलीफ बढ़ते ही जा रहा था |    बाहर..     त्रिहांश गुस्से से अभी भी फायरिंग कर रहा था और सारे घरवाले उसे ही हैरानी से देखे जा रहे थे | उसे रोकना किसी की बस में नही था | और वह किसी की बात सुननेवालों में भी नही था |    वेदिका बोली,""_ त्रिहांश बच्चा रुक जाओ ,शांत हो जाओ बेटा....!!! "      नही वेदू,Ragya के साथ यह सब किसी ने जानबूझ कर किया है और जिसने भी किया है वह अभी मेरे सामने नही आया तो मैं क्या करूंगा मुझे नही पता | " त्रिहांश गुस्से से चिल्लाते हुए वेदिका को जवाब दिया तो वेदिका अपने जगह में जम गई |       वह फिर अजय और विनोद को देखी | अजय गुस्से से अपने पागल बेटे त्रिहांश को देख रहा था | लेकिन विनोद लाचारी में देख रहा था | वही वेदिका त्रिहांश से बोली,""_ त्रिहांश गार्ड्स गए है ना उस सर्वेंट को लाने तब तक तो शांत हो जाओ ...!! "    वेदिका बोलती ही रही लेकिन त्रिहांश ने एक नही सुना | उसे देख ऐसा लग रहा था की उसके दिमाग में कुछ घुसा ही नही | वही वेदिका को कुछ समझ नही आ रहा था उसे अपने बेटे का गुस्सा अपने कंट्रोल से बाहर आते हुए नजर आ रहा था |     त्रिहांश का गुस्सा पारा चढ़ता तो वह किस हद तक शैतान बन जाता है यह वेदिका को अच्छे से पता था | वह कुछ सोचते हुए त्रिहांश से बोली,""_ त्रिहांश Ragya...? "    वेदिका ने इतना ही कहां था की त्रिहांश रुक कर हैरानी से उसे देखने लगा | वेदिका ने अपनी बात बीच में ही छोड़ दी थी क्यों की उसे समझ नही आया था की वह त्रिहांश को आगे क्या कहे ?     वही त्रिहांश बोला,""_ Ragya क्या वेदु..? वह.....?? "   त्रिहांश खुद ही Ragya के पास भागा चला | वही वेदिका हैरानी से बस त्रिहांश को भागता हुआ देख रही थी | उसे समझ नही आ रहा था की Ragya के लिए त्रिहांश इतना पागल कब हुआ | सारे घरवाले भी हैरानी से त्रिहांश को देख रहे थे |     वही बाहर इशान का कार आ कर रुक गया | इशान उर्मी को देख कर बोला,""_ चलो सब तुम्हारा कब से इंतजार कर रहे है ? "     उर्मी जल्दी से कार से बाहर आ कर अंदर जाने को हुई तो उसकी नजर फूल में से उठा रही कार पर गई तो वह अपने जगह में जम गई | वही बाहर आते ही इशान की भी नजर त्रिहांश के कार पर गई थी जो फूल में से उठाने लगे थे |   इशान और उर्मी हैरानी से एक दूसरे को देखने लगे फिर बिना देर किए एक साथ त्रिहांश का नाम लेते हुए अंदर भाग गए ,""_ त्रिहांश भाई....!!! "         मिनी हॉस्पिटल के रूम में....         त्रिहांश भागते हुए रूम में आया तो उसकी नजरRagya पर गई जो रोते हुए वैसे ही बैठे बैठे सो गई थी | उसके गालों पर आंसू के बूंदे ठहरे हुए थे | त्रिहांश फिर उसके ट्रे को देखा ,Ragya ने बस दो या तीन स्पून ही सुफ़ पिया था बाकी का वैसा का वैसा ही था |      त्रिहांश Ragya को घूर कर देखने लगा | वह उसे खुद पिलाने लगा था लेकिन उस लड़की ने पिया तक नही ,उसे गुस्सा आ रहा था लेकिन वह यह सोच कर चुप हुआ था की वह खुद तो पिएगी लेकिन नही उसने तो पिया ही नही |     त्रिहांश Ragya के पास गया फिर उसके बगल में बैठ कर उसे गुस्से से उसे आवाज लगाया ,""_ Ragya...!!! "    त्रिहांश का बस एक ही बार आवाज लगाना ही काफी था की Ragya नींद से जाग गई | वही त्रिहांश गुस्से से उसे घूर रहा था | वह फिर ट्रे को उठा कर बोला ,""_ यह ऐसा ही क्यों पड़ा है ? हा ?"         Ragya उसकी गुस्सैल आवाज सुन कर थोड़ा सहम गई | उसने उसे कुछ नहीं कहा | वही त्रिहांश उसका बिगड़ा हुआ हालत देख कर खुद को शांत किया फिर उसे सुफ पिलाने आगे बड़ा |   Ragya चुपचाप उसे देख रही थी फिर वह उससे अपना मुंह फेर लेती है तो त्रिहांश का पकड़ स्पून में कस गया | वही Ragya को अच्छे से समझ आ रहा था की उसका इस तरह करने से त्रिहांश को बहुत गुस्सा आ रहा है | फिर भी वह उसे ना देखी और नाही उसे कुछ कहां|   त्रिहांश फिर गुस्से से स्पून को ट्रे में पटक कर Ragya के दोनो बाजू को कसके पकड़ कर चिल्लाते हुए बोली,""_ क्या हुआ हैं तुम्हे ? क्यों जिद्द कर रहीं हो ? हा ? ना कुछ बोल रही हो और ना कुछ खा पी रही हो ? "  Ragya अब भी कुछ बोल नहीं रही थी लेकिन दर्द से उसके आंखो से आंसू बहते हुए गाल से हो कर बहते जा रहे थे | वही Ragya को अब भी ना बोलता देख त्रिहांश का पकड़ कसके उसके बाजू में कस रहा था | वह उसे अपने बेहद करीब कर अपने दांत पीसते हुए बोला,""_ तुम किस हक से इतना जिद्द कर रही हो ? हा ? तुम्हे किसने हक दिया है ? तुम्हारे जिस्म के साथ तुम्हे मैं इतना लपरवा नही करने दे सकता समझी तुम ? मुझे अपना desire पूरा करने के लिए तुम्हे ठीक रहना होगा वरना......!!! "   त्रिहांश अभी बोल ही रहा था की Ragya ने रोते हुए उसका हाथ हटाया फिर ट्रे को उठाने लगी | यह देख त्रिहांश की आंखे कसके बंद हो गए | वह फिर गुस्से से Ragya को देखने लगा जो करहाते हुए सूफ का स्पून उठा रही थी |    यह देख त्रिहांश खुद ही स्पून पकड़ कर उसे पिलाने आगे बढ़ा तो Ragya मुंह ना खोलते हुए ,उसे ही देखने लगी  | यह देख त्रिहांश का गुस्सा और पारा पढ़ गया तो वह गुस्से से कुछ कहता उससे पहले ही Ragya ने मुंह खोला |     यह देख त्रिहांश शांत हो कर उसे सुफ पिलाने लगा | Ragya चुपचाप उसे देखते हुए पीने लगी थी उसकी आंखो से आंसू बह रहे थे |     To be continued............                    Â