Chapter 33: chapter 33

Billionaire's Dark DesireWords: 29981

अब आगे .......      त्रिहांश का केबिन.....     त्रिहांश इस वक्त राज्ञा को अपने केबिन के, ग्लास टेबल पर लेटा दिया था | राज्ञा अपने बड़ी बड़ी आंखें टिमटिमाते हुए बस उसे देख रही थी | वही त्रिहांश की भी नजर भी उस पर ही टिकी थी | वह धीरे से अपने हाथ को राज्ञा के बदन में फिराते हुए उसके ऊपर झुक रहा था |    वही त्रिहांश के चुवन को मेहसूस कर राज्ञा की धडकने तेज हो गए थे | वह अपने पैरो को आपस में ही रगड़ते हुए अपने निचले होंठो को चबा रही थी | वही त्रिहांश अब तक अपने चेहरे को राज्ञा के चेहरे के बेहद करीब लाया था |    राज्ञा को इस वक्त होंठ चबाता देख त्रिहांश का कंट्रोल अपने आप से खोता जा रहा था | वह धीरे से उसके राज्ञा के होंठो पर चूम कर उसे अपने मुंह में भरने को हुआ |      तभी केबिन का door खुला ,यह देख राज्ञा हड़बड़ाते हुए उठ कर टेबल से नीचे उतर गई | वही त्रिहांश सामने खड़े इशान को बुरी तरह घूरने लगा | इशान केबिन के door को बिना knock किए अंदर आया था जिससे उनकी रोमांस में वह हड्डी बन गया था |   इशान इस वक्त अपने जगह में जम गया था | वह कभी राज्ञा को देखता तो कभी त्रिहांश को..अचानक से उसे रियलाइज हुआ की उसे यहां इस तरह आना नही चाहिए था।और उसके भाई अब सिंगल नही रहा है |    इशान जल्दी से मुड़ते हुए बोला,""_ सॉरी भाई... सॉरी भाभी.. मैने ज्यादा कुछ नहीं देखा...थोड़ा थोड़ा देखा है लेकिन वह मैं अभी अभी भूल गया  सॉरी ....| "  राज्ञा का चेहरा रोनी जैसा हो गया | वह अब इशान को कैसे फेस करेगी ? वह घूर कर त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश इशान को घूर रहा था | वह गुस्से से बोला,""_ बकवास बंद करो इशान ...और यह बताओ कि तुम यहां क्यों आए थे ? "       इशान मुड़ कर अपने दांत दिखाते हुए त्रिहांश को देखा ..फिर राज्ञा को ... राज्ञा तो शर्म से अपने आंखे नीचे कर खड़ी थी |     इशान त्रिहांश के पास जा कर उसे एक फाइल बढ़ाते हुए बोला,""_ मिस्टर माथुर का प्रोजेक्ट रेडी है भाई लेकिन उनकी कंपनी के तरफ से प्रॉब्लम्स आ रहे है | "   त्रिहांश ना समझी में फाइल को ले कर देखने लगा | वही इशान उस प्रॉजेक्ट के कुछ इश्यूज बताने लगा | जिसे ध्यान से  राज्ञा भी सुन रही थी | थोड़ी देर बाद त्रिहांश, फाइल टेबल पर रखते हुए बोला,""_तुम इसके बारे में समर से डिस्कस करो | "   इशान हा में सर हिलाते हुए फाइल उठा कर त्रिहांश से बोला,""_ ठीक है भाई.. अभी तो मैं घर जा रहा हु,उनसे कल बात कर लूंगा |     इतना बोल कर ईशान वहां से जाने को मुड़ा की तभी राज्ञा उसे रोकते हुए बोली,""_ रूको..मैं भी आ रही हू इशान...| "    राज्ञा इतना बोल कर आगे अपने कदम रख ही थी की तभी त्रिहांश ने उसका हाथ कसके पकड़ कर ऑर्डर भरी लहजे में बोला,""_ तुम मेरे साथ जाओगी ....!! "   इशान ने उन दोनो को एक नजर देखा फिर बिना कुछ कहे वहा से चला गया | वही राज्ञा अपना हाथ छुड़वाते हुए बोली,""_ आपके अभी काम होंगे न त्रिहांश..| "   त्रिहांश एक ही झटके में उसे अपने करीब खींचा जिससे राज्ञा जा कर उसके गोद में जा गिरी | तभी त्रिहांश उसके टुडी को ऊपर उठा कर उसके आंखो में देख गुस्से से बोला,""_ तुम भूल रही हो मिसेज त्रिहांश, तुम यहा काम करने आती हो और मैं तुम्हारा बॉस हु,तो यह मेरा ऑर्डर है | "       राज्ञा का मुंह बन गया | वह उससे अलग होने की कोशिश करते हुए बोली,""_ मैं नही भूली त्रिहांश..आप ही है वह,जो मुझे बार बार केबिन में ला कर तंग करते है और ऊपर से मुझे कोई काम भी नही समझा रहा है...इशान ने थोड़ा बहुत समझाया लेकिन वह मेरे दिमाग में नही घुसा | "       " उसके लिए दिमाग का होना भी जरूरी होता है राज्ञा...तुम्हारे पास दिमाग ही कहा है जो कोई भी बात घुसे | " त्रिहांश राज्ञा को ताना मारते हुए बोला तो राज्ञा की बाहें तन गए | वह गुस्से से त्रिहांश को घूर कर देख बोली,""_ मेरे पास दिमाग नही..आपको ऐसा क्यों लगता है त्रिहांश..? "    त्रिहांश उसे ही देख रहा था | वह थोड़ा उसके ऊपर झुक कर उसके सर पर प्वाइंट करते हुए बोला,""_ अगर दिमाग होता तो तुम उस चिराग से शादी करने हां नही कहती..किसी की मजबूरी के लिए तुम्हारा मतलब मेरे इस जिस्म को उसका हवाला करने हा नही कहती ....| "     राज्ञा हैरानी से त्रिहांश को देखने लगी...त्रिहांश बार बार चिराग का नाम ले कर उस पर गुस्सा कर रहा था | वह अपना सर नीचे कर धीरे से बोली,""_ मैने सिर्फ उससे शादी के लिए हा कहा था ,खुद को सौंफने के लिए नही..| "   त्रिहांश अपने आंखे छोटी कर उसे देखने लगा ...क्या उसकी बीवी उसे बेवकूफ समझती है ? अगर वह उससे शादी करती तो चिराग हक से उसके करीब आता |       त्रिहांश अपने दांत पीसते हुए उसका चेहरा ऊपर कर गुस्से से बोला,""_ तुम्हे मै बेवकूफ नजर आ रहा हु ? शादी के बाद हर मर्द अपनी बीवी के करीब आता ही है और वह भी....| "   बोलते हुए त्रिहांश रुक गया | उसका पकड़ गुस्से से राज्ञा के चेहरे पर कस रहा था | वही राज्ञा के आंखे नम हो गए थे | वह रोते हुए अपना चेहरा उससे छुड़वाने की कोशिश करते हुए बोली,""_ मिस्टर गौतम ने मुझ पर दबाव डाला था......|  " तो अगर तुम पर कोई दबाव डालेगा तो तुम किसी से भी शादी करने हा कह दोगी ? हा ? " राज्ञा की बात को बीच में ही काटते हुए त्रिहांश गुस्से से अपने दांत पीसते हुए पूछा तो राज्ञा ने अपना सर नीचे किया लेकिन उसके आंखो से आंसू बह रहे थे | त्रिहांश के पकड़ से उसे जितना दर्द हो रहा था उतना ही उसकी बातो से....लेकिन त्रिहांश जो कह रहा था वह सच ही तो था | त्रिहांश के पास भी वह मजबूरी से ही आई थी |     त्रिहांश उसे अभी भी घूर कर देख रहा था | वह गुस्से से आगे बोला,""_ don't cry Ragya...| "   कितना बेरहम इंसान था वह..पल भर में उसके साथ प्यार से फेश आता तो दूसरे ही पल उसे दर्द देने लगता ...| राज्ञा अपने चेहरे से त्रिहांश का हाथ हटाते हुए बोली,""_ आप ही मुझे रुला रहे है त्रिहांश,फिर अह्ह्ह्ह्ह |     राज्ञा आगे बोल नही पाई क्यों की त्रिहांश ने उसका चेहरा झटका दिया था | राज्ञा नम आंखों से उसे एक नजर देखी,फिर  उससे अलग होते हुए बोली,""_ आपने भी तो मुझ पर दबाव डालते हुए मेरे करीब आए थे ? आपने मुझे कितना रुलाया..मिस्टर गौतम से भी ज्यादा...| "   त्रिहांश की थीकी नज़रे राज्ञा पर ही टिकी थी | वह उसे फिर से करीब खींच कर अपने दांत पीसते हुए पूछा,""_ कहना क्या चाहती हो ? "     राज्ञा नम आंखों से उसे देख रही थी | वह रोते हुए आगे बोली,""_ सब मेरी मजबूरी की फायदा उठाया ....नही नही त्रिहांश सब मुझे मजबूर किया सिर्फ अपने मतलब के लिए ...मिस्टर गौतम अपने मतलब के लिए मां का ऑपरेशन का बहाना बना कर मुझे शादी के लिए मजबूर किया ताकि चिराग से और पैसे ले सके और आप अपने डिजायर पूरा करने के लिए मुझे धमकी पर धमकी देते हुए अपने पास रखा,अपना डिजायर को अंजाम दिया,मुझसे शादी की,सब कुछ अपने मतलब के लिए ही तो किया.....किसे मना करती में  ? आपको या मिस्टर गौतम को ? किसे हा कहती ? किसको मेरी सुनना था जो मना करते हुए खुद को बचाऊं ? बताइए त्रिहांश ? "   त्रिहांश का औरा एक दम से डार्क हो गया था | राज्ञा की एक एक बात भी सही निकली थी | लेकिन उसने त्रिहांश को मिस्टर गौतम को कंपेयर किया यह बड़ी गलत बात था |      त्रिहांश गुस्से से उसके बाजू पकड़ कर चिल्लाते हुए बोला,""_ तुम मुझे उस घटिया गौतम से कंपेयर कर रही हो ? "    राज्ञा सहम कर हल्के से कांपने लगी ,त्रिहांश भी उसकी कपकपाहट को मेहसूस करने लगा था | वह गुस्से से उसे खुद से दूर कर चिल्ला कर बोला,""_ आज तुम पूरा overnight काम करोगी ,समझी Go ...| "    राज्ञा नम आंखों से उसे देख रही थी | फिर वह बिना कुछ कहे त्रिहांश के केबिन से बाहर निकल गई,पता नही क्यों गुस्से में उसने क्या क्या बोल दिया उसे खुद समझ नही आया था | वही त्रिहांश का गुस्से से माथा तनका था | राज्ञा ने उसे ज्यादा ही उकसा दिया था |      वह गुस्से से अपना सर चेयर को टिका कर अपने आंखे बंद करा |      दूसरी तरफ.....      उर्मी और इशा इस वक्त हैरानी से अर्यांश को देख रहे थे | वही अर्यांश का मुंह बन गया था | वह उर्मी को देख बोला,""_ तुम ऐसे क्यों घूर रही हो ? मैने तो सच ही बोला था | "      उर्मी की आंखे छोटी हो गई | वह अपने दांत पीसते हुए अर्यांश से पूछी,""_ मैंने कब तुम्हे हा कहा था ? हा ? तुम्हे मैंने एक्सेप्ट ही नही किया है मिस्टर आलू पूरी ...| "     उर्मी की मुंह से खुद के लिए आलू पूरी सुन कर अर्यांश की बाहें तन गए | वही इशा की हंसी छूट गई थी | वह हंसते हुए उर्मी से बोली,""_ आलू पूरी..अच्छा नाम रखा है दी आपने..और मुझे यह जीजू ज्यादा ही पसंद आए,क्यूट क्यूट | "     अर्यांश एक टक उर्मी को घूर रहा था | लेकिन जैसे ही उसने इशा की लास्ट लाइन सूनी उसकी आंखो में चमक उठे | वह इशा के पास आ कर बोला,""_ हाए...कितनी प्यारी साली साहिबा है मेरी ...|"   Thank you..thank you जीजा साहेब.!! " इशा खुद पर प्राउड करते हुए बोली | वही उर्मी की दांत भींच गए थे | वह घूरते हुए इशा को बोली,""_ तुम आगे जाओ..मुझे इस आदमी के साथ अकेले में कुछ बात करना है | "    इशा ने एक नजर उर्मी को देखा फिर आर्यांश से बोली,""" संभाल के जीजू.. मेरी दी थोड़ा ..थोड़ा नही ज्यादा ही मिर्ची टाइप की है ...| "  " इशा ...? उर्मी चिड़ते हुए इशा का नाम चिल्लाई तो इशा जल्दी से आगे भाग गई |     वही उर्मी फिर गुस्से से अर्यांश को घूरने लगी .. आर्यांश की नजर इशा जहा गई थी वहा था | वह फिर उर्मी से थोड़ा गुस्से से कहा ,""_ तुमने उसे जाने क्यों कहा ? "     अर्यांश की बात का जवाब ना देते हुए उर्मी ने उसे गुस्से से अपना ही अलग सवाल करते हुए पूछी,""_ तुम ...तुम मेरा पीछा करते करते यहां तक क्यों आए ? और तुमने माना भी कैसे लिया की तुम मेरे boyfriend हो ? मैने कभी हा कहा है क्या ? "          दी.......? " उर्मी अभी बड़बड़ाए जा रही थी की तभी उसे इशा की दर्द भरी आवाज सुनाई दी तो वह मुड़ कर सामने देखी ...|     इशा इस वक्त अपने कदम पीछे लेते हुए कुछ लड़कों को देख रही थी जो उसके करीब बढ़ रहे थे | आर्यन्श का नजर उन पर ही था ,जैसे ही उसने इशा की आवाज सुनी वह बिना देर किए ही उसके पास भाग गया | वही उर्मी भी उसके पीछे गई | "  क्या मॉल है रे यह ...! सुबह से इस पर लाइन मार रहा था लेकिन यह भाव खाते हुए मुझे देख ही नहीं रही थी ...hmmm कोई नही अब यह मेरे हाथ लग ही गई | " उस लड़के के ग्रुप में से एक लड़का इशा को बेहद गंदी नजर से देखते हुए मदहोश भरी आवाज में बोला |      उस लड़के की बात सुन उसके साथी गंदी तरह हंसने लगे | वही इशा डरते हुए अपने कदम पीछे ले रही थी | तभी वह पीछे से आर्यांश से टकरा गई, वह जल्दी से मुड़ कर देखी सामने आर्यांश खड़ा था | जिसका चेहरा गुस्से से तमतमा रहा था |    वही इशा को इस तरह किसी लड़के के करीब जाता देख वह ग्रुप वाला लड़का जिसका नाम डेविड था | वह गुस्से से इशा का बाल पकड़ता तभी अर्यांश जोर दार पंच मारते हुए इशा को अपने पीछे किया |    अब तक उर्मी भी वहा आ गई थी | वही इशा उससे लिपट कर रोते हुए बोली,""_ दी....!! यह लोग....|     इशा पूरी तरह डर कर कांप रही थी | वही उर्मी उसके बालो पर हाथ फेरते हुए बोली,""_ शांत हो जाओ बच्चा ,कुछ नही हुआ है | "   वही अर्यांश गुस्से से डेविड को मारते हुए उसके गैंग को पीट रहा था | वह बहुत ही गुस्से में आ गया था | देखते ही उसने इशा को अपनी बहन जैसे मना था वैसे भी इशा के अलावा वहा कोई भी होता तो वह ऐसा ही करता |   अर्यांश के मारने से डेविड और उसका गैंग भागने की कोशिश कर रहा था लेकिन आर्यांश छोड़े तब ना ..वह सब वहा से नौ दो ग्यारह होने के बारे में सोच रहे थे | लेकिन आर्यांश के पकड़ से छूटना मुश्किल था | थोड़ी ही देर में वह सबको अधमरा कर गुस्से से चिल्लाया,""_ अगर गलती से भी तुम लोग किसी लड़की को तंग करते हुए दिखे ना,उसी वक्त  जान ले लूंगा तुम सबका.....भागो...| "     आर्यांश का इतना कहना ही था की सारे लंगड़ाते हुए भाग गए | वही इशा डरते हुए सबको देख रही थी | वह फिर आर्यांश के गले लगते हुए बोली,""_ थैंक यू जीजू ..यह लोग मुझे सुबह से तंग कर रहे थे मैंने उन्हें warn भी दिया था लेकिन....|    " तुमने मुझे उसी वक्त बताया क्यों नही इशा ? " इशा की बात सुन उर्मी उसे गुस्से से पूछी तो इशा थोड़ा हकलाते हुए बोली,""_ मैं आपको घर जाते ही बताने वाली थी दी..अचानक से यह सब....| "  इशा ने अपनी बात अधूरा ही छोड़ दी | वही आर्यांश उसके बाल पर हाथ फेरते हुए बोला,""_ अब वह तुम्हे परिशान नही करेंगे ... | "   आर्यांश फिर उर्मी को देखने लगा ..| उर्मी उसे ही देख रही थी वह फिर बड़बड़ाते हुए बोली,""_ खुद तो मुझे बड़ा तंग करते हुए फिर रहा है और अब .. अअह्ह्ह्...| "         उर्मी अभी बड़ाबड़ते हुए उसे सुना ही रही थी की तभी अर्यांश ने उसके कमर में चिकोटि काटी जिससे उर्मी की मुंह से आह निकली |     क्या हुआ दी..? आप चिल्लाई क्यों ? " इशा हैरानी से उर्मी को देख पूछी |   उर्मी गुस्से से आर्यांश को देख रही थी | आर्यांश की चेहरे पर टेढ़ी स्माइल थी | इशा की भी नजर आर्यन्श पर ही गई थी उसे हंसता देख उसे समझ आ गया की उर्मी क्यों चिकी...|    वही उर्मी इशा का हाथ पकड़ कर बोली,""_ किसी मच्छर ने काट लिया था इशा ...चलो घर चलते है | "      उर्मी इतना कह कर आगे जाने को हुई की तभी आर्यांश ने उसका हाथ पकड़ कर रोक लिया | उर्मी उसके हाथ से अपना हाथ छुड़वा कर बोली,""_ क्यों तंग कर रहे है आप ? "     अर्यांश आगे आ कर बोला,""_ मैं तुम दोनो को घर ड्राप कर दूंगा आ जाओ ..| "  नही....| " उर्मी ने इतना ही कहा था की इशा बोली,""_ चलिए ना दी मुझे अभी भी डर लग रहा है....हम जल्दी घर पहुंच जाएंगे | "      इशा की बात सुन उर्मी ने ज्यादा कुछ नहीं कहा | और आर्यांश के कार में बैठ गए | वही आर्यंश ड्राइविंग सीट पर बैठते हुए उर्मी से पूछा ,""_ घर का एड्रेस ? "   अग्निहोत्री मेंशन....!! " इशा ने जवाब दिया जिसे सुन अर्यांश के आंखे बड़ी हो गई | वह मुड़ कर हैरानी से उर्मी और इशा को देख पूछा,""_ मजाक कर रहे हो ? " "   हम मजाक क्यों करेंगे ? अग्निहोत्री मेंशन ही हमारा घर है | "  उर्मी उसकी सवाल से चिड़ते हुए बोली तो आर्यांश थोड़ा शॉक हुआ लेकिन तभी उसके चेहरे पर बड़ी सी स्माइल आ गई | वह कार स्टार्ट करते हुए अपने मन में बोला,""_ क्या बात है ? अब मै आसानी से राज्ञा दी से मिल सकता हु..उनके साथ अच्छे अच्छे memory बना सकता हु | "    दूसरी तरफ....      इशान ऑफिस से जल्दी से आ गया था | और वह इस वक्त बार बार अपना फोन चेक कर रहा था यह सोच कर की उसकी अहीरा उसे मैसेज की होगी लिकन अहीरा ने उसे कोई मैसेज या कॉल नही किया था |     जब से अहीरा के साथ incident हुआ था तब से अहीरा की तरफ से कोई कॉल या msg ही नही आया था | जिस कारण इशान को अजीब सा बेचैनी मेहसूस हो रहा था |         To be continued..........Â