Chapter 49: chapter 49

Billionaire's Dark DesireWords: 29086

   अब आगे .......       राज्ञा त्रिहांश के कंधे पर अपना सर रख कर उसके गोद में ही बैठी थी | वही त्रिहांश बेहद नशे से उसे देख रहा था | यह लड़की उसे सेड्यूस कर इस तरह चुप कैसे बैठ सकती है ? त्रिहांश ले कर बेड पर गिर गया |      राज्ञा को इस वक्त सर में बहुत दर्द हो रहा था तो वह त्रिहांश के सीने में अपना चेहरा छुपाते हुए बोली,""_ मुझे पता है आपको अभी बहुत कुछ करने का मन कर रहा है लेकिन मेरे सर में तेज दर्द हो रहा है त्रिहांश | "      त्रिहांश की दांत भींच गए | वह उसके कान की इयरलोब पर जोर से काटते हुए बोला,""_ मुझे सेड्यूस करते वक्त तुम्हे ख्याल नही आया की तुम्हारे सर में दर्द है ? हा ? "     अअह्ह्ह्ह्ह......| त्रिहांश का इस तरह बाइट करने से उसके मुंह से दर्द से आह निकल गया था लेकिन। त्रिहांश की बात सुन उसे हंसी आ गई | वह अपना सर ऊपर कर त्रिहांश को देखी,त्रिहांश थोड़ा डिस्टर्ब लग रहा था | राज्ञा उसके माथे पर किस कर ,उसे अपने गले से लगाते हुए बोली,""_ आ आपको इतना गुस्सा क्यों आता है त्रिहांश ?  "      त्रिहांश ने उसे कुछ नही कहा | वह चुपचाप उसके सीने पर सर रख कर लेट गया | राज्ञा के दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था | लेकिन उसे जो भी करना था बिना त्रिहांश के नजरों में आए ही करना था क्यों की त्रिहांश उसे कुछ भी बताने वाला नही था और जाहिर सी बात वह उसे कुछ करने भी नही देने वाला था |     त्रिहांश अपने आंखे बंद कर बेहद calm हो कर उसके उंगलियों में अपना उंगली फसा कर कुछ सोच रहा था | उसे खबर तो मिल गया था की माया को हॉस्पिटल में एडमिट किया है लेकिन उसका जाने का कोई इरादा नही था |          हॉस्पिटल में ......   माया को होश आ गया था और वह चुपचाप सीलिंग को घूरते हुए लेटी थी | की तभी वार्ड का door open हुआ | माया एक नज़र door के तरफ देखि फिर सीलिंग को देखने लगी |         वही अहीरा और आर्यांश माया के करीब गए | माया उठ कर बैठने को हुई की तभी अहीरा उसे मना करते हुए बोली,""_ नही मम्मा... आप ऐसे ही लेटी रहो | "       माया वैसे ही लेटी रही लेकिन उसके आंखे नम हो गए थे | वह अहीरा और आर्यांश को देख बोली,""_ मै.....मैने वह सब....?? "  आर्यांश माया का हाथ पकड़ कर बोला ,""_ हमे पता है मम्मा आपने गलत इंटेंशन लिए ऐसा नहीं किया है ,वह सब जाने दीजिए अभी आप आराम से रेस्ट करिए  | "    माया अपना सर ना में हिलाते हुए बोली,""_ नही अर्यांश...मुझे अपनी बच्ची चाहिए ,वह त्रिहांश के साथ ठीक नही है | "     आर्यंश और आहिरा को बिलकुल नही पता था की राज्ञा का क्या पास्ट है ? वह उनकी बहन है तो वह इतने दिन कहा थी ? इस तरह अचानक से माया उसके लिए क्यों चाहने लगी है ?    अहीरा उससे पूछी,""_ यह सब क्या हो रहा है मम्मा ? राज्ञा दी इतने दिन हमसे दूर क्यों थी ?क्यों आप उनसे हमे नही मिलाया ? इस तरह अचानक से वह कैसे हमारी जिंदगी में आई ? "     आही.....!!! " अहीरा माया को एक के बाद एक सवाल करने लगी की तभी वार्ड में सुधर्व आते हुए उसका नाम लिया तो अहीरा मुड़ कर उसे ही देखने लगी |  सुधर्व माया के पास आ कर बैठते हुए कहा,""_ यह सब हम बाद में सोचेंगे माया,तुम्हे अब सिर्फ आराम करने की जरूरत है | "    "   लेकिन सुधर्व ? " माया कहने को हुई की तभी सुधर्व उसे आंखे दिखाते हुए चुप कराया |       वही वार्ड के बाहर इशान और उर्मी खड़े थे | उर्मी इशान से पूछी,""_ भाई यह सब क्या हो रहा है ? जब हम यहा आते तब दादू के अलावा कोई नही रहता लेकिन इस बार अर्यांश और उसका फैमिली यहां क्यों है ? और माया राठौड़ ने भाभी के साथ ऐसा क्यों किया ? भाभी से इनका क्या लेना देना है ? कुछ समझ नही आ रहा है ? "     उर्मी की बात सुन इशान उसके गाल थपथपाते हुए बोला,""_ धीरांश दादू से जितना हमारा गहरा रिश्ता है उतना ही गहरा रिश्ता राठौड़ का भी है बस भाभी .....| "       इशान अपनी बात पूरा कर ही रहा था की तभी उन दोनो की कान में विनोद की बेहद सख्त आवाज सुनाई दी,""_ तुम दोनो यहा क्या कर रहे हो ? "    इशान और उर्मी मुड़ कर सामने देखने लगे | सामने इस वक्त विनोद ,अजय और आरव,तीनो ही ना समझी में उन दोनो को देख रहे थे |      इशान और उर्मी एक दूसरे को देखने लगे | तभी अजय गुस्से से उनके पास आ कर बोला,"" _ दादू ने...तुम दोनो से कुछ पूछा है ,बोलो क्यों हो तुम दोनो यहा ? "     इशान थोड़ा हकलाते हुए बोला,""_  बड़े पापा ,हम तो यहां...वह उर्मी के पेट में दर्द था तो मैं उसे यहां ले आया था , हैना उर्मी ? "      इशान मुड़ कर उर्मी को कुछ इशारा किया तो उर्मी आगे आ कर अजय से बोली,""_ हा डैड...मेरे पेट में दर्द था तो भाई मुझे यहा ले आए थे | "       अजय ने बस सर हिलाया फिर इशान से कहा ,""_ उर्मी को ले कर तुम घर जाओ हम आते है | "   इशान ने हा में सर हिला दिया | वही अजय,विनोद और आरव माया के वार्ड के अंदर चले गए | उर्मी उन तीनो को देखते हुए कहा ,""_ भाई यहां हो क्या रहा है ? "      इशान उर्मी को ले कर बाहर जाते हुएं बोला ,""_ पहले चलो यहा से ....? "   उर्मी इशान के पीछे पीछे जाने लगी | लेकिन तभी वह किसी से टकरा गई |     "   You idiot...... अंधी हो क्या ? " उर्मी पर चिल्लाते हुए वह लड़का उर्मी के करीब जाने को हुआ |   वही उर्मी टकराने से अपने बाजू को सहलाने लगी थी लेकिन जैसे ही उसकी नजर उस लड़के पर टिकी डर से उसका चेहरा ही पिला पड़ गया | वह जल्दी से इशान के पीछे छिपते हुए बोली,""_ भाई ...यह आदमी .....| "    वही सामने विराज मलहोत्रा खड़ा था | उर्मी को देखते ही उसके चेहरे पर बेहद शैतानी मुस्कान आ गया था | वह उर्मी को ऊपर से नीचे तक देखते हुए उसके चारों और घूमने को हुआ की इशान गुस्से से उसके सिने पर हाथ रख कर दूर धकेलते हुए चिल्लाया ,""_ विराज......!!!! "       विराज का चेहरा गुस्से से भर गया | वह चिल्लाते हुए आगे बढ़ने को हुआ की तभी एक नर्स आ कर बोली,""_ यह हॉस्पिटल है sir, जो भी करना है आह्ह्ह्ह्ह....!! "     नर्स उन्हे अभी आगे कह ही रही थी की विराज गुस्से से उसके गाल पर थप्पड़ झाड़ते हुए बोला,""_ बीच में आने किसने कहा था तुम्हे ? हा ? "   विराज इशान का गुस्सा उस नर्स पर डाल रहा था | वही इशान का जबड़ा कस गया था | वह गुस्से से विराज का कालर पकड़ कर चिल्लाते हुए बोला,""_ तुम....तुम तो अपने भाई से भी गिरे हो विराज....| "   बोलते हुए इशान जोर से विराज को मारने लगा | विराज भी कम नहीं था | वह भी पलट कर ईशान पर वार करने लगा | वही डर से उर्मी का हालत खराब हो गया था वह जल्दी से भाग कर माया के वार्ड में गई |   हवेली......         त्रिहांश राज्ञा की उंगलियो से खेलते हुए कुछ सोच रहा था | वह फिर अपना सर ऊपर कर राज्ञा को देखा... राज्ञा उसके बालो में उंगलियां फिराते हुए सो गई थी |        त्रिहांश उससे अलग हो कर ,थोडी देर बिना भाव के उसे देखा फिर उठ कर वाशरूम चला गया | त्रिहांश के जाते ही उसका फोन रिंग होने लगा, राज्ञा गहरी नींद में नही थी | फोन रिंग होते ही उसकी नींद खुल गई थी | वह उठ कर आस पास देखी , त्रिहांश वाशरूम में चला गया था |       राज्ञा फिर उसका फोन ले कर कॉल पिक करती तो उधर से समर ने कहा ,""_ बॉस ,माया राठौड़ को जिस हॉस्पिटल में एडमिट किया है उसी हॉस्पिटल में इशान और विराज मलहोत्रा की लड़ाई हो रहा है | "      इशान को किसी के साथ लड़ाई करता सुन राज्ञा एक दम से पैनिक करने लगी ,वह जल्दी से समर से बोली,""_इशान कैसा है ? आ आपने लड़ाई को रोका .......| "      राज्ञा अभी बोल ही रही थी की तभी त्रिहांश आ कर उसके हाथ से अपना फोन छीन लिया | राज्ञा अपना सर घुमा कर त्रिहांश को देखी,त्रिहांश उसे ही घूर कर देख रहा था | राज्ञा का इस तरह उसका कॉल पिक करना उसे बिलकुल अच्छा नही लगा था |     वही राज्ञा जल्दी से उसके करीब जा कर घबराहट भरी आवाज में बोली,""_ त्रिहांश....इशान किसी विराज मलहोत्रा से लड़ाई कर रहा है आ आप समर भाई से पूछीएन की इशान ठीक है या नही ? "    राज्ञा की बात सुन त्रिहांश ने फोन चेक किया | समर अभी भी कॉल पर था | यह देख उसने फोन को अपने कान के पास ले जा कर हेलो कहा तो उधर से समर ने सारी बात समझा दिया |     त्रिहांश कॉल काट कर राज्ञा को देखा, राज्ञा बेचैनी से उसे ही सवालिया निगाहों से देख रही थी | त्रिहांश उसके नाक टैप करते हुए बोला,""_ वह ठीक है राज्ञा,वैसे भी हॉस्पिटल के बाहर मेरे बॉडीगार्ड्स खड़े है उसे कुछ नही होगा | "   अब जा कर राज्ञा राहत भरी सांस लेते हुए उससे लिपटते हुए पूछी,""_वैसे माया राठोड़ को क्या हुआ है त्रिहांश ? उन्हे हॉस्पिटल में एडमिट क्यों किया है.....? "     त्रिहांश का जबड़ा कस गया था | वह गुस्से से बोला ,""_ फालतू बाते जानने की जरूरत नही है बीवी,जाओ जा कर रेस्ट करो | "     राज्ञा का मुंह बन गया था | वह पिल्ला जैसा चेहरा बना कर  त्रिहांश को देखी ,लेकिन त्रिहांश को उससे कोई फरक नही पड़ा | वह क्लोसेट रूम में चला गया | वही राज्ञा मुंह बनाते वापस बेड पर गिरते हुए बोली,""_विराज मलहोत्रा ? अब यह कोन है ? "         थोड़ी देर में ट्रिहंश उसके पास आया | राज्ञा उठने को हुई की तभी त्रिहांश उसे वापस लिटाते हुए बोला ,""_ रात को मेरा इंतजार मत करना | "    त्रिहांश इतना बोल कर बाहर जाने को हुआ लेकिन उसका मन राज्ञा को किस करने को हुआ तो वह हल्के से उसके होंठो को खींचते हुए किस किया फिर राज्ञा को देख अपना एक आईविंक करते हुए बाहर चला गया |     हॉस्पिटल......     इशान और विराज एक दूसरे पर अब तक भारी पड़ गए थे | ना इशान पीछे हट रहा था और नाही इशान.....वह दोनो एक  दूसरे को मारने लगे थे |    वही उर्मी जल्दी से माया के वार्ड में जा कर हाफटे हुए बोली,""_ डैड....!! वह आदमी....? "    उर्मी की बस इतना ही बोल पाई | वही उसका घबराहट से भरी हुई हालत देख कर अजय,विनोद ,आरव ,अर्यांश घबरा गए थे | अजय उर्मी से कुछ पूछता तभी अर्यांश उठ कर उर्मी के पास जाते हुए पूछा ,""_ उर्मी...क्या हुआ है तुम्हे ? तुम इतना डरी हुई क्यों लग रही हो ? "  आर्यंश कि सवाल सुन कर उर्मी की आंखे नम हो गए | विराज का औरा ,उसका देखने का नज़रिया सब उसे बीच एरिया में देख कर ही उसके दिल में डर सा पैदा हो गया था |     वही उर्मी डरते हुए अर्यांश से बोलि,""_ वह आदमी ...अर्यांश वह आदमी यहां भी आया हुआ है | "   उर्मी की बात अर्यांश को समझ नही आया था | वह ना समझी में उससे पूछा ,""_ क्या बोल रही हो तुम ? किस आदमी की बात कर रही हो ? "     उर्मी की आंखो से आंसू बहने लगे ,वह रोते हुए बोली,"" बीच एरिया में....वह आदमी मेरे साथ बदतमीजी की थी ना अर्यांश...वह बाहर इशान भाई के साथ लड़ रहा है | "   उर्मी की बात आर्यांश के अलावा किसी को समझ नही आया था ,वह सब जल्दी से वार्ड से बाहर चले गए |      वही इशान और विराज एक दूसरे पर बुरी तरह से वार कर रहें थे | दोनो को अब तक बहुत चोट आ गई थी लेकिन दोनो में से कोई भी हार मानने तयार नही थे | की तभी वहा त्रिहंह के बॉडीगार्ड्स आ कर विराज को इशान से अलग कर दिए |       इशान गुर्राते हुए अभी भी विराज को देख रहा था तभी वहा अजय ,विनोद ,आरव , सुधर्व और  अर्यांश आ गए | अजय इशान का हालत देख कर डांटने को हुए की उनकी नजर विराज पर गई |     विराज मलहोत्रा उन्हे मनाली में दिखेगा उनमें से किसी को नहीं लगा था | वही उर्मी , अर्यांश से बोली,""_ अर्यांश, उस दिन बीच एरिया में यही था ,इसी ने मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की थी | "     आर्यांश का जबड़ा सख्त हो गया | लेकिन वही अजय,विनोद , आरव और इशान हैरानी से उर्मी को देखने लगे थे | विनोद उर्मी की बाजू पकड़ कर चिल्लाते हुए बोली,""_ तुम्हारे साथ इतना सब हुआ और तुम हमे आज बता रही हो उर्मी  ?      उर्मी रोते हुए विनोद से बोलि,""_ दादू.....| "   चुप ....!!! " अजय गुस्से से चिल्लाते हुए चुप कराया फिर विराज को घूरते हुए उसके पास बढ़ने को हुआ की तभी उसकी नजर त्रिहांश पर गई |     त्रिहांश उनके थोड़ी दूरी पर खड़ा था और उसका औरा बेहद गुस्से से भरा था | उर्मी की बात सुन उसका खून खौल रहा था | उसे नही लगा था की देविका मल्होत्रा उसकी बहन पर नजर रखी है ?      त्रिहांश गुस्से से विराज को देखा ,विराज त्रिहांश के बॉडीगार्ड्स से खुद को छुड़वाने के लिए छटपटा रहा था | त्रिहांश अपने बॉडीगार्ड को कुछ इशारा किया तो वह लोग विराज को ले कर हॉस्पिटल से बाहर चले गए |       त्रिहांश फिर इशान को देखा ,इशान को बहुत जगह चोट आई थी और कही कही तो खून भी बहने लगा था | त्रिहांश उसके पास जा कर गुस्से में बोला ,""_ तुम्हे पता था न बाहर हमारे गार्ड्स है ? "    इशान धीमी आवाज में उसे जावब देते हुए कहा, ""_भाई,उर्मी उसे देख कर बुरी तरह डर रही थी और तो और वह उर्मी के करीब बढ़ रहा था,तो मैं उस पर हाथ उठाने से खुद को रोक नहीं पाया | "    इशान की बात सुन त्रिहांश ने अपना सर हिलाया फिर वह मुड़ कर उर्मी को देखा | विनोद और अजय का उस पर गुस्से से चिल्लाने से वह सहम कर खड़ी थी |        त्रिहांश उसके पास जा कर बेहद सख्ती से पूछा ,""_ क्या हुआ था उर्मी ? "      उर्मी रोते हुए धीरे से बीच एरिया में जो भी हुआ उसे बताई | त्रिहांश की हाथो की मुट्ठी बन गईं थी | वही उर्मी उसके गले लगते हुए बोली,""_ भाई... मैं...| "      त्रिहांश उसके बालो पर हाथ फेरते हुए बोला ,""_ just relax..... सब ठीक है | "      अजय गुस्से से त्रिहांश को ही देख रहा था | वह उर्मी को त्रिहांश से अलग कर वहा से ले जाते हुए धीमी आवाज में बोला ,""_ इन सबकी वजह सिर्फ तुम और तुम्हारी wife है त्रिहांश,अच्छा होगा अपनी इस दुश्मनी को अपने तक ही रखते | "      बोलते हुए अजय उर्मी को ले कर हॉस्पिटल से बाहर चला गया | वही विनोद और आरव भी उसके पीछे चले गए | त्रिहांश का औरा बेहद सख्त हो गया था | वह अपने बियर्ड पर हाथ फेरते हुए बोला,""_ विराज मलहोत्रा मनाली में क्या कर रहा है ? "       त्रिहांश माया के वार्ड में चला गया |  हवेली में .....     त्रिहांश के जाते ही राज्ञा वापस बेड पर गिर गई थी लेकिन उसे बार बार माया ही याद आ रही थी | राज्ञा बदनदाते हुए बोली,""_ सुबह तो माया राठोड़ ठीक थी ? फिर अचानक से ऐसा क्या हुआ जो इन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ा ? "     राज्ञा जितना माया के बारे में सोचती उतना बेचैन हो जाती | वह उठ कर रूम से बाहर चली गई |       क्या होगा आगे इस कहनी में ? जानने के लिए पढ़ते रहिए   Â