Chapter 51: chapter 51

Billionaire's Dark DesireWords: 29810

 अब आगे .....       सुबह के पांच बजे की आस पास त्रिहांश अपना सर ऊपर कर राज्ञा को देखा , राज्ञा पूरी तरह अब तक थक हार चुकी थी और वह अपनी अंधखुली आंखो से उसे ही देख रही थी | त्रिहांश झुक कर उसके माथे पर किस किया ,फिर उससे अलग हो कर लेट गया |    उसका पूरा शरीर पसीने से भीग चुका था | वह तेज तेज सांस लेते हुए राज्ञा को अपने बाहों में खींचते हुए कहा,""_ सो जाओ राज्ञा.....!! "   " अह्ह्ह्ह्ह....!! त्रिहांश का इस तरह खींचने से राज्ञा के मुंह से आह निकल गई | वह त्रिहांश को डांटते हुए बोली,""_ आ.... आप मुझे सोने की लायक ही कहा छोड़ा है त्रिहांश ? आपकी वजह से मेरे बदन में दर्द हो रहा है | "    बोलते हुए उस लड़की का गला बैठ गया | वही त्रिहांश उसे आराम से लिटा कर उसके ऊपर हल्के से झुकते हुए उसका बदन को सहलाने लगा | राज्ञा का चेहरा रोनी जैसा हो गया | वह सिहरते हुए त्रिहांश से कुछ कहती उससे पहले ही त्रिहांश सख्ती से बोला,""_ मैं कुछ नही कर रहा ,तुम सो जा | "  राज्ञा की आंखे छोटी हो गई | वह अब उसके पूरी बदन को सहलाते हुए कह रहा था की कुछ नही कर रहा है ? क्या मजाक है यह ? त्रिहांश एक गहरी सांस लेते हुए बोला,""_ तुम्हारे बदन में दर्द हो रहा है ना ? बस मसाज कर रहा हु अब सो जाओ | "    राज्ञा को ऐसे नींद नही आने वाला था | वह उसके हाथ पकड़ कर रोकते हुए बोली,""_ आ आप रहने दीजिए | "      राज्ञा की बात सुन त्रिहांश उसे आंखे दिखाते हुए हल्के से उसके कमर को दबाते हुए बोला,""_ अब सो रही हो या मैं फिर से शुरू कर दू ? "     " अअह्ह्ह्ह......!!! "  राज्ञा करहाते हुए अपने आंखे बंद कर लेट गई | उसे धीरे धीरे त्रिहांश का मसाज अच्छा भी लग रहा था | त्रिहांश एक टक उसका मुरझा हुआ सा चेहरा ही देख रहा था | वह जैसे ही नींद में चली गई, त्रिहंश भी उसे अपने बाहों में ले कर सो गया |   सुबह का वक्त.......       खिड़की से आ रही सूरज की किरणे आही के चेहरे पर गिर रही थी, जिससे वह चिढ़ते हुए इशान के सीने में अपना चेहरा छुपाने की कोशिश कर रही थी |       कल रात वह दोनो एक दूसरे को किस करते हुए एक दूसरे के बाहों में ही सो गए थे |   इशान तो कब का जाग गया था और वह चुपचाप अहीरा को देख रहा था जो उससे लिपट कर सो गई थी | अहीरा का चेहरा चिड़ा हुआ था ,एक तो उसके कुछ बाल उसके चेहरे पर गिरते हुए उसे तंग कर रहे थे और दूसरा सूरज की किरणे.....वह इरिटेट हो रही थी लेकिन इसमें बेहद क्यूट लग रही थी |    इशान को उस पर बहुत प्यार भी आ रहा था और उसे इतना चिड़ता देख मजा भी आ रहा था | आहिरा कसके शर्ट को पकड़ते हुए बोली,""_ मुझे घूरने से अच्छा जा कर विंडो क्लोज कर देते तो कितना अच्छा होता ? लेकिन आ आप....आपको तो कुछ कहना ही बेकार है ? "   इशान की आंखे छोटी हो गई | यह लड़की उसे नींद में ही ताना मार रही है ? इशान ने कहा,""_ अगर तुम्हे इतना ही चीड़ हो रहा है यहा तो जा कर अपने रूम में ही सो जाती ? यहां आ कर.......!! "      इशान ने इतना ही कहा था की अहीरा अपना चेहरा ऊपर कर उसे घूर कर देखने लगी | उसे गुस्से में देख इशान उसके गाल को छुने को हुआ की तभी अहीरा उसका हाथ झटका कर बेड से नीचे उतरते हुए बोली,""_ Fine.... जा रही हू मैं..और अब मैं वापस यहां आऊंगी भी नही देख लेना....| "   " आही.....!! " इशान उसे रोकने को हुआ की तभी आही उसे बेड पर धक्का दे कर बोली,""_ अपने इस बेड पर फैल कर सो जाइएगा....| "  इशान करहाते हुए उठ कर बैठते हुए बोला,""_ यह लड़की भी ना.....!!! "     इशान बोलते हुए वह वापस लेट गया |       त्रिहांश का रूम....             राज्ञा अभी भी सोई हुई थी | वही त्रिहांश अपने लैपटॉप में कुछ काम करते हुए बैठा था | तभी उसके फोन में कुछ नोटिफिकेशन के साउंड बजे ,वह फोन ले कर चेक करा | फिर एक नजर राज्ञा को देख बालकनी में चला गया |   वही नोटिफिकेशन के बीप साउंड सुन कर राज्ञा की नींद खुल गई,वह अपने आंखे मलते हुए धीरे से उठ कर बैठ गई | कल रात त्रिहांश उसके साथ ज्यादा ही wild था जिस वजह से उसका बदन पूरी तरह दर्द कर रहा था |            वह एक नजर बालकनी के तरफ़ देखी,फिर धीरे से खुद को ब्लैंकेट से कवर करते हुए उठ कर वाशरूम चली गई | थोड़ी देर में त्रिहांश रूम में आया,बेड खाली देख वह सीधे वाशरूम में घुस गया |      राज्ञा अभी ब्लैंकेट नीचे फेंक कर बाथटब में बैठ ही रही थी की तभी त्रिहांश उसे अपने तरफ खींच लिया |   "   अअह्ह्ह्ह त्रिहांश ....!! "      राज्ञा जा कर उसके सीने से लगी थी | वही त्रिहांश उसे अपने गोद में उठा कर आराम से बाथटब में लेटा कर उसके गाल सहलाते हुए बोला,""_ मैं कुछ काम से बाहर जा रहा हु,आने में देर होगा ......| "   " देर होगा...? मतलब कितना ? " त्रिहांश की बात को बीच में ही काटते हुए राज्ञा ने पूछा,तो त्रिहांश उसके चेहरे को अपने  करीब लाते हुए बोला,""_ बस दो दिन....!! "    " मैं भी आपके साथ ...!!! " राज्ञा आगे कुछ कहती उससे पहले ही अपना सर ना में हिलाते हुए बोला,""_ नही...तुम्हे मै नही ले जा सकता ,तुम यही रहो | "    अगर राज्ञा अग्निहोत्री मेंशन में होती तो वह रह लेती लेकिन उसे यहां कुछ ज्यादा ही अजीब लग रहा था जिस वजह से वह यहां रहना ही नही चाहती थी | वैसे भी वह बेसब्री से वाणी से मिलना चाहती थी क्यों की उसे किसी भी हालत में सच जानना था |      राज्ञा बेमन से अपना सर हा में हिलाते हुए बोली,""_ जल्दी आइएगा त्रिहांश,मुझे यहां ज्यादा ही अजीब लगता है | "     त्रिहांश अपना सर हा में हिलाते हुए उसके माथे पर किस किया फिर उठ कर वहा से बाहर चला गया | वही राज्ञा थोड़ी देर बाद नहा कर बाहर आई,त्रिहांश अभी भी रूम मे ही था | वह अपने बाल सेट करते हुए फोन पर किसी से बात कर रहा था |      वही राज्ञा उसके पास जा कर बोली,""_ मुझे कुछ पैसे चाहिए त्रिहांश ? "    त्रिहांश ना समझी में उसे देखते हुए पूछा,""_ क्यों...? तुम्हे कुछ चाहिए था ?    " इशा और उर्मी ने कहा है की वह घूमने जा रहे है ,मैं भी उनके साथ जा रही हू तो मुझे पैसे की जरूरत पड़ सकती है त्रिहांश , दिजिएना | " राज्ञा उससे लिपटते हुए बोली |    त्रिहांश हैरानी से राज्ञा को ही देख रहा था | आज से पहले राज्ञा उससे कभी पैसे नही मांगी थी और सबसे बड़ी बात तो इस तरह वह हक से कभी उससे कुछ मांगती भी नही थी | लेकिन त्रिहांश को अच्छा लग रहा था |    वह अपना कार्ड निकाल कर उसे देते हुए बोला,""_ ये लो......!! "     राज्ञा ने उसका कार्ड लिया और क्लोजेट रूम में जाने को मुड़ी की तभी त्रिहांश उसे अपने तरफ घुमा कर उसके गाल पर किस करते हुए बोला,""_ बदले में एक किस तो दे......|    त्रिहांश की आगे की बात उसके गले में ही अटकी रही | राज्ञा मुड़ कर उसके चेहरे को अपने हाथो में भर कर बिना रुके चूमने लगी थी | त्रिहांश एक टक उसे ही देख रहा था | उसके आंखे उसकी बेचैनी को बयां कर रहे थे और उसका किस भी कुछ बेचैनी जैसा ही था |      त्रिहांश उसके कमर को कसके पकड़ कर अपने करीब कर राज्ञा से कहा,""_ तुम परिशान क्यों लग रही हो ? क्या बात है राज्ञा ? "    राज्ञा अपना सर ना में हिलाते हुए उससे बोली,""_ कुछ नही...!! "    राज्ञा ने कह तो दिया लेकिन त्रिहांश को उसकी बात पर यकीन नही हुआ | वह थोड़ा सख्ती से पूछा,""_ मुझसे झूठ बोलना बेकार है राज्ञा चुपचाप बताओ ...अगर में अपने तरफ से पता करने लग गया ना तो तुम्हारे लिए बिलकुल अच्छा नही होगा |      त्रिहांश को इस तरह धमकी देता देख राज्ञा की आंखे छोटी हो गई | वह उसे घूरते हुए बोली,""_ कहा न मैने कुछ नही..., तो आप ऐसे जिद्द क्यों कर रहे है ? आपके जिद्द देख कर अब मुझे सच में कुछ झूठ बोलना पड़ेगा | "    त्रिहांश अजीब नजरो से उसे ही देख रहा था | वह एक गहरी सांस लेते हुए उसके गले लग कर उसके कान में बोला,""_ अगर कुछ नही तो अच्छी बात है राज्ञा,अगर कुछ होता तो.....| "   त्रिहांश अपनी बात को बीच में ही रोक कर उसके गाल पर किस किया फिर अपना फोन ले कर बाहर चला गया | वही राज्ञा का मुंह बन गया था | वह door के तरफ घूरते हुए बोली,""_ खडूस कही के....कभी इनकी मुंह से अच्छी बात नहीं निकलती | "  बोलते हुए राज्ञा की त्रिहांश के कार्ड को देखने लगी | अचानक से उसकी चेहरे पर शैतानी मुस्कान आ गई | वह कुछ सोचते हुए क्लोसेट रूम में चली गई |  उर्मी का रूम.......      उर्मी अपने बाल बना रही थी की तभी उसका रूम का door knock हुआ,यह देख उर्मी ने कहा,""_इशा..तुम कब से door knock करते हुए अंदर आने लग गई ? आ कर .....| "   बोलते बोलते राज्ञा चुप हो गई क्यों की उसकी नजर आर्यांश पर गई थी जो door पर टिक कर एक टक उसे ही ऊपर से नीचे तक देख रहा था |            उर्मी ने इस वक्त red कलर की क्रॉप टी शर्ट और जींस पहना था ,उसका पतला सा कमर उसमे अच्छे से रेवेल हो रहा था |  "  तुम.....ऐसे क्यों देख रहे हो मुझे..? " आर्यंश का इस तरह देखने से अजीब फील करते हुए उर्मी उससे पूछी , आर्यंश उसके बेहद करीब जाते हुए बोला,"_ तुम ऐसे बाहर जा रही हो ? "     उर्मी ने एक नजर खुद को देखी,फिर ना समझी में आर्यांश को देखने लगी | वही अर्यांश उसके बहुत करीब आ कर उसके  कमर को सेहलाते हुए उसे अपने आपसे चिपका लिया | अचानक से ऐसे खींचने उर्मी जा कर आर्यंश के सीने से जा लगी |    वह अपना चेहरा ऊपर कर अर्यांश को देखी, अर्यांश के होंठो उसके चेहरे के बेहद करीब थे | अर्यांश धीरे से मगर सख्ती से बोला,""_ तुम इस तरह बाहर जाओगी तो मेरा क्या होगा उर्मी .....? तुम ऐसे कपड़े पहन कर बाहर कैसे जा सकती हो ? "        उर्मी हैरानी से अर्यान्श को देखने लगी थी | वह धीरे से बोली,""_ क्या..क्या कह......."     उर्मी अभी कह ही रही थी की तभी आर्यंश ने उसके टॉप का हुक खोल दिया था | उर्मी की आंखे बड़ी हो गई,वह उसे कुछ कहती उससे पहले ही अर्यंश उसके दोनो हाथ को उसके पीठ को लगा कर उर्मी के गाल पर भारी भारी से चूमा,उर्मी की मुंह से ना चाहते हुए भी आहे निकल रही थी | वह इधर से उधर अपना चेहरा घुमाते हुए अर्यंशा का नाम,ली,""_ आर्यांश ...आप यह.....| "       अर्यांश उसे थोड़ा पीछे के तरफ झुका कर उसके गर्दन को चूमते हुए थोड़ा नीचे सरक कर उर्मी की सीने को चूमने लगा | उर्मी अपने होंठो को काटते हुए धीरे धीरे आहे भरने लगी,वही अर्यांश उसे घुमा कर उसके खुले कमर को सहलाते हुए उसके कंधे को चूमा,फिर उसके टॉप को थोड़ा सा उसके कंधे से सरकाते हुए किस करने लगा | उर्मी की सांसे उकड़ गए थे या यू कहे की अर्यांश की बोल्ड हरकत देख कर उर्मी कुछ बोलना ही भूल गई थी |।     आर्यन्श उसके होंठो पर किस करते हुए बिला,""_ आज के बाद तुम ऐसे reveling कपड़े नही पहनोगी उर्मी | "     उर्मी ना समझी में आर्यांश को देखने लगी की तभी आर्यन्श उसे होंठो पर किस करते हुए बोला,""_ तुम्हे इस तरह देखने हक सिर्फ मेरा है उर्मी,तुम इस तरह के कपड़े सिर्फ मेरे सामने ही पहनो | "  आर्यन्श बोलते हुए अपना चहरा उसके गर्दन में छुपा कर किस करने लगा | वही उर्मी को अर्यांश की बात थोड़ा अजीब लगा था लेकिन उसकी पोसेसिवे नेस उसे भी अच्छा लगा | वह धीरे से अर्यंश का चेहरा ऊपर कर उसके होंठो पर जोर से किस करते हुए उसके पूरे चेहरे पर अपने होंठ घुमाते हुए बोली,""_ i love you आर्यंश....I love you so much "    आर्यांश का पकड़ कर उर्मी के कमर में कस गया था | वह धीरे से उसे ले कर वही bed पर गिर गया | उर्मी अभी भी उसके होंठो पर टूट पड़ी थी |     वह उसे पगालों की तरह चूमते हुए अर्यांश के गालों को सहलाने लगी | आर्यांश के दोनो हाथ कभी उर्मी की कमर को सहलाते तो कभी उर्मी की पीठ और आगे पीछे घूमते हुए उसके होंठो आ जाता |    " उर्मी ....यह सब क्या हो रहा है ? " अचानक से उर्मी और आर्यंश की कान में किसी की गुस्सैल आवाज सुनाई दी तो वह दोनो हड़बड़ाते हुए एक दूसरे से अलग हो कर सामने देखने लगे |      अहीरा का रूम......       इशान के रूम से आ कर आहिर वापस से बेड पर गिर गई थी | देर रात तक वह इशान के साथ वक्त बिताई थी उसकी नींद पूरा ही नही हुआ था |      वह रूम में आते ही सारे विंडोज क्लोज कर खुद को पूरी तरह ब्लैंकेट से कवर कर सो गई थी |     तभी रूम का door खुला,और धीमी कदमों के साथ इशान रूम में आया | उसकी नज़र अपनी शैतान बिल्ली पर गई जो दुनिया से बेफिक्र हो कर सो गई थी |       अहीरा का छोटू सा चेहरा ही इस वक्त नींद में भी बेहद क्यूट लग रहा था | इशान धीरे से उसके करीब जा कर उसके करीब झुकने को हुआ की तभी अहीरा नींद में ही कसनसाते हुए करवट बदल कर सो गई | यह देख इशान अपना सर ना में हिलाते हुए धीरे से खुद ही ब्लैंकेट में घुस गया |     हाल में...     माया इस वक्त सोफे पर बैठी हुई थी | तभी उसका फोन बजने लगा ,माया ने फोन चेक किया कॉल इस वक्त देविका मल्होत्रा का था |       देविका का कॉल देख कर माया की आइब्रोज सिकुड़ गए | वह थोड़ी देर फोन के स्क्रीन को घूरती रही,फिर बड़बड़ाते हुए बोली,""_ यह मुझे क्यों कॉल कर रही है ? "   माया कुछ सोचते हुए देविका का कॉल पिक करती की तभी उसे किसी की शूज की आवाज सुनने लगी |वह अपना सर घुमा कर देखी, त्रिहांश अपने जेब ने दोनो हाथ रख कर सीढियों से उतरते हुए उसे ही देख रहा था | त्रिहांश के चेहरे पर कोई भाव नहीं था वह बिना एक्सप्रेशन के बस माया को देखते हुए उसके और बढ़ रहा था |       त्रिहांश को देख कर माया एक दम से ना खुश थी | गुस्से से उसकी हाथो की मुट्ठी बन गई थी | वही त्रिहांश उसके सामने जा कर थोड़ा चिंता भरी लहजे में पूछा,""_ अब आपकी तबीयत कैसी है सासु...मां...sssssss | "  त्रिहांश भले ही चिंता भरी लहजे में उससे पूछ रहा था लेकिन उसके चेहरे पर बेहद शैतानी मुस्कान बिखर गया था | वह झूठी कंसर्न दिखा रहा था जिसे माया अच्छे से समझ भी पा रही थी |        माया उसे इग्नोर कर अपना फोन चेक करती,देविका का कॉल लगादार अभी भी बज रहा था ,वही त्रिहांश की भी नजर उस पर ही टिका था ,उसका जबड़ा कस गया | उसे अच्छे से पता था देविका मलहोत्रा क्या चाहती है?       त्रिहांश गुस्से से वहा से जाने को हुआ की तभी उसे धीरांश की सख्त आवाज सुनाई दी,""_ उसे सब कुछ सच बतादो त्रिहांश.....| "    त्रिहांश की कदम रुक गए | वह मुड़ कर धीरांश को देखने  लगा | वही धीरांश,त्रिहांश के करीब आ कर बोला,""_ सच छुपाने छिपता नही .......| "   कोनसा सच ? कोनसा सच दादू ? उसे सब पता है लेकिन वह यह नहीं जानती है की उसका असली परिवार राठौड़ फैमिली है that's it | " धीरांश की बात को बीच में ही काटते हुए गुस्से से कहा |    आखिर सच क्या है इस कहानी का ? क्यों माया और त्रिहांश एक दूसरे को दुश्मन मान बैठे है ? क्यों माया को राज्ञा की इतना फिकर हो रही है ? राज्ञा के सामने सच का फर्दफाशा कब होगा ? जानने के लिए पढ़ते रहिए                        Â