Chapter 8: chapter 8

Billionaire's Dark DesireWords: 27543

           राज्ञा इस वक्त पैसेंजर सीट पर बैठी हुई थी | वही ड्राइविंग सीट पर बैठे हुए त्रिहांश अपना सीट बेल्ट लगा रहा था | वह फिर कार स्टार्ट करते हुए Ragya से बोला,""_ सीट बेल्ट पहनो..!!! "   Ragya ने एक नज़र उसे देखा फिर सीट बेल्ट पहना | उसका मुंह बन गया था | लेकिन उसने कुछ नही कहा |      वही त्रिहांश ने कार स्टार्ट कर दिया | Ragya को नही पता था की त्रिहांश उसे कहा ले जा रहा है और वह जानना भी चाहती थी लेकिन त्रिहांश कुछ भी बताए तब न ? वह इंसान उसके साथ जबरदस्ती कर रहा था लेकिन कुछ भी बताना या कहना जरूरी नही समझ रहा था |     करीब बीस मिनट बाद Ragya त्रिहांश के तरफ देखी | जो बिना भाव के खाली रोड को देखते हुए कार चला रहा था | Ragya बोली,""_ कहा ले जा रहे हो मुझे ? छोड़...!!! "     Ragya अपनी बात पूरा करती उससे पहले ही त्रिहांश बेहद गुस्से से उसे घूर कर देखने लगा तो Ragya अपने थूक निंगलते हुए उससे बोली,""_ मैं मैं यह कहना छा रही थी...!! "   " Just shut up...!! "  त्रिहांश गुस्से से चिल्लाया तो Ragya सहम कर अपना चेहरा नीचे कर ली उसकी आंखे अचानक से नम हो गए थे | उसकी जिंदगी में राशि के अलावा ऐसा कोई शक्स नही था जो उसके साथ प्यार से फेश आए वह सबके होते हुए भी अनाथ थी |        वही त्रिहांश उसे ही घूर रहा था अब उसे रोता देख उसकी दांत भींच गए वह जोर से स्टेरिंग पर मारते हुए बोला,""_ stop crying Ragya ,it's so irritating..!!! "     त्रिहांश का इस तरह चिल्लाने से Ragya का रोना बिलकुल बंद नहीं हुआ | वह रोते हुए बोली,""_ आप एक ही बार मेरे जान क्यो नही लेते त्रिहांश.. अह्ह्ह्ह्ह्ह..!! "    Ragya आगे कुछ भी कहती उससे पहले ही त्रिहांश ने जोर से ब्रेक लगाते हुए कार रोका तो Ragya का सर जा कर ग्लोबॉक्स से टकरा गया |       वही त्रिहांश को इसका बिलकुल उम्मीद नही था | वह गुस्से में इसका ध्यान ही नही रखा था की ragya को चोट भी लग सकती है |    Ragya की माथे से खून बहने लगा | वही त्रिहांश जल्दी से हड़बड़ाते हुए Ragya का चेहरा अपने तरफ घुमा कर बोला ,""_ ओह गॉड!!! मैंने ध्यान क्यों नहीं दिया ? "    Ragya रोते हुए त्रिहांश को देख रही थी जो टेंशन से उसके चोट पर हाथ रखा था ताकि वहा से खून ना बहे लेकिन Ragya को बहुत तेज दर्द हो रहा था | वह फिर उसका हाथ हटा कर अपने चोट पर हाथ रखते हुए बोली,""_ मैने जान लेने क्या कह दिया आपने तो जान ही लेने लग गए ? मेरे पास भले ही कोई अपना नहीं होगा ,जीने के लिए कोई उम्मीद नहीं होगा लेकिन में कोई कायर नहीं हूं जो अपना जान दू और किसी को लेने दू ,दूर रहे आप | "     Ragya अपने दुपट्टे से अपने चोट को ढकते हुए त्रिहांश से बोली तो त्रिहांश बिना कुछ कहे उसे ही देख रहा था | वह फिर कार से बाहर आ कर Ragya के तरफ से door open किया |    Ragya अजीबों गरीब की तरह अपने माथे को ढक रही थी जिससे उसका दर्द और खून बहना ज्यादा ही हो रहा था | वह दर्द से कराह भी रही थी और रो भी रही थी |       वही त्रिहांश गुस्से से बोला ,""_ चुपचाप बैठी रहो Ragya,वरना मैं..? "   अब इससे ज्यादा क्या बुरा कर सकते है आप ? सर तो फाड़ दिया मेरा ? " Ragya गुस्से से उस पर चिल्लाते हुए बोली तो त्रिहांश थोड़ी देर चुप रहा जब उससे उसका तड़पना,दर्द से करहना देखा नही गया तो वह उसके दोनो हाथ पकड़ कर बेहद धीमी मगर प्यार से बोला,""_ मैं करता हु न | "   उसकी इतनी मैग्नेटिक आवाज सुन कर Ragya उसे ही देखती रही | वह पिछले तीन साल से उस आदमी को जानती थी जो हमेशा एक निर्दई और बेरहम इंसान के तरह उसके साथ देश आता था लेकिन आज ? इस पल वह बहुत ही अलग लग रहा था |   Ragya ने मुंह बनाते हुए बोला,""_ मैने कहा ना नही..!! "     त्रिहांश का चेहरा बेहद सख्त और गुस्से से भरा | वह एक ही झटके में उसका दुप्पटा लिया फिर उसके दोनों हाथो को बांधते हुए बोला ,""_ चुपचाप बैठी रहो | "      बोलते हुए त्रिहांश उसके ऊपर ही झुक कर वही साइड में रखे हुए फर्स्ट aid box को उठाया फिर Ragya के चोट पर लगी हुई खून को साफ करने लगा | Ragya एक टक उसे ही देख रही थी वह पूछी,""_ आपने जानबूझ कर ऐसा किया ना ताकि मुझे इस तरह दर्द में तड़पना पड़े ? "       त्रिहांश रुक कर थोड़ी देर उसके आंखों में देखा फिर उसके चोट पर पट्टी करते हुए बोला ,""_ hmmm, नही अगर मुझे तुम्हे मारने का इरादा होता तो मैं सीधा ग्लोबोक्स में से गन ले कर तुम्हे शूट कर देता इस तरह का ड्रामा करने की जरूरत नही पड़ती | "    Ragya रोनी सी शक्ल बना कर थोड़ी देर उसे देखी फिर बड़बड़ाते हुए बोली,""_ कितने दुष्ट है आप .!! "      त्रिहांश ने उसे एक नजर देखा फिर अपना सर ना में हिलाते हुए उसके सर पर पट्टी किया फिर उसके गाल पर हाथ फेरते हुए बोला,""_ हम अभी हॉस्पिटल चलेंगे ठीक है ? "       Ragya उसका हाथ हटा कर सीधे हो कर बैठ गई | वही त्रिहांश door बंद कर ड्राइविंग सीट पर आने को हुआ तो वह रुक कर आस पास देखा अचानक से उसे अपने ऊपर किसी की नजर मेहसूस हुआ था | उसे ऐसे लगने लगा था की कोई उसका फॉलो कर रहा है | त्रिहांश फिर आ कर ड्राइविंग सीट पर बैठ गया |       Ragya उसे ही देख रही थी | वह पूछी ,""_ क्या हुआ ? यहां हमारे अलावा भी कोई है ? "  त्रिहांश ने उसे एक नजर देखा फिर बिना कुछ कहे कार स्टार्ट कर दिया | वही त्रिहांश को कोई जवाब ना देता देख Ragya का मुंह बन गया |      वह थोड़ी देर चुप बैठी फिर त्रिहांश को देखने लगी | त्रिहांश का पूरा ध्यान ड्राइविंग पर था | Ragya बोली,""_ मुझे कल interiew देने जाना है | "   त्रिहांश ने ना जवाब दिया और नाही Ragya के तरफ मुड़ कर देखा | वही Ragya ने थोड़ी देर उसका जवाब का इंतजार किया जब त्रिहांश को कुछ भी ना बोलता देखा तो वह धीरे से उसके तरफ मुड़ कर बोली,""_ देखो मुझे किसी की बोझ बन कर नहीं रहना है ,मैं अगर कल interiew देने गई तो मुझे जॉब मिलेगा और मैं उसी पैसे से एक रूम rent में ले कर रह लूंगी | "       त्रिहांश ने अब भी कुछ नही कहा | वही Ragya उसे ही देखने लगी थी उसे देखी उसे ऐसा लग रहा था की त्रिहांश उसकी कोई भी बात सुन ही नही रहा है तो वह चुप हो कर विंडो के बाहर देखने लगी |    वही त्रिहांश उसे एक नजर देखा फिर कार का speed बढ़ाते हुए बोला ,""_ तुम्हे किसने कहा की तुम किसी की बोझ बन कर रह रही हो ? हां ? "   " तुम नही समझोगे छोड़ो...!! " Ragya बिना उसके तरफ देखे ही बोले ही तो त्रिहांश थोड़ी देर Ragya का चेहरा देखा फिर हंसने लगा | Ragya बहुत उदास चेहरा बनाई थी लेकिन वह बहुत फनी लग रही थी |      त्रिहांश को हंसता देख Ragya उसे घूर कर देखने लगी | वही त्रिहांश उसका नाक पिंच करते हुए बोला,""_ you are so funny | "    Ragya की बाहें तन गए वह रोनी सी शक्ल बना कर बोली,""_ तुम....!!! "   वह खुद ही चुप हो कर बाहर की तरफ देखने लगी | की तभी उसे मेहसूस हुआ की त्रिहांश उसके हाथो में अपना हाथ फसा रहा है |     Ragya फिर उसका हाथ झटकाने की कोशिश करते हुए उसे देखने लगी तो त्रिहांश बोला ,""_तुम्हे क्या दिक्कत है मेरे घर में रहने ? "   " मेरा रहना वहा किसी को पसंद नही ,आपके घर में बिलकुल वैसा ही हाल है जैसे मेरे घर में था ,मुझे नहीं रहना है वहा " Ragya उदासी से बोली तो त्रिहांश कार को ऑटोमैटिक मोड़ में डाल कर Ragya को देखने लगा| फिर वह गुस्से से पूछा,""_ तुम्हारे घर का हाल कैसा रहता था मुझे नहीं पता और रही बात मेरे घर का हालत का ? तो तुम्हे उससे फरक नही पड़ना चाहिए जब तक में चाहता हु तब तक तुम्हे वही रहना है | "   Ragya थोड़ी देर उस बेरहम इंसान की आंखो मे देखी फिर बिना कुछ कहे विंडो से बाहर देखने लगी | त्रिहांश को कुछ भी कहना ही बेकार ही था |        वही त्रिहांश उसे ही देख रहा था | वह फिर कार ड्राइव करने लगा |   थोड़ी ही देर में त्रिहांश का कार आ कर हॉस्पिटल के सामने रुक गई | त्रिहांश कार से बाहर आया फिर Ragya के तरफ से door open कर Ragya का हाथ पकड़ा | Ragya ने उसे एक नजर देखा फिर उसे ले कर अंदर जाने को हुआ तो वह अचानक से रुक गया | उसका चेहरा एक दम से सख्त और गुस्से से भर गया था |        वही Ragya उसे ही दर्द से करहाते हुए देख रही थी क्यों की गुस्से से त्रिहांश ने बेहद सख्ती से Ragya का हाथ पकड़ा था | वह उसे कुछ कहती अचानक से उसकी आंखे हैरानी से चौड़ी हो गई उसकी नज़र दूर से खड़े एक आदमी पर गई थी जो गन तान कर खड़ा था | Ragya फिर घबराहट से त्रिहांश को देखती | त्रिहांश गुस्से से दूसरी ओर देख रहा था |      Ragya फिर हैरानी से दूसरी ओर देखने लगी तो वह चिल्लाते हुए त्रिहांश को अपने पीछे करती तो उसके हाथ में गोली लग गई |    "  त्रिहांश.......!!!    अअह्ह्ह्ह्ह...!! "    अचानक से ऐसा होने से त्रिहांश कुछ समझ पाता Ragya दर्द से करहाते हुए नीचे बैठ गई | वही त्रिहांश जल्दी से अपने गन ले कर उस तरफ शूट करने लगा जहा से एक आदमी जो ब्लैक आउटफिट में था और वह इस वक्त बाइक से फरार होते हुए नजर आया | त्रिहांश जल्दी से उस बाइक का नंबर देखता तभी उसके ही बॉडीगार्ड्स आ कर उसे घेर लिया |      त्रिहांश के बॉडीगार्ड्स इस वक्त त्रिहांश के CAR के थोड़ी दूरी पर थे | जैसे ही गन शूट हुआ तो सारे आ कर त्रिहांश को घेर लिया था | वही यह सब देख त्रिहांश का गुस्सा बढ़ गया था |    वह गुस्से से चिल्लाता तो उसकि नजर ragya पर गई जो रोते हुए अपना हाथ पकड़ी हुई थी | त्रिहांश जल्दी से उसे अपने गोद में उठा कर गार्ड्स को घूरते हुए चिल्लाया ,""_ move....!! "  करीब बीस मिनट बाद .....     त्रिहांश गुस्से से Ragya को देखने लगा था जो इस वक्त बेड पर बैठी हुई थी | त्रिहांश बोला,""_ क्या जरूरत थी तुम्हे बीच में आने की ? हा ? "     " अगर नही आती तो वह गोली आपको लग जाती | " Ragya धीमी आवाज में त्रिहांश से बोली तो त्रिहांश की दांत भींच गए | वही त्रिहांश गुस्से से बोला,""_ मुझे कुछ भी हो जाए उससे तुम्हे फरक नही पड़ना चाहिए Ragya..!! "     Ragya त्रिहांश की बात खतम होते ही जल्दी से बोली,""_  मुझे बिलकुल फरक नही पड़ता आपसे ,लेकिन मैं यह कभी नहीं चाहती की मेरी वजह से किसी को भी चोट लगे चाहे वह मेरे दुश्मन ही क्यों ना हो ? "      त्रिहांश की आइब्रोज सिकुड़ गए | वह बोला,""_ तुम्हारी वजह से ...? "   Ragya बस हा में सर हिलाते हुए बोली,""_ वह आदमी मुझे ही शूट करने वाला था लेकिन आप बीच में खड़े थे तो....?? "   Ragya अपनी बात को बीच में ही रोक कर रोनी शकल बना कर उसे देखने लगी | वही त्रिहांश का चेहरा गुस्से से तपने लगा था | उसे लगा था की वह उसके दुश्मन है उसे मारना चाहते है लेकिन नही ? यह उसकी जरूरत Ragya पर हमला हुआ था जो उसके बरदाश्त से बाहर था |       वह Ragya से गुस्से से पूछा ,""_  उस आदमी को तुम जानती हो ? वह तुम्हे क्यों मारना चाहता है ?"    Ragya अपना सर ना में हिलाते हुए बोली,""_ नही मैं नही जानती लेकिन पिछले एक मंथ से वह आदमी मेरा पीछा कर रहा है कही बार उसने ऐसे ही शूट भी किया है लेकिन मैं बच कर निकल जाती थी लेकिन इस बार आपकी वजह से में आज भाग नही पाई | "  Ragya की बात सुन त्रिहांश हैरानी से उसे ही देखने लगा था उसे तो समझ ही नही आया था की Ragya बोल क्या रही है ?   तभी त्रिहांश का असिस्टेंट समर आ कर बोला,""_ बॉस डॉक्टर से बात हुई है , ma'am को discharge भी मिला है | "   त्रिहांश Ragya को देखते हुए हा में सर हिलाया तो समर वहा से चला गया | वही Ragya अपना सर नीचे कर कुछ सोच रही थी | उसकी चेहरे हर अजीबों गरीबों एक्सप्रेशन नजर आ रहे थे | लेकिन वह ज्यादा डरी हुई भी लग रही थी |    त्रिहांश उसे देखते हुए ही अपने गोद में उठा कर हॉस्पिटल से बाहर निकल गया | Ragya उसे ही बेहद करीब से देख रही थी | उस आदमी का चेहरा इस वक्त उसके चेहरे के बेहद परफेक्ट था | Ragya चाह कर भी उससे नजरे नही हटा पा रही थी | वही त्रिहांश का पूरा ध्यान सामने था |लेकिन उसे Ragya की नजरे अपने चेहरे पर मेहसूस हो रहे थे |     समर उसके कार के पास ही खड़ा था | वह जल्दी से कार का door open करा तो त्रिहांश Ragya को बैठा कर उसे देखते हुए सीट बेल्ट लगाने लगा | Ragya उसे ही निहारे जा रही थी |       त्रिहांश की चेहरे पर कोई भाव नहीं था लेकिन उसके आंखे हल्के से लाल रंगत में बदल रहे थे | वह बिना कुछ कहे जोर से door close किया तो Ragya अपने होश में आ कर इधर उधर देखने लगी |    वही त्रिहांश ड्राइविंग सीट पर आ कर बैठ गया | Ragya को थोड़ा uncompertable फील हो रहा था उसे बिलकुल पता ना चला था की वह त्रिहांश को ऐसे क्यों देख रही थी ?         त्रिहांश ड्राइविंग सीट पर बैठ कर अपना सीट बेल्ट पहनते हुए Ragya को देख रहा था | फिर वह एक ही झटके में अपने तरफ खींच कर बेहद सख्ती से बोला,""_ मुझसे दिल लगाने की गलती मत करना Ragya ,तुम मेरी जरूरत हो जरूरी नही समझी | "    Ragya एक टक त्रिहांश को देख रही थी | वह अपने हाथ उससे छुड़वाने की कोशिश करते हुए बोली,""_ मुझे अच्छे से पता है की मैं किसके लिए क्या हु? कब तक हू? आपको बताने की जरूरत नहीं है | "   Ragya गुस्से से उससे अपना हाथ छुड़वा लेती है | त्रिहांश की बात बुरा लगने वाली ही थी लेकिन Ragya को बुरा नही लगा था क्यों की उसके दिल में त्रिहांश के लिए कोई फीलिंग नही थी |    Ragya फिर विंडो से बाहर देखने लगी | वही त्रिहांश बिना भाव के बस ragya को देख रहा था | अचानक से उसके चेहरे पर टेढ़ी स्माइल आ गई | वह धीरे से Ragya के ऊपर झुक कर उसके गर्दन में अपना चेहरा छुपा लेता है तो Ragya की आंखे कसके बंद हो गए |   वही त्रिहांश उसके गर्दन में अपने नाक रगड़ते हुए उसे किस करने लगा | Ragya चुपचाप अपने में ही सिमट कर बैठी थी | वही त्रिहांश उसके कान के इयरलोब पर किस कर हल्के से बाइट कर देता है तो Ragya की मुंह से आह निकली | वही त्रिहांश उसके होंठ रब करते हुए उसके गाल तक आ गया | Ragya हल्के हल्के से सिहर रही थी |   क्या मोड़ लेगी कहानी जानने के लिए पढ़िए ,     Â