Chapter 9: chapter 9

Billionaire's Dark DesireWords: 12428

     कार में ......      Ragya सिहरते हुए त्रिहांश को देख रही थी | वही त्रिहांश अजीब तरह से Ragya को टच करते हुए उसके ऊपर झुका हुआ था | दोनो की सांसे एक दूसरे के सांसों में गुल रहे थे लेकिन दिल ...? ना Raagya त्रिहांश को चाहती थी और नाही त्रिहांश Ragya को ? दोनो ही अपने ही मजबूरी के आगे झुक कर एक दूसरे के बेहद करीब आ गए थे |     Ragya की जिस्म को छूना उसकी desire है तो Ragya की कुछ ऐसे राज थे जो त्रिहांश अंजान नही था | त्रिहांश उसका यहा बस Ragya का फायदा उठाते हुए अपना desire पूरा कर रहा था या यू कहे की कुछ ऐसा था जो इस तरह Ragya का जिस्म को छुने का उसका desire का यह दूसरा पहलू था |       जी भर कर Ragya को चूमने के बाद त्रिहांश धीरे से उससे अलग हुआ तो Ragya खुद को ठीक करते हुए बाहर की तरफ देखने लगी | वही त्रिहांश की नजर अभी भी उस पर ही टिका था | वह एक नजर उसके हाथ को देखा जहा बैंडेज किया गया था |     त्रिहांश फिर कार स्टार्ट कर दिया |             Airport में.......        अर्यांश इस वक्त अपने घड़ी में टाइम देखते हुए आइरा का wait कर रहा था | तभी उसका फोन रिंग होने लगा तो उसने अपना फोन निकाला और चेक किया | कॉल उसकी मां माया का था |      अर्यांश जल्दी से कॉल पीक करने को हुआ की किसी ने उसके कंधे को थपथपाया तो वह मुड़ कर देखने लगा | सामने इस वक्त एक लड़की जो बहुत सी लगेजो के साथ खड़ी थी | आर्यांश उसे सवालिया नजरों से देखने लगा तो वह लड़की बोली,""_ एयरपोर्ट तुम्हारा बाप का है ? "  Excuse me ..? " अर्यांश गुस्से से सवाल दौराया तो वह लड़की गुस्से से बोली,""_ हटो ना इस तरह बीचों बीच रुकने से लोग कैसे जाएंगे ? इतना भी सेंस नही आपको ..? "   वह लड़की कोई और नहीं उर्मी अग्निहोत्री थी | उसके हाथ में इस वक्त बहुत सी लगेज थे | उसे वहा अपना ना ड्राइवर नजर आ रहा था और नाही उसके घरवाले तो उसका दिमाग हिल गया था | और ऊपर से अर्यांश इस वक्त रास्ते पर ही खड़ा था तो उर्मी ज्यादा ही गुस्से में थी |     अर्याश को भी गुस्सा आया था क्यों की उर्मी ने बदतमीजी से सवाल जो किया था | वह बोला,""_ कितनी बदतमीज हो तुम ? "   " जितना तुम सोच नही सकते | " उर्मी गुस्से से उसे जवाब देती है तो आर्यांश का चेहरा गुस्से से भर गया | वह गुस्से से उसके बाजू पकड़ कर खींचता तो उर्मी के हाथ से लगेज गिर गए उसके पैर पर गिर गए तो उसके मुंह से दर्द भरी चिक निकल गई |      अअह्ह्ह्ह....!! "  उर्मी को दर्द में चिकता देख अर्यांश हड़बड़ा गया वह जल्दी से लगेज हटा कर उसके पैर को देखते हुए बोला,""_ sorry sorry क्या तुम्हे जायदा लग गईं ? "       उर्मी की आंखे दर्द से भींच गए थे क्यों की एक साथ उसके पैर पर दो तीन लगेज गिरे थे जिससे उसे ज्यादा दर्द मेहसूस हो रहा था | वही आर्यांश जल्दी से बोला,""_ लगता है तुम्हे ज्यादा दर्द हो रहा है ? चलो हम हॉस्पिटल चलते है ? "   अर्यांश अपने गोद में उठाने को हुआ तो उर्मी गुस्से से बोली,""_ कोन हो तुम ? क्यों तंग कर रहे हो ? देखो तुम्हारी वजह से मुझे कैसे चोट लगी है ? "    उर्मी गुस्से से चिल्लाते हुए रो रही थी | वही आर्यांश आस पास देखा सब उन दोनो को ही देख रहे थे | वैसे उसे इससे कोई फर्क नही पड़ता था वह दूर से खड़े हुए अपने ड्राइवर को इशारा किया तो वह ड्राइवर आया |     इस लड़की का लगेज उठा कर कार में रखो और आईरा भी आती होगी तुम उसे ले कर घर जाओ | " आर्यंश ड्राइवर को इतना बोल कर उर्मी के पास गया जो उसे कुछ भी सुनाते हुए पैर पकड़ कर बैठी थी |      आर्यांश ने उसे एक नजर देखा फिर उसे अपने गोद में उठा कर एयरपोर्ट से बाहर चला गया |    वही उसके जाते ही आर्यंश की ड्राइवर उर्मी की सारे बैग्स ले कर वहा से चला गया |   करीब दस मिनट बाद इशान वहा पहुंचा | इशान पूरे दस मिनट लेट था क्यों की उसे उर्मी का इंडिया आना याद ही नही था |   इशान अपने नजरे इधर उधर दौड़ा कर उर्मी को ढूंढ ही रहा था की उसकी नज़र आईरा पर गई | अइरा इस वक्त अपने चेहरे पर गिरे हुए बालों को अपने कान के पीछे सरकाते हुए आगे आ रही थी | उसने इस वक्त ब्लैक आउटपिक्ट पहना था जो बेहद शॉर्ट और रिवीलिंग था |       इशान अपनी जगह में रुक कर एक तक आईरा को आते हुए देख रहा था | airaa को देखते ही उसके चेहरे के हाव भाव बदल गए थे लेकिन वह जल्दी से अपने आप को ठीक किया अपने नजर को इधर-उधर दौड़ने लगा |    Aira भी इस वक्त इधर-उधर आर्यांश को ढूंढते हुए आ रही थी उसे पता था कि उसे लेने उसके भाई आया होगा लेकिन उसे ना आर्यंस नजर आ रहा था और ना ही उसका कोई ड्राइवर लेकिन aira को अपने चेहरे पर किसी की गहरी नजरे महसूस हो रही थी तो वह रुक कर ध्यान से आसपास देखने लगी तो उसकी नजर ईशान पर गई जो उसके देखते ही उससे नजरे हटाकर इधर-उधर देखते हुए जल्दी से उसकी आंखों के सामने से हट गया | ईशान का इस तरह देखना आईर को थोड़ा अजीब लगा | वह थोड़ी देर उस आदमी को देखी जो उससे नज़रें हटाकर इधर-उधर किसी को ढूंढ रहा था | aira उसे पहली बार देख रही थी लेकिन अजीब सा उसे मेहसूस जरूर से हो रहा था | जल्दी से वह अपना सर झटक कर आर्यांश को ढूंढने लगी तो उसे अपना ड्राइवर नजर आया जो उसके ही तरफ आते हुए उसके हाथ में से लगेज लेना चाह रहा था |     ड्राइवर को देखकर आयर अपने लगेज उसके हाथ में देते हुए पूछी ,""_ भाई कहां है?   Aira के सवाल सुनकर ड्राइवर थोड़ी देर पहले आर्यांश और उर्मी के बीच जो कुछ भी हुआ वह सब कुछ बताते हुए आगे जाने लगा | वही aira वह सब कुछ सुनते हुए उसके पीछे जा रही थी लेकिन बार-बार उसकी नजर ईशान पर जा रही थी क्योंकि इशान उसे वापस बिना अपने पलके झपकाए देखे जा रहा था    Airaa बार बार मुड़ते हुए इशान को देखते हुए ही बाहर चली गई | वही इशान अपने बालो पर उंगलियां फिराते बोला,""_ यह लड़की...? जब से देखा हु तब से नींद खराब कर रखी ही आज सामने भी आ गई |"   भले ही आईरा पहली बार इशान को देख रही थी लेकिन इशान का ऐसा नहीं था |  दूसरी तरफ.....      त्रिहांश का कार इस वक्त हवा को चीरते हुए आगे बढ़ रही थी |` वही पेसेंजर सीट पर बैठी हुई RAGYA कब का नींद में चली गई थी    To be continued...