Chapter 46 of 81

chapter 46

Love With My Beast Husband2,744 words~14 min read

अब आगे .......खुराना एंटरप्राइजेज....,          सर्वाक्ष अपने चेहरे पर एक दम ब्लैंक एक्सप्रेशन लिए दूर तक अपने नज़रे गड़ाए एक दम खामोश खड़ा था l और उसके आस पास इस वक्त सिगरेट का धुंआ उड़ रहा था l वह इस वक्त सिगरेट का कश लेते हुए अपने आपको शांत करने की कोशिश कर रहा था l    तभी उसे मेहसूस हुआ की उसकी बीवी की कदम उसके तरफ बढ़ रहे है l  सर्वाक्ष कसके अपने आंखे भींच कर सिगरेट को नीचे फेंका ,फिर अपने शू के नीचे दबा कर उसे बुझा दिया l      वही रात्रि अपने दोनो हाथो को आपस में ही उलझा कर अजीब तरह से रब करते हुए उसके करीब आ गई थी l उसे समझ नही आ रहा था की सर्वाक्ष को अब मनाए भी तो कैसे मनाए ?          वह धीरे से अपने एक हाथ आगे बढ़ा कर सर्वाक्ष के हाथ में उलझाती तभी सर्वाक्ष अपने दोनो हाथ फोल्ड कर ऐसे खड़ा रहा जैसे उसे पता ही नही है की उसके पीछे उसकी बीवी आ खड़ी है l   रात्रि के हाथ अब हवा में ही रह गया था l वह एक नजर अपने खाली हाथ को देखी , फिर थोड़ा झुक कर सर्वक्ष के चेहरे को देखी.....,सर्वक्ष इस वक्त अपने चेहरे पर बिना कोई भाव लिए ही खड़ा था ,लेकिन रात्रि को समझ आ गया था कि वह उससे बहुत नाराज हो गया है l      भले ही सर्वक्ष रात्रि के तरफ देख तक नहीं रहा था ,लेकिन उस बेरहम  इंसान का पूरा ध्यान रात्रि पर ही था l वह बिना रात्रि के नजरों में आए ही रात्रि को नोटिस कर रहा था l   तभी रात्रि धीमी आवाज में उससे बोली,""_ अक्ष मैं वह.....? "   रात्रि ने इतना ही कहा था कि तभी सर्वक्ष मुड़ कर अपने चेयर के पास जाते हुए बेहद कोल्ड वाइस में कहा,""_ come in....!!! "       रात्रि हैंरानी से सर्वक्ष को देख रही थी,क्यों की उसे समझ नहीं आया था कि सर्वाक्ष come in किसे कह रहा है ? और कैबिन का डोर भी नॉक नही हुआ था l वह उसके पास जा कर उसे पूछती तभी कैबिन का डोर खुल गया l     रात्रि रुक कर डोर की तरफ देखी तो अचानक से उसकी आंखे छोटी हो गई l कैबिन के अंदर इस वक्त सेजल आ रही थी l      रात्रि फिर सर्वाक्ष को हैरानी से मगर शक भरी नजरो से देखने लगी l सर्वाक्ष को यह कैसे पता चला की सेजल अंदर आ रही है ? क्यों की सेजल तो डोर नॉक ही नही किया था ? कही ऐसा तो नहीं की सर्वाक्ष सेजल की दिल की बात जानने लगा है ? उसके आस पास रहने का मेहसूस करने लगा है ?    वही केबिन के अंदर आई हुई सेजल की नजर सिर्फ सर्वक्ष पर टिकी थी l     सर्वाक्ष को देख उसके होठों पर प्यारी सी मुस्कान भी बिखरा हुआ था l वह सीधे सर्वक्ष के पास जा कर उसे एक फाइल पास करते हुए बोली,""_ बॉस.....,मिस्टर शर्मा का नया प्रोजेक्ट है ,और पिछले कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग का उन्होंने कंप्लीट डिटेल भी इसी फाइल में  दिया है l "  सर्वक्ष अपने रिवाल्विंग चेयर को इधर-उधर घूमाते हुए सेजल को ही देख रहा था l लेकिन उसकी नज़रें बार-बार रात्रि पर भी टिक रही थी l क्योंकि वह लड़की सेजल को देख पूरी तरह चिड़ी हुई लग रही थी l     वह खड़े खड़े गुस्से से कभी सर्वाक्ष को घूर रही थी तो कभी सेजल को ,वही सर्वाक्ष को अच्छे से पता था की रात्रि इतना गुस्से में क्यों आ गई है ? रात्रि को सेजल बिलकुल पसंद नही थी और वह सेजल को सर्वाक्ष के आस पास देख  ज्यादा ही इनसिक्योर फील भी करती थी l   सर्वाक्ष ने पहले ही रात्रि इग्नोर कर दिया था l वह उससे नज़रे हटा कर सेजल के हाथ से फाइल ले कर पढ़ने लगा l    वही सेजल को देख कर रात्रि के हाथों की आपस में ही मुट्ठी बन गई थी l वह  गुस्से से जा कर सोफे पर बैठ कर सेजल को घूरने लगी l     सेजल की नजर तो अभी तक रात्रि पर गया ही नहीं था l वह एक टक बस सर्वाक्ष को निहारने में ही बिजी थी l   सेजल बिना अपने पलके झपकाए  बस सर्वाक्ष के हैंडसम सा चेहरा देख रही थी l वह फिर अपने मन में बोली,""_ आज मन कर रहा है कि मैं इन्हें अपने दिल के हाल बता ही दू....,वैसे भी वह लड़की आज कही दिख ही नही , उस लड़की की वजह से मै इन्हे अपने दिल की बात बताई नही पाती, आज बता देती हु l "    सेजल रात्रि के बारे में ही सोचते हुए यह सब अपने मन में कह रही थी ,क्यों की वह रात्रि को सर्वाक्ष के आस पास कही बार देखी थी और उसने यह भी नोटिस किया था की सर्वाक्ष रात्रि का केयर भी करता है l और आज कल ऑफिस में रूमर भी था की सर्वाक्ष और रात्रि के बीच कुछ तो रिश्ता हे ही l इसीलिए सेजल को लग रहा था की उसे अब और देर नही करना चाहिए l   सेजल अपने आंखे कसके बंद कर  गहरी सांस लेते हुए पहले खुद को शांत की फिर हिम्मत जुटाते हुए सर्वक्ष को देख धीमी मगर लड़खड़ाती आवाज में बोली,""_ बॉ.....बॉस....? "  Mmmmm...? " सर्वाक्ष बिना उसके तरफ देखे ही बस इतना गुनगुनाया l सेजल पूरी तरह नर्वस हो गई थी l वह आपस में ही अपने हाथ रब करते हुए अपने मन में बोली,""_ अगर मेरा कन्फेशन सुन बॉस गुस्सा तो नही होंगे ? "    सेजल बिना कुछ कहे बस डरते हुए सर्वाक्ष को देखने लगी l सेजल को कुछ ना बोलता देख सर्वाक्ष अपना सर ऊपर कर सेजल को देखा , सेजल पूरी तरह नर्वस लग रही थी ,उसके चेहरे पर इस वक्त घबराहट से भरी मुस्कान कुछ पल ठहरता तो कभी गायब हो जाता l वह अजीब तरह के हरकत करते हुए अपने घबराहट को कम करने बार बार अपने हाथो को आपस में ही उलझा कर रब भी कर रही थी l    सर्वाक्ष को उसकी हरकत बिलकुल समझ नही आया था l वह उससे पूछा ,""_ what happened Sejal ? "    रात्रि भी सेजल को ही नोटिस कर रही थी l वही सर्वाक्ष की सवाल सुन थोड़ी देर चुप रही ,फिर वह धीरे से बोली,""_ I love You...!! "     सर्वक्ष ने जैसे ही सेजल के मुंह से यह तीन शब्द सुना उसके हाथ से फाइल और पेन दोनों ही छूटते छूटते रह गए l वह अपने थूक निंगलते हुए रात्रि को टेढ़ी नज़रों से देखने लगा l      रात्रि तो अपने जगह में ही जम गई थी l वह सेजल को देख बहुत ही इनसिक्योर फील कर रही थी लेकिन उस लड़की ने सर्वाक्ष को आज वही कह दिया था जिसका डर रात्रि को था l रात्रि को अच्छे से याद था की सेजल पिछले जन्म में सर्वक्ष को दिलो जान से चाहती थी, लेकिन उस वक्त सर्वाक्ष ने उससे यही कहा था कि वह रात्रि से प्यार करता है ,उसे चाहता है l     सेजल को इस तरह अपने प्यार का इजहार करता देख रात्रि का खून खौल रहा था l  पिछले जन्म में जब सेजल सर्वाक्ष से अपने प्यार का इजहार किया था ,तब भी रात्रि ऐसे ही सर्वाक्ष और सेजल के पास ही खड़ी थी l लेकिन उस वक्त उसे ना सेजल का इजहार से फरक पड़ा था और नाही सर्वाक्ष की बातो से ....,क्योंकि तब वह सर्वाक्ष को चाहना तो दूर उससे बेइंतः नफरत करते हुए जहरली बातें सुनाती थी l     लेकिन इस जन्म में ऐसा कुछ नहीं था l रात्रि वह अपने गलती को सुधार रही थी और वह सर्वाक्ष को दिलो जान से चाहते हुए उससे प्यार करती थी l वह अपनी जान दे सकती थी लेकिन उसको किसी और के होते हुए देख नहीं सकती थी l वही सेजल एक टक सर्वाक्ष को देखते हुए उसके जवाब का इंतजार कर रही थी l वही सर्वाक्ष का ध्यान पूरी तरह सिर्फ रात्रि पर था ,वह जल्दी से सेजल को कुछ कहने को हुआ ,""_ सेजल तुम...? "   सेजल सर्वाक्ष के मुंह से ना नही सुनना चाहती थी l वह जल्दी से उसकी बात को बीच में ही रोकते हुए बोली,""_ बॉस...., आप जितना टाइम चाहे उतना ले सकते हैं,लेकिन प्लीज मेरे इस प्रपोजल को रिजेक्ट मत करिएगा....,, मैं..मैं आपको दिलो जान से चाहती हूं .....,मैं....., मैं आपको बात नहीं सकती कि मैं आपसे कितना प्यार करती हूं ? मैं तो आपकी वजह से ही इस ऑफिस में जॉब के लिए अप्लाई की थी...., प्लीज मेरे दिल मत तोड़िएगा बॉस .....| "    सेजल की नजरों में रात्रि इस वक्त वहा इनविजिबल थी l सेजल सर्वाक्ष में इतना खो गई थी कि उसे ख्याल ही नहीं रह था की केबिन में सर्वाक्ष की बीवी यानी की रात्रि भी है और वह उसे ही बेहद गुस्से से खा जाने वाली नजरों से घूर रही है l     लेकिन सर्वाक्ष का ध्यान सिर्फ रात्रि पर था l वह बिना रात्रि के नजरो में आए ही रात्रि को देख रहा था l लेकिन रातृंका गुस्सा देख अंदर ही अंदर वह भी डर रहा था l    तभी रात्रि गुस्से से उठ कर सेजल के पास आने को हुई यह देख सर्वाक्ष जल्दी से सेजल से कहा ,""_ ठीक है तुम जाओ....| "    रात्रि ने जैसे ही सर्वाक्ष का जवाब सुना उसकी कदम अपने आप ही रुक गए l वही सेजल का दिल किसी पागलों की तरह धड़कने लगा था l वह तो डर रही थी कि कहीं सर्वाक्ष उसका प्यार को ठुकरा ना दे ? लेकिन उसने उसकी बात मान कर उसे ग्रीन सिग्नल दे दिया था l       सेजल जल्दी से वहां से भाग गई क्योंकि उससे एक्साइटमेंट में वहां रुका नहीं जा रहा था l वह शर्म से पानी पानी हो रही थी l      वहीं रात्रि हैरानी से सर्वक्ष को देख रही थी l सर्वक्ष ने उस सेजल से अभी-अभी कहा क्या था ? गुस्से से रात्रि के दांत बीच गए, वह सर्वाक्ष के पास जाते हुए पूछी,""_ आपने अभी अभी उस लड़की से क्या जवाब दिया ? ठीक है ....? यह जवाब दिया आपने उसे ? "     सर्वाक्ष अपने नजरे इधर उधर दौड़ाते हुए अपना आईब्रो कुजाने लगा l रात्रि का गुस्सा देख सर्वक्ष ने हड़बड़ी में सेजल को जवाब क्या दिया ? उसे पता ही नहीं चला था l    वहीं रात्रि गुस्से से अभी भी सर्वक्ष को खा जाने वाली नजरों से घूर रही थी l सर्वाक्ष की हिम्मत कैसे हुई उस लड़की को हा कहने की ? वह अपने दोनों हाथों को गुस्से से ग्लास टेबल पर पटकते हुए बोली,""_ आपकी हिम्मत भी कैसे हुई उसे हा कहने की ? आ....आप मेरे पति हो कर...,मेरे पेट में पल रहे बच्चे के बाप हो कर किसी और की प्रपोजल को एक्सेप्ट कर लिया ? "     " क्या ...? " तभी रात्रि और सर्वक्ष को ध्रुव और रवीश, दोनों की ही हैरान भरी आवाज सुनाई दिया l      सर्वाक्ष के आंखे कसके भींच गए तो वही रात्रि मुड़ कर डोर के तरफ देख रही थी ,जहा ध्रुव और रवीश दोनों ही शोक में खड़े थे l   वह दोनों हैरानी से कभी सर्वेक्ष को देख रहे थे तो कभी रात्रि को ,उन्हे यकीन नही हो रहा था की वह अभी अभी रात्रि के मुंह से क्या सुन लिया है ?  वही सर्वाक्ष लाचारी में अपना माथा रब कर रहा था l उसे ऐसे लग रहा था की उसने सेजल को जवाब दे कर बहुत बड़ी गलती कर दिया है,उसने बेवजह अपने ऊपर मुसीबत मोल लिया था l         तभी रविश अंदर आते हुए रात्रि से पूछा ,""_भाभी....., आप यह क्या कह रही है ? "  रात्रि का चेहरा रोनी जैसा हो गया, वह रोते हुए उन दोनों के पास जा कर थोड़ी देर पहले सेजल और सर्वक्ष के बीच जो कुछ भी बातें हुई थी ,वह सब उन दोनो को बता दिया l     रात्रि की बातों पर ध्रुव और रवीश को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था क्योंकि, वह अच्छे से जानते थे की सर्वाक्ष रात्रि से कितना प्यार करता है ?     लेकिन उन दोनों ने अभी-अभी केबिन से बाहर निकलती सेजल को भी देख लिया था l वह ब्लश करते हुए भागते हुए आ कर उन दोनो से ही टकरा गई थी, जब वह उसे कुछ कहने को हुए की तभी वह शरमाते हुए भाग गई थी l   रवीश और ध्रुव दोनों ही हैरानी से एक दूसरे को देख, फिर सर्वाक्ष को देखने लगे l    रात्रि गुस्से से सर्वाक्ष को घूर रही थी जो अभी भी उसे सफाई में कुछ नही कह रहा था l रात्रि बोली,""_ रवीश भाई..,ध्रुव भाई....,इन्होंने आज उस सेजल के प्यार को एक्सेप्ट कर मुझे और मेरे बच्चे को धोका दे दिया l "    सर्वाक्ष की दांत भींच गए l वह रात्रि को धोका क्यू देता ? वह तो उससे ही प्यार करता है और यह बात यह लड़की जानते हुए भी उसका खून पी रही थी l    सर्वाक्ष रात्रि से कुछ कहने को हुआ की तभी ध्रुव उसके पास आ कर पूछा ,""_ अक्ष....,भाभी जो कुछ भी कह रही है वह सच है ? "   सर्वाक्ष अपने जगह से उठते हुए कहा ,""_ नही ध्रुव, वो....!! "  " नही..? क्या नही सर्वाक्ष? आपने अभी अभी मेरे सामने ही उस लड़की से हा कहा था l "  सर्वक्ष की बात को बीच में ही काटते हुए रात्रि ने गुस्से से चिल्लाया l तो सर्वाक्ष ने हड़बड़ाते हुए कहा ,""_ हा कहा था लेकी .......,l "   गुस्से से रात्रि के हाथों की मुट्ठी भींच गए थे l वह ध्रुव से बोली,""_ देखा भाई .....,यह कितने धोखेबाज और झूठे हो गए है l "     सर्वाक्ष चिड़ते हुए अपने आंखे बंद कर एक गहरी सांस लेने को हुआ की तभी उसके कान में एक उम्रदराज आदमी की गुस्सैल और कर्कश आवाज सुनाई दिया l        " शादी शुदा हो कर ,इस तरह की हरकत करने तुम्हे जरा भी शर्म नही आई अक्ष ? "      सर्वाक्ष झट से अपने आंखे खोल कर सामने देखा ,सामने भावेश रुकमणी के साथ खड़ा था l वह दोनो इस वक्त सर्वाक्ष बेहद गुस्से से ऐसे घूर रहे थे जैसे उसने बहुत बड़ा गुनाह किया हो l    वही भावेश और रुकमणी को देख रात्रि को रोना आ गया था l वह रोते हुए जा कर उन दोनो के गले लग गई l     क्या होगा आगे इस कहानी में ? सर्वाक्ष कैसे रात्रि के शक को दूर करेगा ?   My new novel, " deadly intentions of ceo "   यह कहानी है रूई राठौड़ की,जो हर रात एक अंधेरे कमरे में एक अंजान शेक्स का शिकार होती है l रूई को उस शक्श का नामो निशान तक नही पता लेकिन अपने बदन में उसके दिए हुए हर वह निशान और उसके बदन से मेहसूस किए वह खुश्बू , रूई को उस शक्स का इंटेंशन उसके प्रति कैसा है बयां करती थी l रूई अंधेरे रातों में एक ऐसा इंसान के जालों में फस गई थी जो उसके लिए अंजान ही था l  ऐसे में रूई को मजबूरन शादी करनी पड़ती है त्रियाक्ष अग्निहोत्री से जो शादी से पहले ही उससे दावा करता है की वह किसी और का है ,तो ऐसे में रूई की जिंदगी कोनसा मोड़ लेगा ? कोन है जो हर अंधेरे रात में उसका साथी है ? क्या है बेहद सस्पेंस से भरा हुआ इस इंटेंशन कहानी का राज ? जानने के लिए पढ़ते रहिए    "Deadly Intentions of CEO "   यह स्टोरी आप लोगो को मेरी लाइब्रेरी में ही मिल जाएगा please padhiyega जरूर     Â

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